पीएफएमएस सिस्टम से मिलेगी प्रोत्साहन राशि
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :20 Oct 2016 5:02 AM (IST)
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बांका : जिले भर के सभी अस्पतालों में एमसीटीएस पोर्टल खराब रहने के कारण जननी बाल सुरक्षा सहित विभिन्न योजनाओं की प्रोत्साहन राशि विगत एक माह से बंद है. इसको लेकर सदर अस्पताल सहित विभिन्न अस्पतालों में इस योजना मद के कोई भी राशि लाभुकों को प्राप्त नहीं हो रहा है. जिससे इस योजना का […]
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बांका : जिले भर के सभी अस्पतालों में एमसीटीएस पोर्टल खराब रहने के कारण जननी बाल सुरक्षा सहित विभिन्न योजनाओं की प्रोत्साहन राशि विगत एक माह से बंद है. इसको लेकर सदर अस्पताल सहित विभिन्न अस्पतालों में इस योजना मद के कोई भी राशि लाभुकों को प्राप्त नहीं हो रहा है. जिससे इस योजना का लाभ लाभुकों को नहीं मिल रहा है और योजना भी प्रभावित हुई है.
पूर्व में मनरेगा योजना की तर्ज पर पीएफएमएस सिस्टम के तहत जननी बाल सुरक्षा योजना सहित विभिन्न योजनाओं के प्रोत्साहन राशि लाभुकों को दिया जा रहा था. जिससे लाभुकों को अब अनावश्यक सदर व रेफरल अस्पताल एवं पीएचसी केंद्र का दौड़ नहीं लगाना पड़ता था. इस सिस्टम के तहत लाभुकों को उनका प्रोत्साहन राशि सीधे उनके खाता में डाल दिया जाता था. जिससे लाभुक, आशा व एएनएम को भी राशि भुगतान के लिए माथापच्ची नहीं करना पडता था.
लेकिन इस योजना के लाभ के लिए पीएफएमएस सिस्टम के तहत किये जा रहे भुगतान के लिए एमसीटीएस कोड का होना अनिवार्य है़ लेकिन तकनीकी खराबी के कारण तत्काल कोड जेनरेट नहीं हो रहा है . जिससे किसी भी प्रकार का भुगतान लाभुकों को नहीं हो पा रही है.
क्या है एमसीटीएस कोड
एमसीटीएस कोड को मदर चाइल्ड टै्रकिंग सिस्टम कोड कहा जाता है़ जो 18 अंकों का होता है़ यह कोड जिस समय महिलाऍ गर्भवती होती है और वह अपना चेकअप आशा व एएनएम या आंगनवाडी केंद्रों पर जाकर करवाती है़ उस समय उनका प्रतिरक्षण कार्ड बनता है़ उसी कार्ड पर यह एमसीटीएस कोड दर्ज रहता है़ उसी कार्ड के जरिये उन्हें समय-समय पर लगने वाले टीका एवं दवा की आपुर्ति सभी सरकारी अस्पतालों से होती है़ यह प्रतिरक्षण कार्ड एवं एमसीटीएस कोड पुरे राज्य में मान्य है़
जैसे किसी महिला का प्रतिरक्षण कार्ड बांका स्थित उसके ससुराल में बना और उसकी डिलीवरी उसके मायके अन्य जिलो के सरकारी अस्पताल में हुआ तो उसी कार्ड एमसीटएस कोड को जरिये डिलीवरी वाले अस्पताल से उन्हें जननी बाल सुरक्षा योजना के तहत लाभुक को प्रोत्साहन राशि का भुगतान उसके खाते में होगा़ यदि किसी महिला का पूर्व में प्रतिरक्षण कार्ड नहीं बना है और न ही एमसीटीएस कोड है और उसकी डिलीवरी किसी सरकारी अस्पताल में हुई तो
ऐसे में उक्त महिला को एक आवेदन अस्पताल के प्रभारी के नाम से देना होगा़ जिसमें जननी बाल सुरक्षा योजना के तहत दी जाने वाले प्रोत्साहन राशि की मांग लिखी होगी़ उसके बाद उक्त आवेदन पर अंकित महिला का नाम लेबर पंजी से मिलान कर उसका एमसीटीएस कोड को जेनरेट करने के लिए अस्पताल के प्रभारी
अस्पताल स्थित डाटा सेंटर को देंगे तब उसका एमसीटीएस कोड जेनरेट होगा़ उसके बाद राशि का भुगतान उनके खाते में ट्रांसफर होगा़ उक्त सिस्टम का प्रयोग बांका के अस्पतालों में दिसम्बर 2015 से ही किया जा रहा था़ लेकिन इसे अप्रैल 2016 में जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में अनिवार्य कर दिया गया है. अब किसी भी प्रकार का भुगतान इसी सिस्टम के तहत ही किया जायेगा़
वर्तमान में नहीं हो रहा जेनरेट एमसीटीएस कोड
एमसीटीएस कोड जेनरेट करने वाला पोर्टल राज्य सरकार का है़ जो पिछले एक माह से खराब चल रहा है़ जिससे राज्य भर के किसी भी सरकारी अस्पतालों में नये मरीजों का एमसीटीएस कोड जेनरेट नहीं हो पा रहा है़ साथ ही लाभार्थियों को मिलने वाले विभिन्न योजनाओं के प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं हो पा रहा है़ क्योंकि बिना एमसीटीएस कोड के पीएफएमएस सिस्टम भुगतान नहीं करता है़ जिस वजह से पिछले एक माह से जिले भर के सभी सरकारी अस्पतालों में जननी बाल सुरक्षा योजना के प्रोत्साहन राशि सहित विभिन्न योजनाओं की राशि का भुगतान नहीं हो पा रहा है़
दो कंसलटेंट है बहाल
पीएफएमएस सिस्टम को सुचारूपूर्वक कार्य कराने को अंजाम देने के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति से जिले में दो कंसलटेंट बहाल किये गये है़ जिसका काम जिले भर के सभी अस्पतालों में लगे पीएफएमएस सिस्टम की देख-रेख करना है़ जिस भी अस्पताल के एकाउंटेंट को इसे संचालित करने में परेशानी होगी़ उसे यह कंसलटेंट उनकी समस्याओं का मौके पर सामाधान करेंगे़एमसीटीएस पोर्टल राज्य सरकार द्वारा संचालित होता है़ उक्त पोर्टल में कुछ कार्य या सुधार किया जा रहा है़ जिस वजह से यह पिछले एक माह से खराब है़ जिससे काम नहीं हो पा रहा है़ लेकिन जिन लाभुकों का पूर्व में जेनरेट एमसीटीएस कोड है उसे भुगतान किया जा रहा है़ लेकिन जिनका कोड जेनरेट नहीं हो पाया है उनका भुगतान लंबित है़ जल्द ही पोर्टल को ठीक कर लिया जायेगा. और समायानुसार प्रोत्साहन राशि का भुगतान होगा.
अमरेश कुमार, प्रबंधक, सदर अस्पताल बांका
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