शिव भक्ति के रंग में डूबे कांवरिये, सांस्कृतिक मंच पर कलाकारों ने गीत-नृत्य से बांधा ऐसा समां कि झूम उठे श्रद्धालु

Updated:
विज्ञापन

देशभक्ति गीत गाते चिरंजीव सिंह. | Prabhat Khabar Network

विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के दौरान बांका में आयोजित सांस्कृतिक संध्या ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. मां शारदा सामाजिक सांस्कृतिक समूह के कलाकारों ने शिव भक्ति और देशभक्ति से ओत-प्रोत गीतों, संगीत और नृत्यों से समां बांध दिया. गणेश वंदना से शुरू होकर 'संदेशे आते हैं' जैसे भावुक प्रस्तुतियों तक, यह शाम कांवरियों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन गई.

विज्ञापन

विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के दौरान अबरखा धर्मशाला के समीप पर्यटन विभाग, बांका के सांस्कृतिक मंच पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या श्रद्धालुओं के लिए यादगार बन गयी. मां शारदा सामाजिक सांस्कृतिक समूह, मुक्ति निकेतन कटोरिया के कलाकारों ने गीत, संगीत और नृत्य की ऐसी शानदार प्रस्तुतियां दीं कि दिनभर की यात्रा से थके-हारे कांवरिये भी देर तक झूमते रहे. शिव भक्ति से लेकर देशभक्ति तक की प्रस्तुतियों ने पूरे पंडाल को उत्साह और भावनाओं से भर दिया.

गणेश वंदना से शुरू हुई सुरमयी शाम

सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत मुक्ति निकेतन के सचिव चिरंजीव कुमार सिंह ने गणेश वंदना से की. इसके बाद समूह के कलाकारों ने एक के बाद एक आकर्षक प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं की खूब तालियां बटोरीं.

गीतकार और संगीतकार अश्विनी कुमार सिंह ने अपने चिर-परिचित अंदाज में शिव भक्ति गीत प्रस्तुत किया. उनकी प्रस्तुति पर पंडाल में मौजूद कांवरिये झूम उठे. प्रताप सिंह की निराली प्रस्तुति ने कार्यक्रम में उत्साह का रंग भर दिया, जबकि विजय कुमार डे के गीतों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया.

शिव तांडव ने बांधा ऐसा समां, देखते रह गए श्रद्धालु

कार्यक्रम में कलाकार अनु शर्मा ने भावपूर्ण नृत्य और शिव तांडव की शानदार प्रस्तुति दी. शिव की भक्ति और शक्ति को नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत करते हुए उन्होंने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया.

वहीं खुश राज ने पुराने लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति से पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं का मनोरंजन किया. कलाकारों की प्रस्तुतियों के दौरान कांवरिये लगातार भगवान शिव के जयकारे लगाते रहे और तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाते रहे.

‘संदेशे आते हैं’ ने माहौल को कर दिया भावुक

सांस्कृतिक संध्या की अंतिम प्रस्तुति ने पूरे माहौल को भावुक कर दिया. मुक्ति निकेतन के सचिव सह गायक चिरंजीव कुमार सिंह ने लोकप्रिय देशभक्ति गीत ‘संदेशे आते हैं...’ की भावपूर्ण प्रस्तुति दी.

देशभक्ति से ओत-प्रोत गीत सुनकर पंडाल में मौजूद श्रद्धालु भावुक नजर आए. प्रस्तुति समाप्त होते ही तालियों की गड़गड़ाहट और भारत माता की जय के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा. इसी भावपूर्ण माहौल में सांस्कृतिक कार्यक्रम का समापन हुआ.

स्थानीय कलाकारों की प्रतिभा ने छोड़ी खास छाप

कार्यक्रम का सफल संचालन सौरभ अश्क ने किया. आयोजन को सफल बनाने में मुन्ना कुमार, राहुल कुमार सहित मां शारदा सामाजिक सांस्कृतिक समूह के सभी सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी.

संगीत संगत में ऑरगन पर बीरू, पैड पर कृष्ण और नाल पर सुमन ने कलाकारों का साथ दिया, जबकि मुन्ना कुमार ने भी सहयोग किया. कटोरिया क्षेत्र के स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों ने साबित कर दिया कि ग्रामीण अंचल में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है.

श्रावणी मेला में देशभर से पहुंचे कांवरियों के बीच इन कलाकारों ने अपनी खास छाप छोड़ी. भक्ति, मनोरंजन और देशप्रेम से सजी यह सांस्कृतिक संध्या श्रद्धालुओं के लिए मेले की यादों में एक खास अध्याय बन गयी.


विज्ञापन
दीपक चौधरी

लेखक के बारे में

By दीपक चौधरी

दीपक चौधरी प्रिंट माध्यम में 23 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. कटोरिया (बांका) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन