किसान विरोधी या जनविरोधी प्रवृत्ति का व्यक्ति नहीं हूं : सांसद

Published at :29 Dec 2015 7:43 AM (IST)
विज्ञापन
किसान विरोधी या जनविरोधी प्रवृत्ति का व्यक्ति नहीं हूं : सांसद

औरंगाबाद कार्यालय : रविवार को मदनपुर में भूमि अधिग्रहण संघर्ष समिति के बैनर तले सांसद पर किये गये हमले पर औरंगाबाद के सांसद सुशील कुमार सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. सांसद ने कहा है कि मैं कहीं से किसान विरोधी या जनविरोधी प्रवृति का व्यक्ति नहीं हूं. मैं स्पष्ट कहना चाहता हूं कि हर […]

विज्ञापन
औरंगाबाद कार्यालय : रविवार को मदनपुर में भूमि अधिग्रहण संघर्ष समिति के बैनर तले सांसद पर किये गये हमले पर औरंगाबाद के सांसद सुशील कुमार सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. सांसद ने कहा है कि मैं कहीं से किसान विरोधी या जनविरोधी प्रवृति का व्यक्ति नहीं हूं.
मैं स्पष्ट कहना चाहता हूं कि हर बात के लिए राजनीति नहीं होनी चाहिए. विकास व सुविधा, जनसुरक्षा के मामले को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए. मैं जानना चाहता हूं कि मेरा कौन से कदम से किसे कष्ट हुआ है. अगर उन्हें कोई कष्ट भी हुआ है तो हम उनके जनप्रतिनिधि है. वे हमें बतायें या फिर मैं स्वयं उनसे कब और कहां मिलूं, ताकि उनके मन के भीतर जो आशंकाएं हैं वह दूर हो सके. वैसे मेरा स्पष्ट कहना है कि मैंने केंद्र सरकार को छह पथीय निर्माण के संबंध में जो भी सुझाव दिये हैं वह लोगों के सुझाव के आधार पर हैं.
इसके बावजूद किसी को कोई आपत्ति है तो मैं उनका राय जानना भी चाहूंगा. जहां तक औने-पौने कीमत के आधार पर मुआवजा भुगतान देने और लेने की बात है. इस संबंध में मैं कहना चाहूंगा कि सभी लोग जानते है कि भू-अर्जन के मामले में फिलहाल कानून में विद्यमान प्रावधानों के आधार पर जमीन मकान की कीमत निर्धारण करने का अधिकार राज्य सरकार के अधीन जिला प्रशासन का होता है.
यदि दर के निर्धारण में लोगों को आपत्ति है तो एक जनप्रतिनिधि होने के नाते मैं हमेशा चाहूंगा की कानून के दायरे में किसानों को जमीन का अधिक से अधिक मुआवजा मिले. मैने पहले भी प्रयास किया है कि राष्ट्रीय राज मार्ग संख्या दो का दिल्ली से कोलकाता तक छह पथीय कार्य शीघ्र पूरा हो. इसके लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य जल्द संपन्न होना चाहिए. क्योंकि जब मुआवजे का भुगतान हो जाता है, तभी भू-अर्जन कार्य संपन्न माना जाता है.
वैसे मदनपुर में जीटी रोड की चौड़ाई छह पथीय सड़क निर्माण के क्रम में बढ़ाये जाने पर बाइपास निर्माण का कोई प्रस्ताव विभाग को नहीं था. मकानों व दुकानों को तोड़कर चौड़ाई बढ़ाने की बात थी, जिससे सड़क के दोनों ओर सैकड़ों मकान -दुकान टूट जाते. मेरे सुझाव पर ही उस समय बिना मकान-दुकान तोड़े उतरी पथ निर्माण का प्रस्ताव तैयार हुआ था,जो बाद में यह प्रस्ताव बदल कर बाइपास निर्माण की बात हुई.
सांसद ने अपने विचार को पूरी तरह स्पष्ट करते हुए कहा है कि मैं किसी का अहित नहीं चाहता. लोगों के सुझाव के आधार पर ही जाने-अंजाने यदि किसी को लगता है कि उनका नुकसान हो सकता है तो मैं उस पर पुर्नविचार को तैयार हूं. लोगों को अपना अलग-अलग मत होता है, मेरा इरादा किसी को नुकसान करने का न रहा है न रहेगा.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन