ठंड का प्रभाव बढ़ा, नहीं जले अलाव

Published at :20 Dec 2015 6:56 PM (IST)
विज्ञापन
ठंड का प्रभाव बढ़ा, नहीं जले अलाव

ठंड का प्रभाव बढ़ा, नहीं जले अलाव दिनभर पछुआ हवा चलने से रविवार को न्यूनतम तापमान आठ डिग्री पर पहुंचा औरंगाबाद कार्यालयठंड का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है. दिन भर पछुआ हवा चलने से शीतलहर की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. इससे मौसम का मिजाज काफी ठंडा हो गया है. रविवार की सुबह औरंगाबाद में […]

विज्ञापन

ठंड का प्रभाव बढ़ा, नहीं जले अलाव दिनभर पछुआ हवा चलने से रविवार को न्यूनतम तापमान आठ डिग्री पर पहुंचा औरंगाबाद कार्यालयठंड का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है. दिन भर पछुआ हवा चलने से शीतलहर की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. इससे मौसम का मिजाज काफी ठंडा हो गया है. रविवार की सुबह औरंगाबाद में न्यूनतम तापमान आठ डिग्री रहा है. अधिकतम तापमान 20 के करीब है. रविवार को चली ठंडी हवाओं से तापमान में और गिरावट आने की संभावना है. वैसे ठंड से किसी की मौत की प्रशासनिक पुष्टि नहीं है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ लोग ठंड के प्रभाव से अपना जान जरूर जा चुकी है. शहर में भी रह रहे लोग ठंड के प्रभाव से प्रभावित हो रहे हैं, खासकर गरीब व कमजोर वर्ग के लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. झुग्गी झोंपड़ी में रहनेवाले लोग तो काफी परेशान हैं. रिक्शा चालक, फुटपाथ पर जीवन बसर करनेवाले सबसे अधिक प्रभावित हैं. इनका एक मात्र सहारा इस मौसम में अलाव होता है, लेकिन अभी तक जिला प्रशासन या नगर पर्षद द्वारा शहर में अलाव की व्यवस्था नहीं की है. कूलनवस्त्र भी लोगों में नही बांटे गये हैं. जबकि ऐसे लोग उम्मीद भरी निगाहें से प्रशासन की तरफ देख रहे हैं. शाहपुर जनता धर्मशाला में रात गुजारने वाला रिक्सा चालक पुरण का कहना है कि जब आदमी की जान चली जायेगी, तब अलाव जला कर प्रशासन क्या करेगा. रामाबांध बस स्टैंड के यात्री धर्मशाला में रात गुजारने वाला एक फुटपाथी व्यवसायी रजनीकांत ने कहा कि पूरी रात जग कर व्यतित करते हैं. ठंड का प्रकोप सहन करना मुश्किल हो चुका है. इसी यात्री धर्मशाला में उमेश राम भी रहकर रात गुजारजा है. इसका भी दर्द यही है. सभी लोगों की निगाहें प्रशासन की ओर है, लेकिन प्रशासन अभी तक आंख मूंद कर बैठी है. जल्द होगी वैकल्पिक व्यवस्था : एसडीओ सदर अनुमंडल पदाधिकारी सुरेंद्र प्रसाद ने भी कहा कि ठंड का प्रकोप बढ़ा है और बढ़ते ही जा रहा है. इसमें गरीब व कमजोर वर्ग के लिए जो भी वैकल्पिक व्यवस्था हो सकती है आपदा राहत कोष से किया जायेगा. उन्होंने कहा कि शीघ्र ही मै जिला पदाधिकारी से मिलकर विचार-विमर्श करूंगा और अलाव जलाने के साथ-साथ कंबल वितरण किया जायेगा.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन