बांका के बौंसी में खेत और रास्ते में गिरी बिजली, कई परिवारों पर टूटा दुख का पहाड़
सिरायं और काजी कैरी गांव में मृतक को देखने के लिए लगी लोगों की भीड़ | Prabhat Khabar Network
बांका जिले के बौंसी प्रखंड में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई और पांच महिलाएं गंभीर रूप से झुलस गईं. खेतों में काम करते समय हुई इन घटनाओं से पूरे इलाके में मातम पसर गया है. मौसम के दौरान सतर्कता बरतने की अपील की गई है.
Banka News: बांका जिले के बौंसी प्रखंड और नगर पंचायत क्षेत्र में मंगलवार को बारिश के दौरान आकाशीय बिजली ने कहर बरपा दिया. अलग-अलग स्थानों पर हुए वज्रपात की घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच महिलाएं गंभीर रूप से झुलस गईं. खेतों में काम करने और घर लौटने के दौरान हुई इन घटनाओं से पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल है.
मानसून के दौरान बिहार के कई जिलों में वज्रपात की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. बौंसी की यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि बारिश के समय खेत, खुले स्थान और जलाशयों के आसपास रहना कितना जोखिम भरा हो सकता है.
सिरायं गांव में खेत जाते समय गिरी बिजली
पहली घटना बौंसी नगर पंचायत के सिरायं गांव के वार्ड संख्या 7 में हुई. गांव निवासी 70 वर्षीय सुरेश यादव खेत में काम करने के लिए जा रहे थे.
बताया गया कि पोखर के पास पहुंचते ही अचानक आकाशीय बिजली उनके ऊपर गिर गई. वज्रपात इतना तेज था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए.
दलिया गांव में धान रोपनी के दौरान महिला झुलसी
दूसरी घटना दलिया गांव में हुई, जहां कैलाश मंडल की 42 वर्षीय पत्नी माधुरी देवी धान रोपनी के लिए खेत गई थीं.
काम के दौरान अचानक वज्रपात होने से वह गंभीर रूप से झुलस गईं. परिजनों और ग्रामीणों ने उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है.
काजीकैरी गांव में महिला की मौके पर मौत
तीसरी घटना काजीकैरी गांव में हुई. यहां महफूज की 50 वर्षीय पत्नी सुफियाना खातून खेत में काम कर रहे मजदूरों के लिए नाश्ता देकर लौट रही थीं.
रास्ते में अचानक बिजली गिरने से उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई. उसी घटना में गांव की स्वर्गीय मोहम्मद इंजिल की 40 वर्षीय पत्नी नसीमा खातून भी वज्रपात की चपेट में आ गईं, जिससे उनके दोनों पैर बुरी तरह झुलस गए.
बेना मोहनपुर में तीन महिलाएं भी हुईं घायल
वज्रपात की चपेट में बेना मोहनपुर गांव की तीन अन्य महिलाएं भी आ गईं. उन्हें भी उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
नसीमा खातून का इलाज स्थानीय स्तर पर कराया जा रहा है, क्योंकि उनके गांव में नदी का पानी भर जाने और पुल की सुविधा नहीं होने के कारण उन्हें अस्पताल तक पहुंचाने में कठिनाई हुई.
परिवारों पर टूटा दुख का पहाड़
सुरेश यादव की मौत से उनकी पत्नी मनची देवी, इकलौते पुत्र जयकांत यादव और पोते सचिन, प्रीतम तथा अमन गहरे सदमे में हैं.
वहीं सुफियाना खातून के निधन से उनकी पुत्री रानी, अमुरन खातून, फैजान और फरहान सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है.
स्थानीय लोगों के अनुसार दोनों परिवारों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है.
Banka News: बारिश के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत
लगातार हो रही बारिश और वज्रपात की घटनाओं को देखते हुए ग्रामीणों से अपील की जा रही है कि मौसम खराब होने पर खेतों, खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और जलाशयों के आसपास जाने से बचें.
बौंसी की यह घटना मानसून के दौरान सतर्कता और समय पर मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की आवश्यकता को फिर से रेखांकित करती है.
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लेखक के बारे में
By संजीव कुमार
संजीव कुमार पाठक प्रिंट माध्यम में 18 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बौंसी (बांका) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.
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