सड़क पर डगमगाते देव अर्घ देने जायेंगे छठव्रती

Published at :29 Mar 2016 6:05 AM (IST)
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सड़क पर डगमगाते देव अर्घ देने जायेंगे छठव्रती

सूर्य नगरी देव में चैती छठ मेले की तैयारी शुरू हो गयी है. डीएम की माने तो देव पहुंचनेवाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए हर सुवि धा देने का प्रयास किया जा रहा है. वहीं, देव पहुंचने के लिए जो तीन मुख्य संपर्क पथ है उसमें दो की हालत पूरी तरह जर्जर है. करहारा-देव पथ व […]

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सूर्य नगरी देव में चैती छठ मेले की तैयारी शुरू हो गयी है. डीएम की माने तो देव पहुंचनेवाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए हर सुवि धा देने का प्रयास किया जा रहा है. वहीं, देव पहुंचने के लिए जो तीन मुख्य संपर्क पथ है उसमें दो की हालत पूरी तरह जर्जर है. करहारा-देव पथ व आनंदपुरा-देव पथ की हालत इतनी जर्जर हो गयी है कि मिनटों की दूरी घंटों में तय हो रही है.
औरंगाबाद (ग्रामीण) : सूर्य नगरी देव में चैती छठ मेले की तैयारी शुरू हो गयी है. प्रशासनिक स्तर पर व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कार्रवाई चल रही है. जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक द्वारा छठ मेले को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए हर प्रयास शुरू कर दिया गया है.
डीएम की माने तो देव पहुंचनेवाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए हर सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है. किसी भी हाल में छठ व्रतियों को परेशानियों से नहीं गुजरने दिया जायेगा. ये तो बात हुई डीएम की. लेकिन, इन बातों से अलग हट कर देखें तो देव पहुंचने के लिए जो तीन मुख्य संपर्क पथ है उसमें दो की हालत पूरी तरह जर्जर हो गयी है. देव मोड़ -देव पथ की स्थिति बेहतर है. लेकिन, करहारा-देव पथ और आनंदपुरा-देव पथ की हालत इतनी जर्जर हो गयी है कि मिनटों की दूरी घंटों में तय हो रही है.
महज 12 किलोमीटर की दूरी तय करने में इस बार छठ व्रतियों को पसीने छूट जायेंगे. सच कहा जाये तो हिचकोले खाते इन दोनों पथों से गुजरना मुश्किल भरा काम है. चार दिवसीय पवित्र छठ मेले की शुरुआत देव में 11 अप्रैल से हो रही है. इस बार चैती छठ में अनुमान लगाया जा रहा है कि 10 लाख से ऊपर श्रद्धालु भगवान भास्कर को अर्घ देने पहुंचेंगे. वैसे हर बार छठ व्रतियों की संख्या यहां सात से आठ लाख के बीच होती है. ऐसे में इन दोनों सड़कों से होकर गुजरना छठ व्रतियों को परेशानी में डाल सकता है.
हालांकि, जिलाधिकारी ने तीन दिन पूर्व एक बैठक कर संबंधित विभाग के पदाधिकारी को निर्देश जारी किया है कि देव जानेवाले सभी पथों की मरम्मत कराना सुनिश्चित करें. यहां बता दें कि प्रत्येक वर्ष चैती और कार्तिक छठ मेले के दौरान पदाधिकारियों द्वारा संपर्क पथों को सुदृढ़ बनाने के लिए निर्देश दिया जाता है.
लेकिन, विभाग के पदाधिकारी इस पर अमल नहीं करते हैं. अब देखना यह है कि छठ व्रतियों का रास्ता सुगम होता है या हिचकोले खाते पथ से ही इस बार काम चलाना पड़ सकता है.
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