रांची में सड़क हादसे में बांका के मेधावी छात्र आलोक की हो गयी मौत, वैज्ञानिक बनने का सपना रह गया अधूरा

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आलोक कुमार शर्मा का फाइल फोटो.

आलोक कुमार शर्मा का फाइल फोटो.

विज्ञान के क्षेत्र में राष्ट्रीय पहचान बनाने वाले बांका के मेधावी छात्र आलोक कुमार शर्मा का रांची में सड़क हादसे में निधन हो गया. उनके वैज्ञानिक बनने का सपना अधूरा रह गया, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है.

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चांदन (बांका) से अमरेंद्र पांडेय की रिपोर्ट

बांका जिले के चांदन बाजार स्थित गांधी चौक निवासी आलोक कुमार शर्मा (25) की रांची में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई. वह विनोद मिस्त्री और बेबी देवी के पुत्र थे. विज्ञान के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले आलोक की असमय मौत से परिवार ही नहीं, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई. उनके साथ वैज्ञानिक बनने का सपना भी हमेशा के लिए अधूरा रह गया.

पढ़ाई के लिए रांची में रह रहे थे आलोक

परिजनों के अनुसार आलोक शर्मा उच्च शिक्षा के लिए रांची में रहकर पढ़ाई कर रहे थे. इसी दौरान वह सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए. गंभीर अवस्था में स्थानीय लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. घटना की सूचना मिलते ही उनके परिजन रांची के लिए रवाना हो गए.

राष्ट्रीय स्तर पर विज्ञान में बिखेरा था प्रतिभा का परचम

आलोक कुमार शर्मा बचपन से ही विज्ञान के प्रति विशेष रुचि रखते थे. सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी प्रतिभा के दम पर बांका जिले का नाम राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया. वर्ष 2008 में उन्हें राज्य स्तर पर कई पुरस्कार मिले थे. इसके बाद वर्ष 2010 में चेन्नई स्थित वेल्स विश्वविद्यालय में आयोजित 18वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में प्रथम पुरस्कार हासिल कर उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया. विज्ञान के क्षेत्र में उनके कई नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया था.

मजदूर परिवार से निकलकर बनाई अलग पहचान

आलोक का परिवार आर्थिक रूप से बेहद साधारण था. उनके पिता विनोद मिस्त्री मेहनत-मजदूरी और लोहे का काम कर परिवार का पालन-पोषण करते थे. कठिन परिस्थितियों के बावजूद माता-पिता ने बेटे की पढ़ाई कभी नहीं रुकने दी. अपनी उपलब्धियों के बल पर आलोक ने न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरे चांदन और बांका जिले को नई पहचान दिलाई.

कोरोना काल में भी निभाई थी सामाजिक जिम्मेदारी

कोरोना महामारी के दौरान भी आलोक ने सामाजिक सरोकार का परिचय दिया था. उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों में फंसे कटोरिया और चांदन क्षेत्र के प्रवासी मजदूरों तक राशन और आर्थिक सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. उनके इस कार्य की लोगों ने काफी सराहना की थी.

क्षेत्र में शोक की लहर, लोगों ने दी श्रद्धांजलि

आलोक शर्मा के निधन की खबर से पूरे चांदन क्षेत्र में शोक का माहौल है. जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, बुद्धिजीवियों और स्थानीय लोगों ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए दिवंगत आलोक शर्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की.

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अमित कुमार सिन्हा

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By अमित कुमार सिन्हा

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