प्रभात इंपैक्ट : बौंसी में सात वर्षों से जमी गंदगी हटाने का अभियान शुरू

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पवड़ारामपुर गांव में जेसीबी मशीन से चल रहा सफाई अभियान

Sanitation Drive Prabhat Impact: बांका के बौसी प्रखंड के पवड़ारामपुर गांव में सात वर्षों से जमी गंदगी हटाने के लिए जेसीबी से सफाई अभियान शुरू किया गया. प्रभात खबर में प्रकाशित खबर का असर देखने को मिला.

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बौसी (बांका) से संजीव पाठक की रिपोर्ट:

Sanitation Drive Prabhat Impact : प्रखंड क्षेत्र की सिकंदरपुर पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या-4 स्थित पवड़ारामपुर गांव में शुक्रवार को वर्षों से जमा गंदगी की सफाई का कार्य शुरू कराया गया. लंबे समय से खराब सफाई व्यवस्था के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था.

सात वर्षों से बदहाल थी सफाई व्यवस्था

ग्रामीणों के अनुसार पवड़ारामपुर गांव में पिछले करीब सात वर्षों से नियमित रूप से सफाई नहीं कराई गई थी. इसके कारण गांव की गलियों, सड़कों और नालियों में गंदगी का अंबार लग गया था. कई स्थानों पर नालियां पूरी तरह जाम हो चुकी थीं, जिससे गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा था.

बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती थी, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी के साथ-साथ संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना रहता था.

खबर प्रकाशित होने के बाद शुरू हुई कार्रवाई

ग्रामीण लगातार पंचायत प्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों से सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग कर रहे थे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा था. इसी बीच प्रभात खबर में 9 जून को प्रकाशित खबर के बाद प्रशासनिक स्तर पर मामले का संज्ञान लिया गया और सफाई अभियान शुरू किया गया.

जेसीबी से शुरू हुई बड़े पैमाने पर सफाई

मुखिया अनुपमा सिंह के निर्देश पर वार्ड संख्या-5 के वार्ड सदस्य सुजीत कुमार झा की देखरेख में जेसीबी मशीन लगाकर गांव की नालियों और सड़कों के किनारे जमा गंदगी की सफाई शुरू कराई गई. अभियान शुरू होते ही ग्रामीणों में खुशी की लहर देखी गई.

ग्रामीणों ने उठाए नियमित सफाई की मांग

ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि अब गांव में नियमित रूप से सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी. उनका कहना है कि केवल एक बार अभियान चलाने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा.

लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि स्वच्छता कर्मियों की नियमित तैनाती और निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो.

स्वच्छता व्यवस्था पर उठे सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि लोहिया स्वच्छ भारत अभियान के तहत पंचायतों में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर करने के लिए कर्मियों की बहाली की गई थी, लेकिन कई पंचायतों में व्यवस्था अभी भी चरमराई हुई है.

स्थानीय लोगों ने कहा कि विभागीय उदासीनता के कारण स्वच्छता अभियान का लाभ जमीनी स्तर तक पूरी तरह नहीं पहुंच पा रहा है.

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Shruti Kumari

लेखक के बारे में

By Shruti Kumari

श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

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