कुड़रो पैक्स और बौंसी व्यापार मंडल पर गंभीर आरोप, जांच के आदेश, दो दिनों में मांगा जवाब

Updated at : 15 Mar 2026 7:11 PM (IST)
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कुड़रो पैक्स और बौंसी व्यापार मंडल पर गंभीर आरोप, जांच के आदेश, दो दिनों में मांगा जवाब

बौंसी प्रखंड स्थित कुड़रो पैक्स और बौंसी व्यापार मंडल में कथित अनियमितताओं को लेकर जिला प्रशासन ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है.

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बौंसी. बौंसी प्रखंड स्थित कुड़रो पैक्स और बौंसी व्यापार मंडल में कथित अनियमितताओं को लेकर जिला प्रशासन ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है. जिला सहकारिता पदाधिकारी, बांका ने इस मामले में पैक्स अध्यक्ष/प्रबंधक से दो दिनों के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन मांगा है. जानकारी के अनुसार, आवेदक निलेश परासर ने छह फरवरी 2026 को सेवा संवाद कार्यक्रम के दौरान जिला सहकारिता पदाधिकारी को एक आवेदन देकर कुड़रो पैक्स और बौंसी व्यापार मंडल के संचालन में कई गंभीर आरोप लगाए थे. आवेदन में कहा गया है कि समिति द्वारा बिहार सहकारी सोसाइटी अधिनियम 1935 और नियमावली 1959 के कई प्रावधानों का उल्लंघन किया गया है. जिला सहकारिता पदाधिकारी के कार्यालय से 14 मार्च 2026 को पत्रांक 608 जारी कर कुड़रो पैक्स के अध्यक्ष/प्रबंधक को निर्देश दिया गया है कि आवेदक द्वारा लगाये गये सभी आरोपों पर बिंदुवार जवाब दो दिनों के भीतर उपलब्ध कराया जाए ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके. किसानों से धान खरीदने के बजाय व्यापारियों से खरीद का आरोप आवेदन में आरोप लगाया गया है कि धान अधिप्राप्ति के दौरान समिति ने किसानों से सीधे धान खरीदने के बजाय व्यापारियों से खरीद की, जिससे वास्तविक किसानों को सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल सका.

वित्तीय अनियमितता का भी आरोप

आवेदक ने समिति में वित्तीय अनियमितता का भी आरोप लगाया है. शिकायत में कहा गया है कि गोदाम निर्माण की क्रियान्वित पूंजी बकाया है तथा दलहन-तिलहन खरीद के लिए सरकार से प्राप्त राशि का निजी उपयोग किया गया. इसके अलावा ड्रायर मशीन की स्थापना नहीं की गयी और कृत्रिम ब्याज की निकासी कर निजी उपयोग करने का भी आरोप लगाया गया है. शिकायत में यह भी कहा गया है कि पैक्स की सदस्यता देने में मनमानी की गयी है. वास्तविक किसानों को सदस्य नहीं बनाया गया, जबकि ऐसे लोगों को सदस्य बना दिया गया, जिनका पैक्स के कार्यों से कोई संबंध नहीं है. आवेदक का आरोप है कि ऐसे सदस्यों को चुनाव में वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने के उद्देश्य से जोड़ा गया.

परिवारवाद का भी मामला उठाया

आवेदन में कुड़रो पैक्स में परिवारवाद का भी आरोप लगाया गया है. शिकायत के अनुसार, प्रेमशंकर सिन्हा ने अपनी रिश्तेदार को समिति का प्रबंधक बना दिया, जो झारखंड की निवासी बतायी गयी हैं. आरोप है कि प्रबंधक के स्थानीय निवासी नहीं होने के कारण समिति का संचालन बिना प्रबंधक के हो रहा है और उनके हस्ताक्षर भी कथित रूप से श्री सिन्हा द्वारा किए जाते हैं, जिसे कानूनी अपराध बताया गया है. आवेदक निलेश परासर ने जिला सहकारिता पदाधिकारी से मांग की है कि सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच कर संबंधित समिति को निलंबित किया जाए तथा दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाय.

इधर, जिला सहकारिता पदाधिकारी कार्यालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी, प्रभाकर और वरीय सहकारिता प्रसार पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार विश्वास को भी पत्र की प्रति भेजकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. अब पैक्स प्रबंधन की ओर से दो दिनों के भीतर दिए जाने वाले जवाब और प्रशासनिक जांच पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं. जिला सहकारिता पदाधिकारी जैनुल आबदीन ने बताया कि वरीय पदाधिकारी के निर्देश पर मामले की पड़ताल की जा रही है, जल्द ही मामले का खुलासा हो जायेगा.

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SHUBHASH BAIDYA

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