खरमास, शुक्रास्त व गुरु वृद्धत्व दोष समाप्त, अब तीन फरवरी से गूंजेंगी शहनाई

माघ पूर्णिमा होने के साथ कल से फागुन माह आरंभ होगा और गत कुछ दिनों से शुभ कार्य में लगे विराम के बाद शुभ मुहूर्त एक बार फिर से शुरू हो रहा है.
फरवरी और मार्च में विवाह के कई शुभ मुहूर्त. गौरव कश्यप, पंजवारा. माघ पूर्णिमा होने के साथ कल से फागुन माह आरंभ होगा और गत कुछ दिनों से शुभ कार्य में लगे विराम के बाद शुभ मुहूर्त एक बार फिर से शुरू हो रहा है. मालूम हो कि सनातन संस्कृति, जो मानवीय मूल्यों और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित है. उसमें 16 संस्कारों का विशेष महत्व है. हिंदू धर्मावलंबियों के लिए विवाह संस्कार सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है. जिसके संपादन हेतु शुभ मुहूर्त की प्रतीक्षा अब समाप्त हो गयी है. पिछले साल 14 दिसंबर से खरमास के कारण मांगलिक कार्यों पर रोक लगी थी. हालांकि, 15 जनवरी को खरमास समाप्त हुआ, लेकिन गुरु वृद्धत्व दोष और शुक्र के अस्त होने के कारण विवाह कार्य शुरू नहीं हो सका था. जो अब कल यानी सोमवार के दिन से शुरू हो जायेगा. एक फरवरी को ”शुक्रोदय” से प्रशस्त हुआ मार्ग क्षेत्र के प्रसिद्ध आचार्य सुदर्शन झा के अनुसार, एक फरवरी की शाम 6 बजे ”शुक्रोदय” (शुक्र तारे का उदय) होने के साथ ही सभी मांगलिक कार्यों का मार्ग प्रशस्त हो गया है. इस बार 3 फरवरी को तिलकोत्सव के साथ मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो रही है, जबकि वैवाहिक लग्न का मुख्य सिलसिला 4 फरवरी से शुरू होगा. फरवरी माह में वैवाहिक मुहूर्त पंचांग के अनुसार, फरवरी माह में विवाह के लिए कई श्रेष्ठ मुहूर्त उपलब्ध हैं: 4 फरवरी: रात्रि 05:23 बजे से सुबह 07:08 बजे तक. 5 फरवरी: दिवा लग्न, गोधूलि वेला, रात्रि 10:41 से 03:14 बजे तक व सुबह 05:19 से 07:04 बजे तक. 6 फरवरी: दिवा लग्न, गोधूलि वेला और रात्रि के विभिन्न चरणों में. 10 फरवरी: रात्रि 10:21 से 12:38 बजे तक और सुबह 05:00 से 06:45 बजे तक. 12 फरवरी: रात्रि 10:14 से 02:45 बजे तक और सुबह 04:52 से 06:35 बजे तक. 19 से 25 फरवरी: इन तिथियों में रात्रि और दिवा लग्न के कई शुभ अवसर हैं. अन्य तिथियां: 8, 11, 13, 21 और 26 फरवरी को भी गोधूलि वेला में मुहूर्त रहेंगे. मार्च में विवाह के अवसर 9 मार्च: रात्रि 06:30 से 10:00 बजे तक. 11 मार्च: रात्रि 08:37 से 10:54 बजे तक और देर रात 01:00 से 04:51 बजे तक. 14 मार्च: शाम 06:03 से रात 08:16 तक और देर रात 12:49 से 02:54 बजे तक. सावधानी: इन तिथियों में वर्जित रहेंगे कार्य ज्योतिषीय गणना के अनुसार, कुछ तिथियों में दोष होने के कारण विवाह कार्य वर्जित रहेंगे फरवरी: 14 और 15 फरवरी (मृत्युबान और भद्रा दोष). मार्च: 4 मार्च (भद्रा), 5-6 मार्च (शनिवेध), 7-8 मार्च (मंगलदोष) और 13 मार्च (मृत्युबान). 14 मार्च के बाद फिर लगेगा ब्रेक 14 मार्च की रात (रात्रिशेष 03:07 बजे) सूर्य के मीन राशि में प्रवेश करते ही पुनः खरमास शुरू हो जायेगा. इसके बाद एक महीने तक मांगलिक कार्यक्रमों पर पूरी तरह से विराम लग जायेगा. अतः इस सीजन के विवाह कार्य 14 मार्च तक ही संपन्न किये जा सकेंगे.
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