नववर्ष के मौके पर मंदार में लगेगा सैलानियों का जमावड़ा
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :22 Dec 2016 6:42 AM (IST)
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पौराणिक व ऐतिहासिक दृष्टिकोण से माना जाता है महत्वपूर्ण बौंसी : प्राकृतिक सौंदर्य व मनोरम वादियों से घिरे मंदार पर्वत पर हर वर्ष कि तरह इस वर्ष भी हजारों सैलानी सपरिवार घूमने व पिकनिक का आनंद लेने पहुचेंगे. हालांकि प्रखंड क्षेत्र में आधे दर्जन से अधिक जगह रमणीक व पुज्यनीय स्थल है. लेकिन जिले भर […]
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पौराणिक व ऐतिहासिक दृष्टिकोण से माना जाता है महत्वपूर्ण
बौंसी : प्राकृतिक सौंदर्य व मनोरम वादियों से घिरे मंदार पर्वत पर हर वर्ष कि तरह इस वर्ष भी हजारों सैलानी सपरिवार घूमने व पिकनिक का आनंद लेने पहुचेंगे. हालांकि प्रखंड क्षेत्र में आधे दर्जन से अधिक जगह रमणीक व पुज्यनीय स्थल है. लेकिन जिले भर के लोगों के अलावा अन्य जिले के लोगों का पसंदीदा जगह मंदार पर्वत है. मंदार पर्वत कई पौराणिक व ऐतिहासिक दृष्टिकोण से अति महत्वपूर्ण है. जहां वैसे तो प्रत्येक माह सैलानियों व श्रद्धालुओं कि भीड़ जमी रहती है.
शीत ऋतु के नवंबर माह के प्रथम सप्ताह से मार्च के प्रथम सप्ताह तक अनवरत सैलानियों का आना-जाना लगा रहता है. पुराणों के अनुसार मान्यता है कि पापहरणी सरोवर में डुबकी लगाने से पाप से मुक्ति मिलती है. मंदार पर्वत के तराई स्थित पापहरणी में मकर संक्राति के मौके पर लाखों श्रद्घालु आस्था कि डुबकी लगाते हैं. वहीं नववर्ष में भी लोग पापहरणी सरोवर में स्नान कर वहां स्थित लक्ष्मी नारायण की पूजा अर्चना कर नये साल की शुरूआत करते हैं.
मंदार पर्वत पर हैं गुफा व अन्य दार्शनिक स्थल: मंदार पर्वत पर दर्जनों ऐसे गुफाएं हैं, जहां विभिन्न धर्मावलंबियों के इष्ट देवता निवास करते हैं. और कई ऐसे पुरातत्व विभाग के प्रतिमा मौजूद है, जो सैलानियों को विशेष आकर्षित करती है. इन गुफाओं में सीता कुंड, शंख कुंड, गया कुंड सहित दर्जनों कुंड है. पर्वत पर मूर्त्तियों व भग्नावशेषों का टुकड़ा सैलानियों को आकर्षित करता है. इन सबके अलावा प्रखंड क्षेत्र के गुरूधाम, लखदीपा मंदिर, कामधेनु मंदिर, जैन मंदिर, पिपेश्वरनाथ आदि कई रमणिक व दर्शनीय स्थल है. साथ ही लक्ष्मीपुर स्थित चांदन डैम प्राकृतिक संपदा व मनोहर वादियों का अद्भुत क्षेत्र है.
प्रखंड मुख्यालय से 25 किमी दूर चांदन नदी पर स्थित लक्ष्मीपुर डैम सागर जैसे जल संग्रह कर कई रहस्यों को अपने आप में समेटे हुए हैं, जो आज भी सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करता है. प्रकृति प्रेमी व प्राकृतिक सौंदर्यता का आनंद लेने वाले कई लोग नववर्ष के मौके पर पिकनिक मनाने यहां आते हैं. डैम के आस-पास यहां काफी बड़ा पिकनिक स्पॉट है. जहां सैलानियों को प्रवास के लिए कोई मशक्कत नहीं करनी पड़ती है.
वहीं प्रखंड क्षेत्र के श्याम बाजार से 6 किमी दूर दर्जनों पहाड़ियों की श्रृंखलाओं की अपनी अलग-अलग पहचान है. मनोरम पहाड़ियों के बीचों – बीच से निकली छोटी बड़ी पानी की धारा के साथ यहां की हरियाली किसी का भी मन मोह लेती है. जिले की मसूरी कहे जाने वाली रतनसार पहाड़ पर नये साल के मौके पर लोगों द्वारा वनभोज देकर अपनी खुशियां मनाने हैं. इन सबके बीच वन विभाग के द्वारा भी इस क्षेत्र को हरियाली मिशन के तहत वृक्षारोपन कर पूरे क्षेत्र को रमणीय बना दिया गया है. पहाड़ी क्षेत्रों में कई छोटे बड़े बांध का भी निर्माण कराया गया है.
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