औरंगाबाद नगर.
विरासत बचाओ संघर्ष परिषद के बैनर तले गुरुवार की शाम मशाल जुलूस के साथ आक्रोश मार्च निकाला गया. सैकड़ों की संख्या में लोग मशाल लेकर शहर के गांधी मैदान से रमेश चौक तक पहुंचे और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. महापुरुषों को उपेक्षित और अपमानित करना बंद करों, पूर्व मंत्री रामबिलास बाबू के आदम कद प्रतिमा को नगर थाने में कैद करवाने वाले दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करो और अविलंब प्रतिमा मुक्त कर पुर्नस्थापित करों आदि के नारे गूंज रहे थे. परिषद के संरक्षक व ओबरा विधायक ऋषि कुमार ने कहा कि महापुरुषों को जातियों और धर्मों के बंधन में नहीं बांधा जा सकता है. महापुरुष पूरे समाज को रास्ते दिखाते हैं, प्रेरणा देते हैं. महापुरुषों का अपमान या उपेक्षा किसी भी कीमत पर बर्दास्त नहीं किया जायेगा. परिषद के अध्यक्ष सतेंद्र यादव ने कहा कि सुनियोजित तरीके से हमारे महापुरुषों को अपमानित किया जा रहा हैं. आज जिला मुख्यालय में लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल और शहीद जगतपति कुमार की प्रतिमा लगायी गयी है, लेकिन सरकारी स्तर से देख रेख के अभाव में उपेक्षित हैं. वहीं जिला पर्षद की ज़मीन पर महान स्वतंत्रता सेनानी कुमार बद्री नारायण सिंह के नाम से मार्केट का नामकरण किया गया लेकिन आज तक उनकी प्रतिमा नहीं लगी. जिला पर्षद सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित कर बद्री बाबू की आदम कद प्रतिमा लगाएं. इसके अलावा शहीद भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉक्टर आंबेडकर, मिसाइल मैन डॉ एपीजे अब्दुल कलाम, बिहार लेनिन जगदेव प्रसाद एवं समाजवादी नेता व पूर्व विधायक महावीर प्रसाद अकेला जैसे महापुरुषों का आदम कद प्रतिमाएं लगाएं जाएं.महासचिव राधे प्रसाद, सचिव संतोष कुमार एवं प्रवक्ता संजीत कुमार, पूर्व विधायक सोम प्रकाश यादव, परिषद के उपाध्यक्ष प्रशांत सिंह राठौर, महासचिव राधे प्रसाद, सचिव संतोष कुमार, जिला पार्षद् शंकर यादव, संजीत कुमार आदि मौजूद थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

