बांका/रजौन. धान खरीद का लक्ष्य 18 प्रतिशत रखे जाने और खाद की किल्लत के खिलाफ भारतीय किसान संघ ने नाराजगी जताई है . सोमवार को संघ की बांका इकाई ने अपनी मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना देते हुए जिलाधिकारी के जरिए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन . संघ के पदधारियों ने नाराज़गी जताते हुए कहा है कि इससे पूर्व कृषि मंत्री, सहकारिता मंत्री और राजस्व मंत्री से मामले की गुहार लगाई गई थी, लेकिन दिया गया आश्वासन कोरा साबित हुआ. संघ ने मुख्यमंत्री के नाम दिए ज्ञापन में कहा है कि बांका में इस बार धान की अच्छी पैदावार हुई है बेहतर हुआ है यहां उत्पादन के विरुद्ध मात्र 18 फीसदी खरीद का लक्ष्य अभी तक रखा गया है जो पूरी तरह अव्यावहारिक है. संघ ने किसानों का शत-प्रतिशत धान खरीदे जाने की मांग की है. इसके अलावा, रबी मौसम में यूरिया और अन्य खाद की कालाबाजारी का मुद्दा भी जोर शोर से उठाया है. संघ का आरोप है कि खाद एजेंसियां जानबूझकर संकट दिखा रही हैं ताकि किसानों को महंगे दाम पर या नकली खाद खरीदना पड़े . सरकारी खाद प्रतिष्ठान बिस्कोमान के सेंटर पर भी कालाबाजारी ने पांव पसार लिया है जिसे खत्म करने की जरूरत है . वहीं, अंचल कार्यालयों में दाखिल-खारिज और परिमार्जन के नाम पर दलाली संस्कृति प्रभावी है कार्यों के सुस्ती पर संघ ने कड़ी आपत्ति जताई है. संघ ने चेतावनी दी है कि जिले के सभी प्रखंडों में खाद की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई और यदि सरकारी दर पर जल्द खाद उपलब्ध नहीं कराई गई, तो क्षेत्र के किसान उग्र आंदोलन के लिए बाध्य हो जाएंगे. मौके पर भारतीय किसान संघ के जिला मंत्री दयानंद सिंह, जिलाध्यक्ष विद्याधर सिंह, जिला उपाध्यक्ष धनंजय मोदी, रजौन प्रखंड मंत्री राजीव सिंह, धोरैया प्रखंड मंत्री चन्द्रहास दास, अमरपुर संयोजक अनिल सिंह और प्रांतीय सदस्य विनय कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे.
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