कटोरिया के विनायक राज बने Revenue Officer, चौथे प्रयास में हासिल की बड़ी सफलता

Edited by AMIT KR SINHA
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70वीं बीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले विनायक राज

BPSC Success Story: कई असफलताओं के बाद भी नहीं मानी हार, 7-8 घंटे की सेल्फ स्टडी ने विनायक राज को दिलाया बीपीएससी में शानदार मुकाम.

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कटोरिया (बांका) से दीपक चौधरी की रिपोर्ट

BPSC Success Story: बांका जिले के कटोरिया बाजार के युवा विनायक राज ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है. युवा समाजसेवी राजाराम भगत एवं विभा भगत के पुत्र विनायक राज उर्फ राजू का चयन रिवेन्यू ऑफिसर (RevenueOfficer) पद पर हुआ है. चौथे प्रयास में मिली इस सफलता ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे कटोरिया क्षेत्र को गौरवान्वित कर दिया है. परिणाम घोषित होते ही उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया.

असफलताओं को बनाया सफलता की सीढ़ी

कहा जाता है कि सफलता उन्हीं को मिलती है जो संघर्षों से हार नहीं मानते. विनायक राज की कहानी भी इसी जज्बे की मिसाल है.बीपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता पाने के लिए उन्होंने कई बार प्रयास किया, लेकिन शुरुआती असफलताओं से निराश होने के बजाय उन्होंने अपनी कमियों पर काम किया और लगातार मेहनत जारी रखी. आखिरकार चौथे प्रयास में उन्होंने अपनी मंजिल हासिल कर ली.

सेल्फ स्टडी और अनुशासन बना सफलता का आधार

प्रभात खबर से बातचीत में विनायक राज ने बताया कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता. उन्होंने प्रतिदिन सात से आठ घंटे नियमित रूप से सेल्फ स्टडी कर अपनी तैयारी को मजबूत बनाया. उनका मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए निरंतर अभ्यास, सही रणनीति, आत्मविश्वास और धैर्य सबसे महत्वपूर्ण होते हैं.

उन्होंने कहा कि तैयारी के दौरान उन्होंने समय का बेहतर प्रबंधन किया और अपने लक्ष्य पर पूरा फोकस बनाए रखा. यही कारण रहा कि कठिन प्रतिस्पर्धा के बावजूद उन्होंने सफलता हासिल की.

युवाओं को दिया तैयारी का खास मंत्र

विनायक ने अपनी सफलता का श्रेय भगवान राधा-कृष्ण, माता-पिता, गुरुजनों और मित्रों को दिया. उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को सलाह देते हुए कहा कि नियमित रिवीजन सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है. इसके साथ ही अभ्यर्थियों को पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का गहन अध्ययन करना चाहिए और समय-समय पर अपने नोट्स को अपडेट करते रहना चाहिए.

उनका कहना है कि तैयारी के दौरान धैर्य बनाए रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि निरंतर प्रयास ही अंततः सफलता तक पहुंचाता है.

परिवार और क्षेत्र में खुशी की लहर

विनायक की इस उपलब्धि पर उनके माता-पिता के अलावा चाचा अतुलेश उर्फ मुन्ना भगत, चाची नीलू भगत, किरण भगत, छोटे भाई एवं चिकित्सक डॉ. गोविंद राज, बहन परिणिता राज, खुशी राज, चचेरे भाई अर्पित राज उर्फ मोनू, हनी, काव्या और दिलीप सिंह सहित अन्य परिजनों ने खुशी जताई और उन्हें शुभकामनाएं दीं.

बधाई देने वालों का लगा तांता

परिणाम आने के बाद नगर पंचायत के चेयरमैन प्रतिनिधि ठाकुर सौरभ सिंह सहित कई गणमान्य लोग विनायक राज के घर पहुंचे और परिवार को बधाई दी. लोगों ने कहा कि विनायक की सफलता क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी. उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.

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