नीतीश के फैसले से बदल रही गरीबों की जिंदगी
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :28 May 2016 8:06 AM (IST)
विज्ञापन

आमदनी के अधिकांश रुपये शराब पीने पर कर देते थे खर्च अब शराब के बदले घरों में आने लगे जरूरी सामान औरंगाबाद (ग्रामीण) : एक अप्रैल 2016. यह तिथि और वर्ष कई परिवारों के लिए खुशियों भरा सौगात लाया. वैसे परिवार जिनके घर सिर्फ कलह ही होता था. आज उनकी जिंदगी बदल गयी है. खासकर […]
विज्ञापन
आमदनी के अधिकांश रुपये शराब पीने पर कर देते थे खर्च
अब शराब के बदले घरों में आने लगे जरूरी सामान
औरंगाबाद (ग्रामीण) : एक अप्रैल 2016. यह तिथि और वर्ष कई परिवारों के लिए खुशियों भरा सौगात लाया. वैसे परिवार जिनके घर सिर्फ कलह ही होता था. आज उनकी जिंदगी बदल गयी है. खासकर महादलित परिवारो में बड़ा बदलाव हुआ है और आज वे शान से सब कुछ भुला कर नयी जिंदगी की शुरुआत कर चुके हैं.
औरंगाबाद शहर के भुईयां टोला सहित महादलित बस्ती में अधिकांश परिवार के लोग शराब में पूरी तरह डूबे रहते थे. जितनी उनकी आमदनी होती थी, उसका अधिकांश भाग शराब पर खर्च हो जाता था. शराब पीनेवालों को जरा सी भी फिक्र नहीं थी कि उनका एक परिवार भी है, जिसमें मां-बाप, भाई-बहन, पत्नी व बच्चे भी हैं.
लेकिन, जब एक अप्रैल से सूबे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शराबबंदी की घोषणा की तो मानो शराब में डूबी जिंदगी अचानक किनारे पकड़ने लगी. भुईयां टोला में सूरज डोम ऐसा ही एक व्यक्ति है, जिसकी जिदंगी शराब से नर्क हो चुकी थी. प्रतिदिन शौचालय व नाली सफाई में तीन से चार सौ रुपये कमा लेता था. लेकिन, सारे पैसे रात होते-होते खत्म हो जाते थे. कभी पैसा बचा तो घर के कुछ सामान खरीदा. लेकिन, घर में इस कदर कलह हो चुका थी कि सूरज का पूरा परिवार बरबादी के कगार पर खड़ा हो गया था.
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद इस परिवार में भी शराब की लत को हमेशा के लिए छोड़ने का संकल्प लिया. इसमें सूरज की पत्नी रिंकू देवी ने कारगर भूमिका निभायी. लगभग 55 दिनों से किसी भी तरह के शराब को हाथ नहीं लगाया. जब प्रभात खबर प्रतिनिधि ने भुईयां टोले में सूरज व अन्य महादलित परिवारों के घर जाकर स्थिति जानी तो पता चला कि शराब को तौबा कर चुके महादलितों की जिंदगी अब संवरने लगी है.
सूरज के साथ-साथ पत्नी रिंकू देवी भी अब मेहनत करती है. रिंकू अपनी झोंपड़ी में लगे टेबुल फैन को दिखाते हुए कहा कि अभी तो पंखा ही लिया है. धीरे-धीरे पैसे बचत कर घर के लिए जमीन खरीद कर उस पर घर बनाउंगी. बच्चों को बेहतर तालिम दिलाने का हर प्रयास करूंगी. यहां बता दें कि सूरज और रिंकू के चार बच्चे हैं, राजू, बबलू, सोनाली और रानी. ये सभी बच्चे कल तक त्रस्त रहते थे. लेकिन, आज इन लोगों ने स्कूल की राह पकड़ ली है. सुबह-सुबह पति पत्नी दोनों काम पर निकलते हैं और बच्चे स्कूल.
अब तो घर में चमचमाते हुए बर्तन, खाद्यान्न के लिए ड्राम भी आ चुके हैं. गैस चूल्हा भी जल्द आ जायेगा. भुईयां टोला और महादलित टोला में सूरज की तरह ही संजय, शिव, कैलाश, महेंद्र का परिवार है, जो आज शराब की लत को छोड़ कर गृहस्त की गाड़ी खिंचने में लग गया है. इन सभी घरों की महिलाएं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शुक्रगुजार हैं. जिन्होंने इनकी मिटती हस्ती को बचाने का काम किया है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




