सब्जी में हो रही है मिलावट
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :08 Sep 2016 5:41 AM (IST)
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सावधान. दलहन व तेलहन पदार्थों में भी अब शुद्धता नहीं इन दिनों बाजार में कई ऐसे सामग्री धड़ल्ले से बिक रही है जिसमें मिलावट होती है. मिलावट के बाद बासी चीज भी ताजी दिखने लगता है. साथ ही त्योहारों के वक्त मिलावटी सामान बेचने वालों की संख्या बढ़ जाती हैं. बांका : त्योहार में मिठाई […]
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सावधान. दलहन व तेलहन पदार्थों में भी अब शुद्धता नहीं
इन दिनों बाजार में कई ऐसे सामग्री धड़ल्ले से बिक रही है जिसमें मिलावट होती है. मिलावट के बाद बासी चीज भी ताजी दिखने लगता है. साथ ही त्योहारों के वक्त मिलावटी सामान बेचने वालों की संख्या बढ़ जाती हैं.
बांका : त्योहार में मिठाई व अन्य खाने-पीने के व्यंजन में इस तरह के मिलावट की आशंका रहती है. ऐसे में मिठाई व अन्य सामग्री को जांच कर ही खरीदारी चाहिए. इतना ही नहीं हरी सब्जी, मसाला, हल्दी, दलहन, तेलहन, फल में भी मिलावट होती है. इस मिलावटी सामान के उपयोग से कई तरह की बीमारी हो सकती है.
परबल को धोने पर पानी में निकला हरा रंग: शहर के बाबुटोला मुहल्ला की छोटी कुमारी ने बताया कि हरा परवल को धोने पर पानी में हरा रंग दिखने लगा. बाजार में कोकरी एकदम ताजा लगा, लेकिन जब घर पर धोये तो वह पीला और कई दिनों का बासी था. अलीगंज मुहल्ला की रंजू कुमारी के अनुसार सेब को अधिक ताजा बनाये रखने के लिए मोम या कैमिकल की परत डाल दी जाती है. सोनम कुमारी ने बताया कि अरहर, मसूर व मूंग दाल को धोने पर पानी का रंग उजला हो जाता है. जिस कारण कई बार धोना पड़ता है. नीतू देवी ने बताया कि कम हल्दी देने पर भी सब्जी रंग जाती है, लेकिन सब्जी बेस्वाद हो जाता है. राजरानी देवी ने बताया कि मिर्च पाउडर देखने में तो बहुत लाल लगता है, लेकिन उसमें तीखापन नहीं के बाराबर होता है. इससे लगता है कि इसमें कोई रंग की मिलावटी की गयी हो.
खाद्य पदार्थ धोने पर रंग निकले तो करें शिकायत
बाजार में बिक रहा करेला .
सिंथेटिक दूध से बनी मिठाई या खोवा के उपयोग से शरीर पर हानिकारण प्रभाव पड़ता है. इसमें कॉस्टिक सोडा, यूरिया या डिटजेंट का उपयोग किया जाता है. इस तरह की सामग्री के उपयोग करने से लीवर, किडनी व पेट से संबंधित बीमारी हो सकती है. मिलावटी सामग्री का लगातार उपयोग करने से कैंसर होने की संभावना रहती है.
डॉ अशोक कुमार सिंह, सदर अस्पताल, बांका
ऐसे होती है मिलावट
बूंदी की लड्डू बनाने में चना के बेसन में मैदा, चौरठ, मटर बेसन की मिलावट होती है, जबकि पनीर में आरा रोट, पेड़ा बनाने के लिए खोवा में सुज्जी, आरारोट के साथ अधिक चीनी मिलायी जाती है. सरसों तेल में ड्रॉप्सी मिक्स किया जाता है. जिससे तेल में झांस तो बढ़ता है, लेकिन इसका असर काफी हानिकारक होता है. शुद्ध घी में वनस्पति तेल मिलाया जाता है. ये मिलावटी घी धनबाद, कानपुर, ग्वालियर आदि स्थानों से मिक्स होकर आते है. दाल को सुरक्षित करने के लिए पोलिस किया जाता है और चावल में चमक लाने के लिए यूरिया मिलाया जाता है.
मिलावटी सामान
करेला में हरा रंग
परवल हरा रंग
ककोरी हरा रंग
धनिया पत्ता हरा रंग
सेब केमिकल
चना दाल खेसारी
अरहर दाल स्टोन पाउडर
मूंग दाल स्टोन पाउडर
मसूर दाल स्टोन पाउडर
चावल यूरिया
सरसों तेल राइस ब्रॉन या सफेद तेल
धनिया पाउडर निम्न कोटि की धनिया
हल्दी चावल के आटा में केमिकल
मिर्च पाउडर लाल रंग
कतरनी चावल सोनम में सेंट के साथ
घी वनस्पति तेल
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