तीन सप्ताह से बंद है मंदार का रोपवे, करीब 10 लाख का हुआ नुकसान

Updated at : 02 May 2025 8:58 PM (IST)
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तीन सप्ताह से बंद है मंदार का रोपवे, करीब 10 लाख का हुआ नुकसान

तीन सप्ताह से बंद है मंदार का रोपवे, करीब 10 लाख का हुआ नुकसान

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संजीव पाठक, बौंसी

पिछले तीन सप्ताह से बंद मंदार रोपवे एजेंसी और विभागीय लापरवाही से अब तक चालू नहीं हो पाया है. चिलचिलाती धूप में पर्यटकों और सैलानियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. 12 अप्रैल को आकाशीय बिजली के कारण रोपवे के ड्राइव में खराबी आ गयी थी. जिसके कारण इसके परिचालन पर रोक लग दी गई थी. कोलकाता की कंपनी रोपवे एंड रिसोर्ट के द्वारा इसका परिचालन किया जा रहा है. कंपनी के कर्मी के द्वारा ड्राइव मरम्मति के लिए दो दिनों बाद कोलकाता भेज दिया गया था. लेकिन अब करीब 22 दिन से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी ना तो ड्राइव मरम्मत होकर यहां तक पहुंच पाया है और ना ही नये ड्राइव ही आ पाए हैं. इन दिनों मंदार भ्रमण को आए सैलानियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. गर्मी के कारण यहां घूमने आये सैलानी और मंदार के विभिन्न मंदिरों में पूजा अर्चना करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को रोपवे परिचालन नहीं होने से भारी परेशानी उठानी पड़ रही है.

रोपवे के ड्राइव पर भी उठ रहे सवाल

कंपनी के द्वारा रोपवे में आखिरकार किस तरह का ड्राइव लगाया गया है जो बार-बार खराब हो जा रहा है. एक अनुमान के मुताबिक अब तक आधे दर्जन बार रोपवे को विभिन्न कारणों से बंद किया गया है. जिसमें करीब तीन बार ड्राइव जलने के कारण बंद कर दिया गया है. 13 अप्रैल 2022 को त्रिकुट में रोपवे हादसा के बाद इसे कर्मी नहीं रहने के कारण काफी समय तक बंद कर दिया गया था. 15 अप्रैल 2024 को भी ड्राइव जल जाने के कारण इसके परिचालन पर रोक लगा दी गयी थी. पुनः इस बार भी आकाशीय बिजली की वजह से रोपवे का ड्राइव जल चुका है. जिसके कारण इसके परिचालन पर रोक लगी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि आखिरकार ड्राइव गुणवत्ता वाला नहीं लगाया जा रहा है. जिसके कारण हल्के से वज्रपात में यह खराब हो जा रहा है.

दो सप्ताह में करीब 10 लाख का नुकसान

रोपवे परिचालन बंद रहने से राजस्व का भी नुकसान हो रहा है. एक अनुमान के मुताबिक प्रतिदिन 400 पर्यटक रोपवे के जरिए पर्वत शिखर तक जाते थे. जिसके एवज में प्रति पर्यटक को मंदार तराई के लोअर स्टेशन से शिखर स्टेशन तक जाने के लिए 120 रुपया देना पड़ता है. जबकि शिखर स्टेशन से नीचे आने के लिए 70 रुपये देने पड़ते हैं. रोपवे बंद होने से मंदार में इन दिनों सैलानियों की संख्या भी कम हो गयी है और जो सैलानी आ रहे हैं वह पैदल ही पर्वत शिखर पर मजबूरी बस जा रहे हैं. ऐसे में करीब 9 से 10 लाख रुपए का भी नुकसान हो चुका है.

इस मामले में पूछे जाने पर पर्यटन विभाग के मंदार रोपवे प्रबंधक मुकेश कुमार ने बताया कि नये ड्राइव खरीद के लिए कोटेशन डाल दिया गया है. साथ ही पुराने ड्राइव की भी मरम्मती कराई जा रही है. उम्मीद है की तीन-चार दिनों में इसका परिचालन आरंभ कर दिया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SHUBHASH BAIDYA

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