हत्या में सास-ससुर को जेल
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :14 May 2016 8:32 AM (IST)
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औरंगाबाद (नगर) : जिला व्यवहार न्यायालय के अपर सत्र न्यायाधीश (तृतीय) महेंद्र प्रसाद की अदालत ने शुक्रवार को दहेज हत्या के एक मामले की सुनवाई करते हुए मृतका के सास-ससुर को सात साल की सजा सुनायी है. साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. यह फैसला नवीनगर थाना कांड संख्या 26/14 की […]
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औरंगाबाद (नगर) : जिला व्यवहार न्यायालय के अपर सत्र न्यायाधीश (तृतीय) महेंद्र प्रसाद की अदालत ने शुक्रवार को दहेज हत्या के एक मामले की सुनवाई करते हुए मृतका के सास-ससुर को सात साल की सजा सुनायी है. साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. यह फैसला नवीनगर थाना कांड संख्या 26/14 की धारा 304-बी, 201 व 34 भादवि के तहत सुनाया गया. जेल जानेवालों में नवीनगर थाने के भटवा भगली के विजय सिंह व उसकी पत्नी परनी देवी हैं.
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2012 में गुड़िया कुमारी की शादी हिंदू रीति-रिवाज के साथ भटवा भगली गांव के विजय सिंह के पुत्र अरुण सिंह के साथ हुई थी. शादी के बाद अरुण सिंह नौकरी करने राजस्थान चला गया. इसी बीच गुड़िया के ससुर विजय सिंह व सास परनी देवी उससे दहेज में सोने की चेन व 50 हजार रुपये की मांग करने लगे. दहेज नहीं देने पर 4 मार्च, 2014 को गुड़िया देवी की जला कर हत्या कर दी गयी और शव को श्मशान घाट पर जला दिया गया था. इस घटना की प्राथमिकी गुड़िया के चाचा प्रमोद कुमार के बयान पर नवीनगर थाने में दर्ज की गयी थी, जिसमें उसके सास व ससुर को आरोपित बनाया गया था. बचाव पक्ष से वकील मुखलाल सिंह व प्रमोद कुमार सिंह और एपीपी इरशाद आलम के दलीलें सुनने के बाद जज ने गुड़िया के ससुर विजय सिंह व सास परनी देवी को दोषी मानते हुए सात साल की सजा सुनाई और पांच हजार का जुर्माना भी लगाया.
जुर्माना की राशि नहीं देने पर दोनों को एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. एपीपी इरशाद आलम ने बताया कि इस घटना के बाद गुड़िया के पिता दिलीप सिंह ने आरोपित के मेल में आकर न्यायालय में उनके पक्ष में गवाही दी थी. बावजूद जज ने दोनों को सजा सुनायी.
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