एसिड अटैक न केवल शारीरिक, बल्कि मानसिक रूप से भी है घातक अपराध

Updated at : 23 Nov 2025 6:39 PM (IST)
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एसिड अटैक न केवल शारीरिक, बल्कि मानसिक रूप से भी है घातक अपराध

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जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा रविवार को एसिड अटैक जैसे गंभीर अपराध पर जागरूकता फैलाने के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन रेफरल अस्पताल बौंसी में किया गया.

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जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने एसिड अटैक पर जागरूकता कार्यक्रम का किया आयोजन

बौंसी. जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा रविवार को एसिड अटैक जैसे गंभीर अपराध पर जागरूकता फैलाने के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन रेफरल अस्पताल बौंसी में किया गया. कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला विधिक सेवा प्राधिकार बांका के सचिव राजेश कुमार सिंह, जुडिशल मजिस्ट्रेट विजय कुमार, पैनल अधिवक्ता मो इकबाल के साथ कई अन्य लोग मौजूद थे. कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया गया. इसके बाद राष्ट्रगान से कार्यक्रम की शुरुआत की गयी. रेफरल अस्पताल के स्वास्थ्य प्रबंधक अमित कुमार, डॉ रंजन कुमार और उत्तम कुमार के द्वारा न्यायिक सेवा से जुड़े न्यायाधीशों का पुष्प गुच्छ से सम्मान किया गया.

पीड़ित को मुआवजा के साथ-साथ संवेदना देने की भी जरूरत

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डालसा के सचिव ने बताया कि एसिड अटैक पीड़ित को मुआवजा के साथ-साथ संवेदना देने की भी जरूरत है. उन्होंने बताया कि पीड़ित को न्याय मिल सके, इसके लिए डालसा के द्वारा हर तरह के उपाय किए जाते हैं. उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में पांच साल से लेकर 10 साल और आजीवन कारावास की सजा का भी प्रावधान है. पीड़ित का इलाज सरकारी अथवा गैर सरकारी संस्थान में किया जा सकता है. अगर कोई अस्पताल इलाज से इनकार करेगा तो ऐसे डॉक्टर को भी एक वर्ष की सजा जुर्माना के साथ-साथ प्राइवेट अस्पताल का लाइसेंस भी रद्द हो सकता है. कार्यक्रम में पीड़ितों के लिए उपलब्ध कानूनी सहायता, मुआवजा योजना, मेडिकल सहायता तथा एसिड की बिक्री पर नियंत्रण से संबंधित कानूनों की जानकारी दी गयी.

समय पर कार्रवाई, कानूनी जानकारी से रोके जा सकते हैं ऐसे अपराध

कार्यक्रम को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट विजय कुमार और पैनल अधिवक्ता मो इकबाल ने भी संबोधित किया. उन्होंने बताया कि एसिड अटैक न केवल शारीरिक, बल्कि मानसिक रूप से भी बेहद घातक अपराध है, जिसकी रोकथाम के लिए समाज में जागरूकता अत्यंत आवश्यक है. इस दौरान पीड़ितों को निःशुल्क कानूनी सहायता के लाभों और हेल्पलाइन सेवाओं के बारे में भी अवगत कराया. साथ ही बताया कि समय पर कार्रवाई, कानूनी जानकारी और सामुदायिक सहयोग से ऐसे अपराधों को रोका जा सकता है. धन्यवाद ज्ञापन करते हुए स्वास्थ्य प्रबंधक अमित कुमार ने ऐसे मरीजों को अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी रही और सभी ने मिलकर समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया.

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SHUBHASH BAIDYA

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