बूंद-बूंद जुटाने में हौसले पस्त

Published at :04 May 2016 8:13 AM (IST)
विज्ञापन
बूंद-बूंद जुटाने में हौसले पस्त

जिले में शहर से लेकर गांवों तक पानी की भीषण किल्लत है. औरंगाबाद शहर में लगभग हर घर पानी की समस्या से जूझ रहा है, लेकिन सरकारी महकमा सुस्त है. जलसंकट से लोगों को निजात कैसे दिलाया जाये, उसका भी कोई मास्टर प्लान विभाग के पास नहीं दिख रहा. बस विभाग लंबी-लंबी योजनाएं गिनवाये जा […]

विज्ञापन
जिले में शहर से लेकर गांवों तक पानी की भीषण किल्लत है. औरंगाबाद शहर में लगभग हर घर पानी की समस्या से जूझ रहा है, लेकिन सरकारी महकमा सुस्त है. जलसंकट से लोगों को निजात कैसे दिलाया जाये, उसका भी कोई मास्टर प्लान विभाग के पास नहीं दिख रहा. बस विभाग लंबी-लंबी योजनाएं गिनवाये जा रहा है और लोग इधर पानी के लिए तड़प रहे हैं.
औरंगाबाद (सदर) : इस गरमी में औरंगाबाद शहर समेत पूरे जिले में भीषण पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है, लेकिन लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचइडी) चुस्त नहीं दिखता. अपनी सुस्त चाल के साथ पानी मुहैया कराने में जुटा विभाग लोगों को राहत नहीं पहुंचा पा रहा है. लोग एक-एक बूंद पानी के लिए तड़प रहे हैं.
सरकारी चापाकलों व बोरिंग के भरोसे औरंगाबाद शहर की आधी आबादी को जरूरत के अनुसार पानी नहीं मिल रहा है. हर दिन सुबह मे आंख खुलते ही पानी जुटाने की चिंता और देर रात तक घर का हरेक बरतन भरने में लोगों के हौसले पस्त हो जा रहे हैं. कई लोग तो अपने पास-पड़ोस
के घरों की मदद से पानी की
जरूरत को पूरा कर रहे हैं. फिर भी विभाग को शहर के लोगों की स्थिति पर तरस नहीं आ रहा है. पठानटोली व कुरैशी मुहल्ला समेत शहर के कई मुहल्ले पेयजल संकट से जूझ रहे हैं और यहां के लोगों की कोई मदद नहीं कर रहा.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन