बांका सदर अस्पताल में शनिवार को अल्ट्रासाउंड सेवा बंद, प्रसव पीड़िताओं के लिए ऑनकॉल रहेंगी महिला डॉक्टर

Published by : Pratyush Prashant Updated At : 30 May 2026 7:10 AM

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सांकेतिक तस्वीर

Banka Sadar Hospital: बांका सदर अस्पताल में शनिवार को अल्ट्रासाउंड सेवा बंद रही, लेकिन प्रसव पीड़ित महिलाओं के लिए रातभर ऑनकॉल महिला चिकित्सक की व्यवस्था की गयी है. अस्पताल में 17 से अधिक डॉक्टर विभिन्न विभागों में तैनात रहे.

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बांका से नवनीत कुमार की रिपोर्ट

Banka Sadar Hospital: सदर अस्पताल बांका में शनिवार को मरीजों के इलाज के लिए व्यापक स्वास्थ्य व्यवस्था की गयी. अस्पताल में महिला ओपीडी, शिशु रोग, नेत्र, ईएनटी, सर्जरी और इमरजेंसी सहित विभिन्न विभागों में डॉक्टरों की ड्यूटी लगायी गयी. हालांकि शनिवार को अल्ट्रासाउंड सेवा बंद रही, जिससे मरीजों को कुछ परेशानी हुई. अस्पताल प्रशासन ने बताया कि आपात स्थिति में अल्ट्रासाउंड सेवा शुरू की जा सकती है.

प्रसव पीड़िताओं के लिए ऑनकॉल रहेंगी महिला चिकित्सक

अस्पताल प्रशासन के अनुसार प्रसव पीड़ित महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था की गयी है. सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक डॉ अनिता अरुण अस्पताल में मौजूद रहीं. वहीं रात 8 बजे से रविवार सुबह 8 बजे तक वे ऑनकॉल ड्यूटी पर रहेंगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सेवा उपलब्ध करायी जा सके.

दो पालियों में चला ओपीडी

सदर अस्पताल में शनिवार को ओपीडी दो पालियों में संचालित हुई. पहली पाली सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चली. पहली पाली में डॉ महेंद्र कुमार मरीजों को देख रहे थे, जबकि महिला ओपीडी में डॉ अनिता अरुण ने मरीजों का इलाज किया.

इमरजेंसी सेवा 24 घंटे जारी

अस्पताल की इमरजेंसी सेवा शनिवार को भी 24 घंटे संचालित रही. सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक डॉ दिनकर झा और दोपहर 2 बजे से रविवार सुबह 8 बजे तक डॉ दिलीप कुमार ड्यूटी पर मौजूद रहे. गंभीर मरीजों के लिए अस्पताल में अलग व्यवस्था की गयी थी.

शिशु रोग से लेकर नेत्र विभाग तक डॉक्टर मौजूद

शिशु रोग विभाग में डॉ कुमार अमिश और डॉ रविकांत मरीजों को देख रहे थे. नेत्र विभाग में डॉ गुंजन कुमार, डॉ उमेश कुमार और डॉ अंकित कुमार की ड्यूटी लगायी गयी थी. वहीं ईएनटी विभाग में डॉ विक्रम सत्यार्थी और दंत विभाग में डॉ मनोज कुमार मौजूद रहे.

फिजियोथरेपी विभाग में डॉ मणिशंकर और डॉ वकार मुस्तफा मरीजों को सेवा दे रहे थे. ब्लड सेंटर में डॉ उस्मान गनी तैनात रहे.

एसएनसीयू में तीन पालियों में ड्यूटी

एसएनसीयू में बच्चों के इलाज के लिए तीन पालियों में डॉक्टरों की ड्यूटी लगायी गयी थी. सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक डॉ कुमार अमिश, दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक डॉ कुमार अमिश और डॉ रविकांत, जबकि रात 8 बजे से रविवार सुबह 8 बजे तक डॉ रविकांत मौजूद रहे.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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