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हवा-बारिश से खेतों में गिरी धान की फसल

Updated at : 31 Oct 2025 9:11 PM (IST)
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हवा-बारिश से खेतों में गिरी धान की फसल

क्षेत्र में अचानक आये मौसमी बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. 'मोंथा तूफान' के असर से पिछले तीन दिन से आसमान में बादल छाए रहे और ठंडी तेज हवाएं चलती रही

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पंजवारा. क्षेत्र में अचानक आये मौसमी बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. ”मोंथा तूफान” के असर से पिछले तीन दिन से आसमान में बादल छाए रहे और ठंडी तेज हवाएं चलती रही. अधिकतम तापमान में आई गिरावट के कारण लोगों को ठंड का अहसास होने लगा है. इस बदले मौसम का सबसे बुरा असर खेतों में लगी धान की फसल पर पड़ा है. बुधवार शाम से हुई तेज हवा के साथ बारिश ने खेतों में खड़ी और कटनी के लिए तैयार हो चुकी धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है. किसान बालमुकुंद मिश्रा, सुधीर रजक, सुशील साह, गनोरी मंडल, राम जी मंडल, भुदेव मंडल, महेंद्र यादव और महेश यादव सहित कई किसानों ने बताया कि मौसम के इस अचानक मिजाज ने धान की फसल पर बेहद बुरा प्रभाव डाला है, जिससे उनकी मेहनत पर पानी फिरने का डर सता रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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GOURAV KASHYAP

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