पेयजल संकट से जूझ रहे लोग, पानी के लिए कर रहे रतजगा, प्रशासन को कोई फिक्र नहीं
Updated at : 08 May 2019 7:55 AM (IST)
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औरंगाबाद नगर/रफीगंज : जिले में जल स्तर नीचे चले जाने के कारण पेयजल के संकट से लोग जूझ रहे हैं. शहर से लेकर गांव तक पेयजल के लिए त्रस्त हैं. सभी जल स्रोत जवाब दे चुके हैं. इस कारण पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है. शहर के कई मुहल्लों में पेयजल के लिए लोगों […]
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औरंगाबाद नगर/रफीगंज : जिले में जल स्तर नीचे चले जाने के कारण पेयजल के संकट से लोग जूझ रहे हैं. शहर से लेकर गांव तक पेयजल के लिए त्रस्त हैं. सभी जल स्रोत जवाब दे चुके हैं. इस कारण पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है.
शहर के कई मुहल्लों में पेयजल के लिए लोगों को रतजगा करना पड़ रहा है. आधी रात के बाद से ही लोग पानी की तलाश में इधर-उधर भटकना शुरू कर देते हैं. नदी, तालाब आदि सूख जाने के कारण पक्षियों को भी प्यास बुझाना मुश्किल हो गया है.
अब न तो पहले की तरह कुएं का प्रचलन है और नहीं जगह-जगह पर तालाब ही हैं. ऐसे में पक्षियों को प्यास बुझाने के लिए परंपरागत जल स्रोत नदी, पोखर, झील आदि की आवश्यकता पड़ती है. लेकिन जिले से गुजरने वाली सभी नदियां लगभग सूख चुकी हैं. ऐसे में पक्षियों की प्यास भी नहीं बुझ रही है.
ग्रामीण इलाकों में भी पेयजल के लिए मचा हाहाकार: ग्रामीण इलाके में भी पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है. पानी भरने के लिए आधी रात से ही चापाकल पर लाइन लगा कर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है. रफीगंज के कुछ वार्डों में ऐसा देखा जा सकता है.
सरकार द्वारा पेयजल के लिए चलायी गयी विभिन्न योजनाएं इस भीषण गर्मी में नाकाफी साबित हो रही है. पूर्व उपमुख्य पार्षद हरेंद्र कुमार ने बताया कि रफीगंज शहर में 16 वार्ड है, जिसमें लगभग 150 चापाकल लगाये गये हैं. इसमें अधिकांश खराब हैं.
वार्ड नंबर एक, दो व तीन में तो और ही भयावह स्थिति है. इस संबंध में कार्यपालक पदाधिकारी सिंधु कमल ने बताया कि पीएचईडी विभाग को चापाकल सहित पेयजल समस्या को दूर करने की जिम्मेवारी दी गई थी. लेकिन इनके द्वारा इस ओर कोई भी कार्य नहीं किया गया. जल्द ही खराब पड़े चापाकल का मरम्मत करायी जायेगी. साथ ही पेयजल समस्या को दूर करने के लिए पहल की जायेगी.
मलहारा विद्यालय में पेयजल संकट गहराया
हसपुरा . प्रखंड के समता इंटर हाईस्कूल मलहारा में चापाकल सूखने से पेयजल संकट गहरा गया. हाईस्कूल गांव से लगभग आधा किलोमीटर दूर दक्षिण में है. विद्यालय गांव से दूर है. प्यास बुझाना मुश्किलों भरा काम हो गया है. विद्यालय में 822 छात्र-छात्राओं का नामांकन है,जहां पानी पीने के लिए एक चापाकल है.
भीषण गर्मी आते ही वह भी सूख गया. चापाकल सूखने से छात्र-छात्राओं के समक्ष समस्या उत्पन्न हो गयी. पेयजल की समस्या को लेकर हेडमास्टर कुलदीप चौधरी ने हसपुरा बीडीओ को पत्र लिखकर शीघ्र बंद पड़े चापाकल को चालू कराने की मांग की है.
पीएचइडी ने की चलंत पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था
नवीनगर . प्रखंड के मझीयांवा पंचायत के घिरसिंडी गांव मे पेयजल की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों के बिच लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण प्रमंडल ने चलंत पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था की है. इसके तहत टैंकर से पानी वितरण किया जा रहा हैं . इससे बुंद -बुंद पानी के लिए तरस रहे लोगो को अब बहुत हद तक राहत मिली है .
पीईएचइडी के कनिय अभियंता ह्रदय कुमार ने बताया कि पेयजल संकट से जुझ रहे लोगो को पानी पहुंचाने के लिए चलंत पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था की जा रही है . गांव मे टैंकर से पानी आपूर्ति किया जा रहा है. गर्मी के तपिश से भू-जल नीचे खिसकता जा रहा है .इससे पेयजल की समस्या उत्पन्न हो रही है .
इस समस्या से निबटने के लिए ही यह पहल किया किया गया है. लोगो को सुबह और शाम पानी दिया जायेगा. पानी के सदुपयोग के प्रति ग्रामीणों को जागरुक भी किया जा रहा है कि वे पानी को बर्बाद नहीं करें . मौके पर पीएचइडी कर्मचारी रघुनाथ ठाकुर, सर्वजीत ठाकुर, भगवान सिंह समेत कई अन्य लोग मौजूद थे.
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