कटोरिया में वन विभाग का ऐलान, हाथी, तेंदुआ और जंगली सूअर से नुकसान होने पर मिलेगा सरकारी मुआवजा

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जागरूकता कार्यक्रम में उपस्थित लोग | Prabhat Khabar Network

वन विभाग बांका ने कटोरिया में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर वन्यजीवों से होने वाले नुकसान पर सरकारी सहायता योजना की जानकारी दी. हाथी, तेंदुआ, भालू जैसे जंगली जानवरों से जान, पशुधन, मकान और फसल को नुकसान होने पर सरकार आर्थिक मदद करेगी. पशुधन, मकान और फसल के लिए अलग-अलग मुआवजा राशि का प्रावधान है.

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Banka News: बांका जिले के कटोरिया में वन विभाग ने जनप्रतिनिधियों को वन्यप्राणियों से होने वाले नुकसान पर मिलने वाली सरकारी सहायता राशि की जानकारी दी. जागरूकता कार्यक्रम में बताया गया कि हाथी, तेंदुआ, भालू, नीलगाय, जंगली सूअर समेत कई वन्यजीवों से जान, पशुधन, मकान और फसल को नुकसान होने पर सरकार आर्थिक सहायता देती है. ग्रामीणों से समय पर सूचना देकर योजना का लाभ लेने की अपील की गई.

अगर आपके खेत की फसल हाथी या जंगली सूअर ने बर्बाद कर दी, या किसी वन्यप्राणी के हमले में आपका पालतू पशु मारा गया, तो अब आर्थिक नुकसान का पूरा बोझ आपको अकेले नहीं उठाना पड़ेगा. बिहार सरकार ऐसी घटनाओं में प्रभावित लोगों को सहायता राशि उपलब्ध कराती है.

इसी उद्देश्य से शुक्रवार को बांका जिले के कटोरिया वन परिक्षेत्र कार्यालय परिसर में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें कटोरिया और चांदन प्रखंड के बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया. कार्यक्रम की अध्यक्षता कटोरिया वन परिक्षेत्र के रेंजर विवेकानंद गोस्वामी ने की.

वन्यप्राणियों से होने वाले नुकसान पर मिलेगी आर्थिक राहत

कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गैर-वन क्षेत्रों में बाघ, तेंदुआ, हाथी, भालू, भेड़िया, लकड़बग्घा, मगरमच्छ, जंगली कुत्ता और अन्य वन्यप्राणियों के कारण होने वाली क्षति पर सरकार की ओर से निर्धारित प्रावधान के तहत सहायता राशि दी जाती है.

अधिकारियों ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक राहत देना नहीं, बल्कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना और प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता पहुंचाना भी है.

गाय, भैंस, बकरी और सूअर के लिए अलग-अलग सहायता राशि

वन विभाग ने पशुपालकों के लिए भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की. यदि वन्यप्राणियों के हमले में पालतू पशु की मृत्यु हो जाती है, तो सरकार की ओर से निर्धारित मुआवजा दिया जाता है.

गाय या भैंस की मृत्यु पर 24 हजार रुपये, भेड़ या बकरी की मृत्यु पर 4800 रुपये और सूअर की मृत्यु पर 7200 रुपये की सहायता राशि का प्रावधान है.

ग्रामीण क्षेत्रों में पशुधन आजीविका का प्रमुख साधन होता है, इसलिए यह योजना किसानों और पशुपालकों के लिए काफी राहत देने वाली मानी जा रही है.

मकान और फसल को नुकसान होने पर भी मिलेगा मुआवजा

वन विभाग के अनुसार हाथी, गौर और गैंडा जैसे बड़े वन्यप्राणियों से मकान को नुकसान पहुंचने पर क्षति के प्रकार के आधार पर 12 हजार रुपये से लेकर 96 हजार रुपये तक सहायता राशि दी जा सकती है.

वहीं हाथी, नीलगाय और जंगली सूअर द्वारा फसल नष्ट किए जाने की स्थिति में 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक सहायता राशि का प्रावधान है.

यह जानकारी विशेष रूप से उन किसानों के लिए महत्वपूर्ण है, जिनकी फसलें वन्यजीवों के कारण बार-बार प्रभावित होती हैं.

समय पर सूचना देना जरूरी

कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों से अपील की गई कि वे अपने-अपने पंचायत और गांव में इस योजना की जानकारी व्यापक रूप से फैलाएं, ताकि किसी भी घटना के बाद प्रभावित परिवार समय पर वन विभाग को सूचना देकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत सहायता राशि प्राप्त कर सकें.

वन विभाग ने बताया कि शिकायत या अधिक जानकारी के लिए विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-345-7252 पर संपर्क किया जा सकता है.

Banka News: कई जनप्रतिनिधि और वनकर्मी रहे मौजूद

कार्यक्रम में पूर्व प्रमुख सह समाजसेवी यदुनंदन सिंह, देवासी मुखिया उर्मिला देवी, पूर्वी कटसकरा मुखिया अनिता देवी, मनिया मुखिया प्रतिनिधि राजकुमार शेखर सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे. वन विभाग की ओर से फोरेस्टर अंकित कुमार गुप्ता, चंदन कुमार मंडल, वनरक्षी राहुल रजक, सोनी कुमारी, बबीता कुमारी, योगेंद्र यादव, रिंकू कुमार और उमेश यादव ने भी भाग लिया.

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दीपक चौधरी

लेखक के बारे में

By दीपक चौधरी

दीपक चौधरी प्रिंट माध्यम में 23 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. कटोरिया (बांका) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

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