लखपुरा के विद्यालयों में पर्यावरण संरक्षण पर विशेष प्रशिक्षण, छात्रों ने सीखी रीसाइक्लिंग और पौधरोपण की तकनीक

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रीसाइक्लिंग और वृक्षारोपण का संदेश लेकर विद्यालय पहुँचा पर्यावरण जागरूकता अभियान, बच्चों ने उत्साह से लिया भाग | Prabhat Khabar Network

रीसाइक्लिंग और वृक्षारोपण का संदेश लेकर विद्यालय पहुँचा पर्यावरण जागरूकता अभियान, बच्चों ने उत्साह से लिया भाग | Prabhat Khabar Network

ग्लोबल आर्ट्स सेंटर ने लखपुरा के विद्यालयों में पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया. विद्यार्थियों को कचरा प्रबंधन, रीसाइक्लिंग और पौधरोपण का प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें कबाड़ से कलाकृतियाँ बनाना भी सिखाया गया.

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Environment Awareness: पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, रीसाइक्लिंग और पौधरोपण को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ग्लोबल आर्ट्स सेंटर के तत्वावधान में परियोजना कन्या उच्च विद्यालय, मध्य विद्यालय (बालक) तथा कन्या मध्य विद्यालय, लखपुरा में विशेष जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम का आयोजन स्वतंत्र विचारक एवं लेखक जेबियर झा ने किया, जबकि पर्यावरण कलाकार मुरली मनोहर भगत ने विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया.

कचरा प्रबंधन और रीसाइक्लिंग की दी जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग रखने, कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण, पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) तथा अनुपयोगी वस्तुओं का बेहतर उपयोग करने के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई. बच्चों को पर्यावरण संरक्षण में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका भी समझाई गई.

कबाड़ से उपयोगी कलाकृतियां बनाने का प्रदर्शन

पर्यावरण कलाकार मुरली मनोहर भगत ने प्लास्टिक, कागज, गत्ता, लकड़ी और अन्य बेकार वस्तुओं से आकर्षक एवं उपयोगी कलाकृतियां बनाकर उनका व्यावहारिक प्रदर्शन किया. उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने घर और आसपास के कचरे का सही प्रबंधन करे तथा अधिक से अधिक पौधे लगाए, तो पर्यावरण प्रदूषण को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

पौधरोपण और स्वच्छता का लिया संकल्प

प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और स्वच्छता को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया. प्रशिक्षक ने छात्रों से हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने की अपील की. कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने संदेश दिया कि "कूड़ा नहीं, संसाधन है. सूखा और गीला कचरा अलग करें, रीसाइक्लिंग अपनाएं और अधिक से अधिक पौधे लगाएं."

कुछ शिक्षकों की भागीदारी पर उठे सवाल

Environment Awareness: कार्यक्रम के दौरान परियोजना कन्या उच्च विद्यालय के अधिकांश शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी नहीं दिखी. बताया गया कि कई शिक्षक कार्यालय और बरामदे तक ही सीमित रहे, जबकि कुछ शिक्षकों ने कार्यक्रम में सहयोग करते हुए विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया.कार्यक्रम में प्रधानाचार्य कमल कान्त मंडल, प्रधानाध्यापक विद्यानंद पंडित, प्रभारी पवन मंडल, सुशील चन्द्र झा, मंतोष कुमार सिंह सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे.


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गौरव कश्यप

लेखक के बारे में

By गौरव कश्यप

गौरव कश्यप प्रिंट माध्यम में 14 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. पंजवारा (बांका) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

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