लाल गलियारे में बजा लोकतंत्र का डंका

Published at :31 May 2016 8:29 AM (IST)
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लाल गलियारे में बजा लोकतंत्र का डंका

देव के दक्षिणी भाग में पंचायत चुनाव कराना था प्रशासन के लिए चुनौती औरंगाबाद (कार्यालय) : देव का दक्षिणी भाग लाल गलियारे के नाम से जाना जाता है. जंगल व पहाड़ों के बीच देव प्रखंड के सात पंचायत है, जहां दिन के उजाले में भी लोगों को नक्सलियों का भय सताते रहता है. यहां यह […]

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देव के दक्षिणी भाग में पंचायत चुनाव कराना था प्रशासन के लिए चुनौती
औरंगाबाद (कार्यालय) : देव का दक्षिणी भाग लाल गलियारे के नाम से जाना जाता है. जंगल व पहाड़ों के बीच देव प्रखंड के सात पंचायत है, जहां दिन के उजाले में भी लोगों को नक्सलियों का भय सताते रहता है.
यहां यह भी माना जाता है कि प्रतिबंधित नक्सली संगठन का यहां अपनी मरजी की सरकार चलती है. इस इलाके में अभी तक चुनाव का समय जब-जब आये है,तब -तब नक्सली संगठनों के द्वारा व्यवधान डालने का प्रयास किये जाते रहे है. लेकिन, इस बार तो इस लाल गलियारे में प्रशासन ने लोकतंत्र का डंका बजा कर रख दिया. पंचायत चुनाव का मतदान जिस तरह शांतिपूर्ण संपन्न हुए शायद इसकी कल्पना न तो पंचायत चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी न मतदाता और न जिला प्रशासन ने की होगी.
यहां का चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न कराना कितना जोखिम भरा कार्य था, इसका ज्वलंत उदाहरण है मगध प्रमंडल आयुक्त लियांग तुंगा को देव में आकर कैंप करना. मगध आयुक्त लगभग तीन से चार घंटे तक देव प्रखंड मुख्यालय में व्यतीत किये. इस दौरान पल-पल की जानकारी भी लेते रहे. जंगल तटीय इलाके से मिल रहे शुभ संदेश से संतुष्ट होने के बाद ही वे यहां से प्रस्थान किये.
देव की पवित्र नगरी की पवित्रता रही बरकरार : भगवान सूर्यदेव के नगरी के नाम से विख्यात देव की पवित्रता बरकरार रह गयी. पहले यह अंदेशा लगाया जा रहा था कि यहां कुछ गड़बड़िया होगी.
पुलिस और नक्सली के बीच कहीं -कहीं टकराव होंगे. लेकिन, यह सब कल्पना और अफवाह साबित होकर रह गया. न तो कहीं कोई विवाद हुए न मुठभेड़ नहीं खून खराबा और नहीं कहीं मारपीट की घटना घटी. लोगों का मनना है कि भगवान सूर्यदेव की भी कृपा प्रशासन के ऊपर रही है.
अभी तक नौ चरणों के चुनाव के मतदान तपती गरमी में हुआ. लेकिन, देव के मतदान के दिन भगवान सूयदेव के साथ-साथ इंद्रदेव की भी कृपा रही, बारिश तो नहीं हुई. लेकिन, आकाश में बादल उमड़ते घुमड़ते रहे, जिससे मौसम खुशनुमा रहा और लोग दोपहर के समय भी लाइन में लग कर मतदान किये.
जंगली इलाके में बाइक से घूमते रहे डीएम व एसपी
पंचायत चुनाव के मतदान में इस बार सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रशासन ने मोटरसाइकिल की सवारी की.देव इलाके में तो डीएम, एसपी से लेकर एसडीओ, एसडीपीओ, थानेदार, दारोगा, पोलिंग पार्टी, पेट्रोलिंग पार्टी, मतदानकर्मी मोटरसाइकिल से ही चल रहे थे. लेकिन, जिला पदाधिकारी और एसपी ने जंगल में भी मोटरसाइकिल को ही सुरक्षित सवारी माना. डीएम कंवल तनुज शायद मोटरसाइकिल चलाने का अच्छा अनुभव भी रखते हैं. तभी तो पूरे दिन स्वयं मोटरसाइकिल चलाया और देव के जंगलतटीय इलाके बांध गोरया, ढाबी पर, गंजोई, बरंडा रामपुर, केताकी, कचनपुर इलाके में पहुंचे और बेहिचक मतदान केंद्रों का निरीक्षण करते हुए मतदानकर्मियों और सुरक्षा कर्मियों के हौसले के बढ़ाया.
पोलिंग पार्टी के लौटने तक जंगल में डटे रहे डीएम
जंगल तटीय इलाकों से मतदान कर्मियों और सुरक्षा कर्मियों को सकुशल वापस लाना एक बड़ी चुनौती थी. मतदान शांतिपूर्ण संपन्न कराने के बाद जब पोलिंग पार्टी जंगलतटीय इलाके से लौटने लगी तो कई तरह की अफवाहे हवा में उड़ी, लेकिन अफवाह रूपी प्रेत को जिस तरह जांबाज जिलाधिकारी कंवल तनुज और एसपी बाबू राम ने हवा में ही उड़ा दिया शायद अफवाह उड़ाने वाले इसकी कल्पना भी नहीं की होगी. देव में तीन बजे तक मतदान हुआ. कुछ जगहों पर विलंब तक मतदान हुए. पोलिंग पार्टी को लौटने में लगभग पांच बजे गये. लेकिन डीएम-एसपी दोनों पोलिंग पार्टी लौट जाने के बाद जब संतुष्ट हो गये कि हमारी पूरी टीम सकुशल लौट गयी है तब जंगलों से निकल कर देव प्रखंड मुख्यालय पहुंचे और यहां की स्थिति की समीक्षा कर शाम के समय जिला मुख्यालय लौटे
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