तंबाकू निषेध जागरूकता अभियान : बांका में 70 लोगों के मुंह की हुई जांच, दो मिले संदिग्ध

Published by : AMIT KUMAR SINH Updated At : 04 Jun 2026 11:08 AM

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Banka News : तंबाकू और नशे की बढ़ती लत के खिलाफ बांका सदर अस्पताल में विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया. कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने तंबाकू सेवन नहीं करने की शपथ ली, जबकि जांच शिविर में दो लोगों में मुंह के कैंसर के संदिग्ध लक्षण पाए गए.

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बांका निरंजन कुमार की रिपोर्ट

Banka News : विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर बांका सदर अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार ने की. इस दौरान तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में लोगों को जानकारी दी गई तथा नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया गया. साथ ही अस्पताल परिसर में जांच शिविर लगाकर लोगों के मुंह की स्वास्थ्य जांच भी की गई.

तंबाकू छोड़ने की दिलाई गई शपथ

कार्यक्रम में मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों, अधिकारियों और अन्य लोगों ने तंबाकू तथा नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करने की शपथ ली. वक्ताओं ने कहा कि नशामुक्त जीवन ही स्वस्थ और सुखी जीवन की आधारशिला है.

कैंसर और हृदय रोग का बड़ा कारण है तंबाकू

प्रभारी सीएस डॉ. विजय कुमार ने कहा कि तंबाकू का सेवन कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारी और श्वसन संबंधी कई गंभीर समस्याओं का प्रमुख कारण है. उन्होंने बताया कि तंबाकू का नियमित उपयोग व्यक्ति के स्वास्थ्य को धीरे-धीरे गंभीर नुकसान पहुंचाता है.

पर्यावरण को भी पहुंचता है नुकसान

डॉ. विजय कुमार ने कहा कि तंबाकू उत्पादों से निकलने वाला कचरा पर्यावरण प्रदूषण का भी बड़ा कारण बन रहा है. सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों के अवशेष मिट्टी और जल स्रोतों को प्रभावित करते हैं, जिससे पर्यावरणीय संतुलन पर भी असर पड़ता है.

युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता

कार्यक्रम में मौजूद विशेषज्ञों ने युवाओं में बढ़ रही नशे की आदत पर चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि नशे का असर केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहता, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करता है. युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशे से दूर रहने की अपील की गई.

मुंह के कैंसर पहचान के लिए लगाया गया शिविर

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान मुंह के कैंसर की पहचान को लेकर जांच शिविर भी लगाया गया. शिविर में कुल 70 लोगों की जांच की गई. जांच के दौरान दो लोगों में संदिग्ध लक्षण पाए गए, जिन्हें आगे की चिकित्सकीय जांच और उपचार के लिए सलाह दी गई.

इच्छाशक्ति से मिल सकती है नशे से मुक्ति

विशेषज्ञों ने कहा कि नशे की लत छोड़ने के लिए केवल दवा या उपचार ही नहीं, बल्कि व्यक्ति की दृढ़ इच्छाशक्ति भी जरूरी है. सही परामर्श, परिवार का सहयोग और सकारात्मक सोच नशे से छुटकारा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

बड़ी संख्या में शामिल हुए स्वास्थ्यकर्मी

कार्यक्रम में डॉ. पवन कुमार, डॉ. गजनफर अली, डॉ. प्रियंका गुप्ता, डॉ. रागिनी सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी, कर्मचारी और मरीज मौजूद रहे. सभी ने तंबाकू मुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया और लोगों को इसके प्रति जागरूक करने का संदेश दिया.

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