कम दाम के स्टांप का अभाव, आमलोगों की जेब पर पड़ रहा है अतिरिक्त बोझ
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 09 Jul 2019 6:46 AM
विज्ञापन
औरंगाबाद शहर : औरंगबाद में कम दामों के नॉन ज्यूडिशियल स्टांप की इन दिनों कमी हो गयी है. इससे विधिक कार्य प्रभावित हो रहा है, वहीं छात्रों समेत आमलोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है. जिले में 10, 20, 50 व 100 रुपये तक के स्टांप नहीं मिल रहे हैं. ऐसा नहीं है […]
विज्ञापन
औरंगाबाद शहर : औरंगबाद में कम दामों के नॉन ज्यूडिशियल स्टांप की इन दिनों कमी हो गयी है. इससे विधिक कार्य प्रभावित हो रहा है, वहीं छात्रों समेत आमलोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है.
जिले में 10, 20, 50 व 100 रुपये तक के स्टांप नहीं मिल रहे हैं. ऐसा नहीं है कि यह किल्लत एक-दिनों पहले से हुई है. बल्कि, एक महीने से अधिक समय से 10 से 100 रुपये तक के स्टांपों का टोटा चल रहा है. ऐसी स्थिति में लोगों की जेबों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है. 100 रुपये के स्टांप के लिए 500 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं.
इन कार्यों के लिए स्टांप की होती है जरूरत : नॉन ज्यूडिशियल स्टांप की जरूरत कई कार्यों में होती है. सूचना का अधिकार हेतु आवेदन के लिए 10 या 20 रुपये के स्टांप की जरूरत होती है. लेकिन, यह उपलब्ध नहीं होने की वजह से लोग बैंक ड्राफ्ट या पोस्टल ऑर्डर से काम चला रहे हैं. हालांकि, लोगों के लिए ये थोड़ा मुश्किल होता है. जबकि, देखा जाये तो बिहार सरकार के कोष को सीधे तौर पर एक तरह से नुकसान हो रहा है.
दूसरा उदाहरण यह भी है कि अभी सभी शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन का समय है, जिसमें छात्रों से कई तरह के शपथ पत्र मांगे जाते हैं. अभिभावक और छात्र को एंटी रैंगिंग से जुड़ा एफिडेविट भी देना पड़ता है. परंतु, स्टांप की उपलब्धता नहीं होने के कारण बड़ी समस्या उत्पन्न हो रही है. इसके अलावा भी कई अन्य कार्यों में एफिडेविट करने में स्टांप की आवश्यकता होती है.
क्या कहते हैं अधिकारी
100 रुपये और इससे कम दामों के स्टांप की कमी पटना में भी है. जिला में उपलब्धता के लिए अधिकारियों को लिखा गया है. प्राप्त होते ही कोर्ट में उपलब्ध करा दिया जायेगा.
रामप्रवेश यादव, ट्रेजरी पदाधिकारी, औरंगाबाद
लोगों की राय
10, 20, 50 व 100 रुपये के स्टांप नहीं होने खास कर छात्र-छात्राओं को नामांकन व किसी प्रकार के एफिडेविट देने में तीन के बदले तेरह खर्च करना पड़ रहा है. जो सक्षम छात्र हैं उन्हें तो कोई दिक्कत नहीं है.
देवकांत कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता
औरंगाबाद कोर्ट में छोटे मूल्यों का नॉन ज्यूडिशियल स्टांप न मिलना दुर्भाग्य है. इससेआम जनों को काफी परेशानी हो रही है. 50 व 100 रुपये के स्टांप के बदले 500 रुपये के स्टांप से काम चलाया जा रहा है.
बिरजा प्रसाद सिंह, वरीय अधिवक्ता
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










