करोड़ों का राजस्व देनेवाले स्टेशन पर सुविधाओं का अभाव
Updated at : 02 Aug 2018 3:58 AM (IST)
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प्रतिदिन श्री सीमेंट फैक्टरी व एफसीआई की लगती है रैक स्टेशन पर बने शौचालयों की ओर रुख करने से भी कतराते हैं लोग वेटिंग रूम में न तो पंखा और न ही खिड़कियों में शीशे औरंगाबाद सदर : गया- मुगलसराय रेलखंड पर स्थित अनुग्रह नारायण रोड रेलवे स्टेशन की स्थापना ब्रिटिश काल में हुई थी. […]
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प्रतिदिन श्री सीमेंट फैक्टरी व एफसीआई की लगती है रैक
स्टेशन पर बने शौचालयों की ओर रुख करने से भी कतराते हैं लोग
वेटिंग रूम में न तो पंखा और न ही खिड़कियों में शीशे
औरंगाबाद सदर : गया- मुगलसराय रेलखंड पर स्थित अनुग्रह नारायण रोड रेलवे स्टेशन की स्थापना ब्रिटिश काल में हुई थी. कहने को तो इस स्टेशन को ए ग्रेड का दर्जा हासिल है लेकिन यहां की व्यवस्था सी ग्रेड से भी बदतर है. स्टेशन पर पहुंचते ही रेल यात्रियों का गंदगी से सामना होता है. यहां न तो कायदे से बैठने की और न ही पेयजल व खान-पान की बेहतर व्यवस्था. प्लेटफाॅर्म पर महिला और पुरुष के लिए दो शौचालय बने हैं लेकिन उन शौचालयों का उपयोग करना तो दूर उस ओर जाने से भी लोग कतराते हैं.
शौचालयों में गंदगी भरी हुई है. जिससेे निकलनेवाली दुर्गंध स्टेशन पर बैठनेवाले लोगों का जीना मुहाल कर देती है. प्लेटफाॅर्म पर बैठे किसी व्यक्ति को अगर शौच महसूस हो तो उन्हें स्टेशन से बाहर सड़क किनारे खुले सहारा लेना पड़ता है. प्लेटफाॅर्म पर यात्रियों के लिए प्रथम श्रेणी व द्वितीय श्रेणी के प्रतिक्षालय बने हुए हैं. द्वितीय श्रेणी के प्रतीक्षालय में न एक पंखा है और न ही किसी खिड़की में शीशा. वहीं प्रथम श्रेणी के प्रतिक्षालय की स्थिति भी दयनीय है. प्रतिक्षालय के शौचालय में गंदगी का अंबार है. स्नानागार के नल टूटे हैं. जिससे हमेशा बूंद-बूंद पानी गिरता रहता है.
मालवाहक वाहनों से सरकार को राजस्व
वर्ष रैक की संख्या वजन किराया
2015-16 243 6273090 555638054 रुपये
2016-17 310 7188205 565489154 रुपये
2017-18 241 6476721 446015470 रुपये
2018-19 110 3103050 181777812 रुपये -जून तक.
स्टेशन प्रबंधक के कार्यालय में जब प्रभात खबर की टीम पहुंची तो पाया कि स्टेशन प्रबंधक के कक्ष में छत से कार्यालय के अंदर पानी टपक रहा था और कार्यालय गीला हो रखा था. प्रबंधक से जब इस विषय में बात की गयी तो उन्होंने बताया कि काफी समस्या हो रही है. ठेकेदारों की लापरवाही के कारण यह स्थिति बनी हुई है. बरसात का पानी कार्यालय में जगह-जगह पर टपकता रहता है,जिससे परेशानी होती है.
ट्रेनों की भी किल्लत
स्टेशन को ग्रेड ए का दर्जा तो मिल गया, पर स्टेशन पर आज भी ट्रेनों की किल्लत है. अनुग्रह नारायण रोड के बगल का स्टेशन भभुआ रोड को ग्रेड बी का दर्जा मिला है,पर वहां अनुग्रह नारायण रोड से अधिक ट्रेनें रुकतीं है. अनुग्रह नारायण रोड पर प्रमुख ट्रेन जैसे अजमेर सियालदह, चंबल एक्सप्रेस, नंदनकानन एक्सप्रेस,गरबा एक्सप्रेस, कालका मेल के अलावा इस रूट से तीन राजधानी एक्सप्रेस गुजरती है, लेकिन इनमें से किसी का भी अनुग्रह नारायण स्टेशन का ठहराव नहीं होता है. पूर्व में सांसद सुशील कुमार सिंह द्वारा इन ट्रेनों के ठहराव के लिए आवाज उठायी गयी है, पर अब तक इन ट्रेनों का ठहराव नहीं होता है.
क्या है स्टेशन पर राजस्व का लेखा-जोखा
अनुग्रह नारायण रोड स्टेशन से सरकार को करोड़ों की आमदनी होती है. रेल अधिकारियों का कहना है कि बड़े स्टेशनों के बराबर अनुग्रह नारायण रोड सरकार को राजस्व प्रदान करता है. यहां प्रतिदिन श्री सीमेंट फैक्टरी व एफसीआई की रैक लगती है. इसके अलावे केवल यात्री टिकट की बिक्री से यह स्टेशन रेलवे को प्रतिमाह करोड़ों का राजस्व देता है. इसके बावजूद यह स्टेशन मूलभूत सुविधाओं से वंचित है.
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