औरंगाबाद में बारिश की कमी से धान की खेती पर संकट, 45 दिन पुरानी हो चुकी नर्सरी से बढ़ी किसानों की चिंता
बारिश के अभाव में परती पड़े खेत
Aurangabad News : औरंगाबाद में बारिश की कमी से धान की रोपाई ठप है। किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं, जिससे इस साल फसल उत्पादन पर गंभीर संकट मंडरा रहा है।
Aurangabad News : अच्छी बारिश नहीं होने से कुटुंबा प्रखंड सहित औरंगाबाद जिले के दक्षिणी क्षेत्र के किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है. खेतों में तैयार धान की नर्सरी 45 दिनों से अधिक पुरानी हो चुकी है, लेकिन पर्याप्त पानी के अभाव में अधिकांश खेत अब भी परती पड़े हैं. जिन किसानों के पास निजी सिंचाई के साधन हैं, उन्होंने बिजली चालित मोटर के सहारे सीमित क्षेत्र में धान की रोपाई कर ली है, जबकि अधिकांश किसान अच्छी बारिश की उम्मीद में आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं.
बूंदाबांदी से नहीं चल रहा खेती का काम
पिछले करीब दस दिनों से जिले के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश नहीं होने के कारण धान की रोपाई का कार्य लगभग ठप पड़ा है. किसानों का कहना है कि केवल बूंदाबांदी से खेती संभव नहीं है. धान की रोपाई के लिए खेतों में पर्याप्त जलभराव आवश्यक होता है, जो अब तक नहीं हो सका है.
लंबी अवधि वाली धान की किस्मों पर मंडराया खतरा
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार लंबी अवधि वाली धान की किस्मों की रोपाई का उपयुक्त समय लगभग समाप्त हो चुका है. यदि जल्द पर्याप्त वर्षा नहीं हुई तो केवल मध्यम अवधि वाली धान की किस्मों की ही रोपाई संभव हो सकेगी. इससे इस वर्ष धान उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है.
उत्तर कोयल नहर से भी नहीं मिल रही पर्याप्त सिंचाई
किसानों को उत्तर कोयल नहर परियोजना से भी अपेक्षित सिंचाई सुविधा नहीं मिल पा रही है. ऐसे में वर्षा पर निर्भर किसानों की परेशानी और बढ़ गई है. यदि शीघ्र अच्छी बारिश नहीं हुई तो जिले में धान की खेती पर गंभीर संकट गहरा सकता है.
सामान्य से काफी कम हुई बारिश : एसएसओ
औरंगाबाद के अनुमंडल सांख्यिकी पदाधिकारी ब्रजेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पिछले तीन दिनों में जिले में केवल 17.10 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जबकि सामान्य परिस्थितियों में इस अवधि में लगभग 36 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी. उन्होंने कहा कि सामान्य से कम वर्षा कृषि कार्यों के लिए चिंता का विषय है.
अगले एक-दो दिनों में हल्की बारिश की संभावना
मौसम वैज्ञानिक डॉ. अनूप कुमार ने बताया कि फिलहाल औरंगाबाद जिले के लिए भारी बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है. हालांकि मौसम पूर्वानुमान के अनुसार अगले एक-दो दिनों में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हल्की वर्षा होने की संभावना है. किसानों की उम्मीदें अब इसी संभावित बारिश पर टिकी हैं. उन्होंने यह भी बताया कि 30 से 35 दिनों से अधिक पुराने धान के बिचड़े लगाने पर उनमें पर्याप्त कल्ले नहीं निकलते, जिससे फसल की उत्पादकता प्रभावित हो सकती है.
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