श्रावणी मेला : कांवरिया पथ पर बिछने लगा गंगा का महीन बालू, शिवभक्तों की सुविधा के लिए युद्धस्तर पर तैयारी

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श्रावणी मेला 2026 : कच्ची कांवरिया पथ पर बिछने लगी गंगा की महीन बालू, नंगे पांव शिवभक्तों की यात्रा होगी आसान

कांवरिया पथ पर डाला जा रहा गंगा का बालू. | Prabhat Khabar Network

Shravani Mela 2026 : श्रावणी मेला 2026 के लिए बांका जिला प्रशासन एक्शन मोड में है. कांवरिया पथ पर गंगा की महीन बालू बिछाई जा रही है ताकि शिवभक्तों की यात्रा सुरक्षित और आरामदायक हो. 105 किलोमीटर की इस आस्था यात्रा के लिए 22 जुलाई तक सभी तैयारियां पूरी करने का लक्ष्य है.

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Shravani Mela 2026 : विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 की उल्टी गिनती शुरू होते ही बांका जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है. शिवभक्त कांवरियों की सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए कच्ची कांवरिया पथ पर गंगा की महीन बालू बिछाने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है.

Intro: श्रावणी मेला 2026 को लेकर बांका जिला प्रशासन तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गया है. सुल्तानगंज से बाबाधाम जाने वाले कच्ची कांवरिया पथ को श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, आरामदायक और सुगम बनाने के उद्देश्य से गंगा की महीन बालू बिछाई जा रही है. इसके साथ ही बारिश से क्षतिग्रस्त हिस्सों की भी तेजी से मरम्मत कराई जा रही है.

कटाव वाले हिस्सों की पहले हो रही मरम्मत

लगातार बारिश के कारण जिन स्थानों पर मिट्टी और बालू का कटाव या बहाव हुआ है, वहां सबसे पहले मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है. इसके बाद पथ निर्माण विभाग के संवेदक सतीश पंडित की देखरेख में पूरे कच्ची कांवरिया पथ पर गंगा की महीन बालू बिछाई जा रही है. इसका उद्देश्य यह है कि नंगे पांव यात्रा करने वाले कांवरियों के पैरों को कंकड़-पत्थरों से किसी प्रकार की चोट न पहुंचे.

कार्यपालक अभियंता कर रहे लगातार मॉनिटरिंग

जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल के निर्देश पर पथ प्रमंडल, बांका के कार्यपालक अभियंता संजीव कुमार लगातार धौरी से दुम्मा तक कच्ची कांवरिया पथ का निरीक्षण कर रहे हैं. अधिकारियों के अनुसार 22 जुलाई तक सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि मेले के शुभारंभ से पहले पूरा मार्ग पूरी तरह तैयार हो सके.

105 किलोमीटर की आस्था यात्रा

श्रावणी मेला के दौरान देश-विदेश से लाखों शिवभक्त भागलपुर के सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का पवित्र जल कांवर में भरकर लगभग 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हुए झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं. वहां श्रद्धालु द्वादश ज्योतिर्लिंगों में शामिल बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं.

धार्मिक आस्था का सबसे बड़ा पर्व

धार्मिक मान्यता है कि सावन माह में बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग पर गंगाजल अर्पित करने से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. यही कारण है कि हर वर्ष लाखों कांवरिए कठिन पदयात्रा कर बाबा धाम पहुंचते हैं. इस बार जिला प्रशासन का लक्ष्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना है, ताकि विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला सफलतापूर्वक संपन्न हो सके.

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दीपक चौधरी

लेखक के बारे में

By दीपक चौधरी

दीपक चौधरी प्रिंट माध्यम में 23 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. कटोरिया (बांका) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

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