शंभुगंज में चार निक्षय मित्रों ने टीबी मरीजों को लिया गोद, पोषण किट बांटकर दिया नियमित इलाज का संदेश
निक्षय मित्र द्वारा यक्ष्मा मरीजों को पोषण किट देने का | Prabhat Khabar Network
शंभुगंज प्रखंड में निक्षय मित्र अभियान के तहत चार सरकारी अधिकारियों ने चार यक्ष्मा (टीबी) मरीजों को गोद लिया है. पोषण किट वितरण के साथ ही उन्होंने मरीजों के पूरी तरह स्वस्थ होने तक निरंतर सहायता का संकल्प लिया है.
Banka News: बांका जिले के शंभुगंज में शुक्रवार को निक्षय मित्र अभियान के तहत चार यक्ष्मा (टीबी) मरीजों को गोद लेकर उनके बीच पोषण किट का वितरण किया गया. बीडीओ, सीओ, आपूर्ति पदाधिकारी और राजस्व अधिकारी ने मरीजों के पूरी तरह स्वस्थ होने तक पोषण सहायता उपलब्ध कराने का संकल्प लिया. स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि प्रखंड में 122 टीबी मरीजों का इलाज चल रहा है और नियमित दवा तथा संतुलित पोषण से यह बीमारी पूरी तरह ठीक हो सकती है.
टीबी जैसी बीमारी से लड़ाई केवल दवा से नहीं, बल्कि सही पोषण और सामाजिक सहयोग से भी जीती जाती है. इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए बांका जिले के शंभुगंज प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में शुक्रवार को निक्षय मित्र अभियान के तहत चार यक्ष्मा मरीजों के बीच पोषण किट का वितरण किया गया.
कार्यक्रम में चार सरकारी अधिकारियों ने चार टीबी मरीजों को गोद लिया और उनके पूरी तरह स्वस्थ होने तक लगातार पोषण किट उपलब्ध कराने का संकल्प लिया. इस पहल का उद्देश्य मरीजों को उपचार के दौरान पोषण संबंधी सहायता देकर उनकी रिकवरी को तेज करना है.
चार अधिकारियों ने चार मरीजों को लिया गोद
निक्षय मित्र अभियान के तहत बीडीओ प्रभात केसरी, सीओ जुगनू रानी, आपूर्ति पदाधिकारी भूपेंद्र कुमार और राजस्व अधिकारी अभय कुमार ने एक-एक यक्ष्मा पीड़ित को गोद लिया.
अधिकारियों ने मरीजों से बातचीत कर उन्हें नियमित रूप से दवा लेने, चिकित्सकीय सलाह का पालन करने और उपचार बीच में न छोड़ने की सलाह दी. उन्होंने भरोसा दिलाया कि इलाज की पूरी अवधि के दौरान पोषण सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.
पोषण किट में क्या-क्या मिला?
वितरित पोषण किट में मरीजों को छह किलोग्राम चावल, एक-एक किलोग्राम चना, मूंग दाल, अरहर दाल, सोयाबीन तथा आधा किलोग्राम हार्लिक्स सहित अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री दी गई.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि टीबी मरीजों के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार बेहद जरूरी होता है, क्योंकि इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और दवाओं का असर बेहतर होता है.
शंभुगंज में 122 टीबी मरीजों का चल रहा इलाज
यक्ष्मा पर्यवेक्षक हिमांशु शेखर ने बताया कि शंभुगंज प्रखंड क्षेत्र में वर्तमान में लगभग 122 यक्ष्मा मरीजों का इलाज चल रहा है.
उन्होंने कहा कि निक्षय मित्र अभियान का उद्देश्य केवल पोषण किट देना नहीं, बल्कि मरीजों को मानसिक और सामाजिक सहयोग भी उपलब्ध कराना है, ताकि वे उपचार बीच में न छोड़ें और पूरी तरह स्वस्थ हो सकें.
समय पर दवा और पोषण से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है
अस्पताल के स्वास्थ्य प्रबंधक अमित कुमार पंकज ने कहा कि पहले यक्ष्मा को राजरोग के नाम से जाना जाता था, लेकिन अब यह पूरी तरह उपचार योग्य बीमारी है.
उन्होंने बताया कि समय पर दवा का नियमित सेवन, संतुलित पोषण और आवश्यक परहेज अपनाने से टीबी मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकते हैं. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि शंभुगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से कई मरीज सफलतापूर्वक उपचार पूरा कर स्वस्थ जीवन जी रहे हैं.
कार्यक्रम के दौरान मरीजों को टीबी संबंधी गाइडलाइन, पोषण, दवा सेवन और सावधानियों की विस्तृत जानकारी भी दी गई.
Banka News: स्वास्थ्य विभाग ने की जागरूकता बढ़ाने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, वजन कम होना, बुखार या कमजोरी जैसे लक्षण हों, तो तुरंत जांच कराएं.
कार्यक्रम में स्वास्थ्य प्रबंधक अमित कुमार पंकज, यक्ष्मा पर्यवेक्षक हिमांशु शेखर, टीएमभी अटल झा, डाटा एंट्री ऑपरेटर रंजन राज, जीविका दीदी वंदना कुमारी सहित कई स्वास्थ्यकर्मी और प्रखंड कर्मी उपस्थित रहे.
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लेखक के बारे में
By ठाकुर विनोद कुमार
ठाकुर विनोद कुमार प्रिंट माध्यम में 15 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. शंभूगंज (बांका) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों में रुचि रखते हैं.
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