गश्ती जीप में खर्च नौ लीटर मिलता है 6-7 लीटर

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पुलिस गश्ती पर इंधन कोटा का ब्रेक, एक महीने में 200 लीटर मिलता है इंधन, कैसे दौड़ेगी 24 घंटे पुलिस गाड़ीबांका. सरक२ार सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार चिंतित है. राज्य के पुलिस दल को मजबूत किया जाने का लगातार सिलसिला जारी है. क्राइम पर कंट्रोल के लिए गश्ती दल को चौकस रहने का निर्देश आलाधिकारी […]

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पुलिस गश्ती पर इंधन कोटा का ब्रेक, एक महीने में 200 लीटर मिलता है इंधन, कैसे दौड़ेगी 24 घंटे पुलिस गाड़ीबांका. सरक२ार सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार चिंतित है. राज्य के पुलिस दल को मजबूत किया जाने का लगातार सिलसिला जारी है. क्राइम पर कंट्रोल के लिए गश्ती दल को चौकस रहने का निर्देश आलाधिकारी तो देते रहते हैं, मगर थाना के अधिकारी के समक्ष उच्चाधिकारी के इस निर्देश के लगातार पालन के लिए निर्धारित खर्चे का मुसीबत सरदर्द बन जाता है. इसको लेकर अधिकारी चुपचाप पालन करने के सिवा कुछ कर नहीं पाते. इधर पुलिस वाहन के लिए सरकार द्वारा निर्धारित इंधन में पूरे महीने 24 घंटे गश्ती व छापेमारी कष्टदायक है. इसका असर क्राइम कंट्रोल पर पड़ता रहा है. जानकारी के अनुसार सरकार द्वारा थाने के पुलिस वाहन को प्रति माह 200 लीटर तेल खर्च करने की आजादी है. मगर पुलिस सूत्रों का कहना है कि क्षेत्र के गश्ती एवं छापेमारी में करीब 9 लीटर तक का प्रति दिन औसत खर्च आता है. मगर निर्धारित इंधन खपत के कोटे पर गौर किया जाय तो प्रति दिन मात्र 6 से 7 लीटर ही तेल खपत की आजादी है. ऐसे में थाने के मुख्य अधिकारी पर खर्च के बोझ का दबाव भी बढ़ जाता है. ऐसे में पुलिस के समक्ष गश्ती व छापेमारी की कि गति को बनाये रखना बेहद चुनौती पूर्ण साबित हो रहा है.

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