660 स्कलों में एमडीएम बंद

Updated at :22 Feb 2015 4:55 AM
विज्ञापन
660 स्कलों में एमडीएम बंद

खाद्यान्न के अभाव में बच्चों को नहीं मिला रहा मध्याह्न् भोजन विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति पर पड़ रहा असर बच्चों व अभिभावकों के हंगामे से शिक्षक परेशान औरंगाबाद (कोर्ट) : सरकारी विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा मध्याह्न् भोजन (एमडीएम) योजना चलायी गयी थी. ताकि बच्चों की उपस्थिति में वृद्धि […]

विज्ञापन
खाद्यान्न के अभाव में बच्चों को नहीं मिला रहा मध्याह्न् भोजन
विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति पर पड़ रहा असर
बच्चों व अभिभावकों के हंगामे से शिक्षक परेशान
औरंगाबाद (कोर्ट) : सरकारी विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा मध्याह्न् भोजन (एमडीएम) योजना चलायी गयी थी. ताकि बच्चों की उपस्थिति में वृद्धि हो सके. इसका लाभ भी देखने को मिला. बच्चों की संख्या बढ़ने लगी. लेकिन, फिलहाल जिले में खाद्यान्न के अभाव में 660 विद्यालयों में पिछले कई दिनों से मध्याह्न् भोजन ठप है.
मध्याह्न् भोजन बंद होने का कारण जो भी हो मगर सरकार द्वारा चलायी जा रही इस अतिमहत्वकांक्षी योजना के लाभ से सैकड़ों स्कूली बच्चे फिलहाल वंचित हैं. इससे विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति पर भी प्रभाव पड़ रहा है. बल्कि सच्चई यह भी है कि जिन विद्यालयों में मध्याह्न् भोजन बंद है, वहां बच्चों की उपस्थिति काफी कम हो गयी है. कुछ बच्चे यदि विद्यालय पहुंच भी रहे हैं तो दोपहर बाद किताब-कॉपी लेकर घर लौट जा रहे हैं. जानकारी के अनुसार, जनवरी व फरवरी का खाद्यान्न का आवंटन एफसीआइ द्वारा जिला में नहीं किया गया है.
इस कारण 660 विद्यालयों को चावल उपलब्ध नहीं हो पाया, जिसके कारण इन विद्यालयों का चूल्हा ठंडा पड़ गया है. शिक्षक लगातार चावल आपूर्ति करने वाले ठेकेदार के मोबाइल पर चावल आवंटन कराने के लिए लगातार संपर्क कर रहे हैं, लेकिन ठेकेदार द्वारा चावल उपलब्ध नहीं होने की बात बतायी जा रही है. कई शिक्षकों ने नाम नहीं छापने के शर्त पर बताया कि चावल विभाग द्वारा उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है, जिसके कारण विद्यालयों में मध्याह्न् भोजन बंद है. इसके कारण विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे व उनके अभिभावक हंगामा कर रहे हैं. इस स्थिति में हमलोग लाचार हैं.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन