गरीब मरीजों के भरोसा पर खरा नहीं उतर रहा सदर अस्पताल

Published at :29 Dec 2015 6:48 PM (IST)
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गरीब मरीजों के भरोसा पर खरा नहीं उतर रहा सदर अस्पताल

गरीब मरीजों के भरोसा पर खरा नहीं उतर रहा सदर अस्पतालमहीनों से नहीं हैं दवाएंबाहर से महंगी दवाएं खरीदने को मजबूर हैं परिजन (फोटो नंबर-24)कैप्शन- सदर अस्पताल(लीड) औरंगाबाद (नगर)स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार लाने के लिए सरकार ने कई तरह की योजना चला रही है ताकि गरीब मरीजों को सुलभ व सस्ता चिकित्सीय सुविधा मिल […]

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गरीब मरीजों के भरोसा पर खरा नहीं उतर रहा सदर अस्पतालमहीनों से नहीं हैं दवाएंबाहर से महंगी दवाएं खरीदने को मजबूर हैं परिजन (फोटो नंबर-24)कैप्शन- सदर अस्पताल(लीड) औरंगाबाद (नगर)स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार लाने के लिए सरकार ने कई तरह की योजना चला रही है ताकि गरीब मरीजों को सुलभ व सस्ता चिकित्सीय सुविधा मिल सके. लेकिन इस जिले में स्वास्थ्य विभाग का हाल काफी बुरा है. महिलाओं को तो सिजेरियन ऑपरेशन होने की बात दूर की है, दर्द, बुखार, खांसी की भी दवा मरीजों को नहीं मिल पा रहा है. इसमें सरकार की लापरवाही कम पदाधिकारियों की लापरवाही ज्यादा दिखती है. पिछले एक माह से सदर अस्पताल में एंटी रैबीज की सूई, बुखार, दर्द, खांसी, आयरन, कैल्सियम जैसी जीवन रक्षक दवाइयां नहीं है. गरीब परिवार के मरीज भरोसे के साथ सदर अस्पताल में प्रत्येक दिन इलाज कराने के लिए सैकड़ों की संख्या में पहुंच रहे हैं. घंटों की कतार में खड़े होकर इलाज करा रहे हैं और जब चिकित्सक पुरजा पर दवा लिख रहे तो दवा लेने के लिए मरीज दवा काउंटर पर पहुंच रहे तो सिर्फ उन्हें एक एंटीबायोटिक दवा देकर लौटा दिया जा रहा है कि यहां पर दवा नहीं है. सिर्फ एंटीबायोटिक दवा ही उपलब्ध है. इससे मरीजों को निजी दवा दुकानों से मूल्य रेट से ज्यादा पैसे देकर दवा खरीद करनी पड़ रही है. और जो मरीज पर्याप्त पैसा लेकर नहीं आते हैं वे नाराज होकर अपने घर लौटने पर विवश हैं. सांसद, विधायक, डीएम का निर्देश फेल : सदर अस्पताल में दवा की कमी के कारण हर दिन हो रहे हंगामे को देखते हुए सांसद सुशील कुमार सिंह, विधायक आनंद शंकर सिंह व डीएम कंवल तनुज ने पहले ही दवा की खरीदारी करने का निर्देश सिविल सर्जन व सदर अस्पताल उपाधीक्षक को दी थी. बावजूद अब तक दवा की खरीदारी नहीं की गयी है. जो आनेवाले दिनों में ये घटना का बड़ा कारण भी बन सकता है. अस्पताल के ओपीडी में 33 प्रकार की दवाइयां रखनी है, जिसमें अभी चार दवाइयां ही उपलब्ध है. दवा की नहीं हुई खरीद इस संबंध में उपाधीक्षक तपेश्वर प्रसाद ने बताया कि दवा की कमी है, दवा की खरीदारी मेरे स्तर से नहीं बल्कि वरीय पदाधिकारी के स्तर से किया जाता है. बीच में दवा खरीदने के लिए फाइल बढ़ाया था लेकिन औषधि निरीक्षक ने विवाद उत्पन्न कर दिया, जिसके कारण अभी तक दवा की खरीदारी नहीं हो सकी है. जल्द होगी दवा की खरीद इस संबंध में सिविल सर्जन डाॅ आरपी सिंह ने बताया कि दवा खरीदारी के लिए क्रय समिति की बैठक की गयी है, जिसमें 30 लाख रुपये तक की दवा खरीदने का निर्णय लिया गया है. जल्द ही दवा की खरीदारी कर ली जायेगी. रही बात एंटी रैबीज की तो यह स्थानीय स्तर पर इसकी खरीदारी नहीं होती है, पटना से आपूर्ति की जाती है. 15 हजार इंजेक्शन की मांग मैंने की थी, जिसमें मात्र ढाई सौ ही इंजेक्शन मिला. इसलिए कमी तो रहेगी ही.

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