औरंगाबाद में नाबालिग की अपहरण के बाद सदर अस्पताल में हंगामा, बालिग-नाबालिग के बीच फंसा मामला

Updated at : 13 Jul 2025 6:54 PM (IST)
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Bihar Crime News

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Bihar Crime: औरंगाबाद के सलैया थाना क्षेत्र की एक किशोरी का एक युवक द्वारा अपहरण करने का मामला सामने आया है. इस मामले में किशोरी के चाचा ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया है. रविवार की शाम सदर अस्पताल में उन्होंने बताया कि उनकी भतीजे एक जुलाई को अपने घर से तैयार होकर विद्यालय जाने के लिए निकली थी, लेकिन विद्यालय समाप्त होने के बाद भी वह घर नहीं लौटी.

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Bihar Crime: औरंगाबाद से एक लड़की का अपहरण किए जाने का मामला उस समय आग की तरह फैल गयी. जब परिजनों ने खोजबीन शुरू किया तो पता चला कि गांव से सवारी लेकर आने जाने वाले एक ऑटो चालक द्वारा अपहरण किया गया है. जब इसकी सूचना सलैया थाना की पुलिस को दी गई तो सलैया थाना की पुलिस ने आवेदन पर कोई विचार नहीं किया. करीब दस दिन बीत जाने के बाद सलैया थाना की पुलिस ने किसी तरह दोनों को बरामद कर लिया और थाना लाया. इसके बाद परिजनों को बुलाकर यह कहा गया कि जो आवेदन अपहरण का दिया गया है उसमें अपहृता को नाबालिग बताया गया है.

पुलिस पर आवेदन बदलवाने का आरोप

पुलिस ने परिजनों से कहा कि आवेदन को बदलकर बालिग कर दिया जाय. इसके बाद परिजनों ने आवेदन को बदलने से इनकार कर दिया. अपहृता के चाचा ने बताया कि पुलिस के अनुसार लड़की बालिक है, लेकिन जब परिजनों ने उसकी आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज पुलिस को दी तो उससे प्रतीत होता है कि वह नाबालिक है. पुलिस के पास अपहरण करने वाले युवक द्वारा एक जन्म प्रमाण पत्र दिया गया, जिसमे वह बालिग है, लेकिन परिजनों के अनुसार वह जन्म प्रमाण पत्र फर्जी है. रविवार को इसी मामले की जांच पड़ताल करने सलैया थाना की पुलिस अपहृता लड़की को लेकर सदर अस्पताल पहुंची तो मौके पर परिजन भी पहुंच गए और हंगामा करने लगे. काफी देर तक सदर अस्पताल में हंगामे के दौर चला. भारी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई. हालांकि रविवार होने के कारण जन्म प्रमाण पत्र काउंटर बंद था. इसके कारण जन्म प्रमाण पत्र किसने बनाया, इसकी जानकारी नहीं मिल सकी.

परिजन का दावा- जन्म प्रमाण पत्र फर्जी है

लड़की के चाचा ने कहा की स्कूल के सभी दस्तावेज में लड़की नाबालिक है, लेकिन थानाध्यक्ष द्वारा मेरे दस्तावेज को नहीं माना जा रहा है और कहां जा रहा है कि आवेदन में अस्पताल के जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर जन्मतिथि अंकित किया जाए जो कि वह फर्जी है. इधर इस मामले में जब सलैया थाना की पुलिस से बातचीत करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया और लड़की को साथ लेकर थाना चले गए. हालांकि इस संदर्भ में लड़की से जब बातचीत करने की कोशिश की गई तो उसने भी कुछ भी बताने से इनकार कर दिया, लेकिन सदर अस्पताल में लड़की की स्थिति को देखकर यह समझ में आया लड़की पुलिस के मेल में है और लड़का के साथ रहना चाहती है. हालांकि परिजनों ने कहा की ऐसा नहीं हो सकता है. मामला को न्यायालय तक ले जाया जाएगा.

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

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