नीचे खिसका जलस्तर, पानी की बढ़ी किल्लत

Updated at : 08 Jun 2018 5:46 AM (IST)
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नीचे खिसका जलस्तर, पानी की बढ़ी किल्लत

अब तक की गर्मी में 17 फुट नीचे गिरा जल स्तर औरंगाबाद सदर : इन दिनों शहर के भू-जलस्तर में तेजी से गिरावट दर्ज की गयी है. लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण के एसडीओ गजेंद्र पासवान की मानें तो अप्रैल के बाद से भू-जलस्तर अब तक करीब 17 फुट नीचे उतर गया है. कई इलाकों में जल […]

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अब तक की गर्मी में 17 फुट नीचे गिरा जल स्तर

औरंगाबाद सदर : इन दिनों शहर के भू-जलस्तर में तेजी से गिरावट दर्ज की गयी है. लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण के एसडीओ गजेंद्र पासवान की मानें तो अप्रैल के बाद से भू-जलस्तर अब तक करीब 17 फुट नीचे उतर गया है. कई इलाकों में जल का स्तर इससे भी नीचे पहुंच चुका है. इसके चलते बोरिंग में पानी आना कम हो गया है. आधे से अधिक बोरिंग पूरी तरह फेल हो चुके हैं. लोगों को बोरिंग की गहराई बढ़ाने के लिए हजारों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं. हालात यह है कि शहर में औसतन 120 फुट की बोरिंग भी फेल हो रही है. जल स्तर नीचे गिरने से सरकारी चापाकल व बोरिंग बंद हो चुके हैं. इतना ही नहीं घरों में लगे चापाकलों से भी पानी काफी कम निकल रहा है. पानी की इस भयंकर किल्लत में होटल वाले आरो प्लांट का सहारा ले रहे हैं. इन दिनों आरो प्लांट वालों की खूब चल रही है. शहर में धड़ल्ले से पानी का व्यापार फल फूल रहा है. वैसे विभाग की माने, तो पानी की बर्बादी भी इसकी एक बड़ी वजह है.
सार्वजनिक नल बना सहारा
शहर के कुरैशी मुहल्ले में सड़क किनारे एक सार्वजनिक नल है. इस नल से रोजाना सुबह-शाम सैकड़ों लोग अपने दैनिक उपयोग के लिए पानी संचित करते हैं. रात भर जगने के बाद मुहल्ले के लोग चार बजे एक साथ पांच-सात बाल्टी के साथ पहुंच जाते हैं. मुहल्ले के लोग बताते हैं कि घर तक पानी नहीं पहुंच रहा है और घर के आसपास लगे चापाकल का जल स्तर नीचे चले जाने से सूख गया है. इस कारण सार्वजनिक नल से पानी ले जा रहे हैं. नल से पानी गिरना शुरू होता है, तो आधा घंटा तक गंदा व बदबूदार पानी आता है. इसके बाद साफ पानी मिलता है. पठान टोली, टिकरी मुहल्ला, नावाडीह व ठाकुरबाड़ी रोड आदि इलाकों की है.
सप्लाई के पानी की नहीं है व्यवस्था
शहर के एक-दो मुहल्लों को छोड़ दिया जाये, तो इतने बड़े शहर में कहीं भी सप्लाई का पानी मुहैया नहीं कराया जाता है. शहर में 15 प्रतिशत लोगों को ही सप्लाई का पानी मिल पा रहा है. शहर की जनसंख्या लगभग एक लाख 25 हजार है, पर नगर पर्षद के क्षेत्र में मकानों में सप्लाई का पानी मुहैया नहीं कराया जाता है. शहर के सत्येंद्र नगर, विराटपुर, क्षत्रिय नगर, शाहपुर, कथरूआ, योद्धा नगर, रामाबांध, नागाबिगहा व श्रीकृष्ण नगर में सप्लाई पानी की व्यवस्था नहीं है. साथ ही इन मुहल्लों में सार्वजनिक नल भी नहीं है. सत्येंद्र नगर निवासी आनंद वैभव, योद्धा नगर निवासी दिनेश पांडेय, श्रीकृष्ण नगर निवासी रोशन शर्मा व जयनंदन पांडेय ने बताया कि जलस्तर घट जाने से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. बोरिंग फेल हो जाने के कारण दिन भर में घर में लगा टंकी भर रहा है.
सदर प्रखंड के फेसर में कई सरकारी चापाकल सूखे पड़े है. वहीं ओबरा प्रखंड के खुदवां,रामनगर ,मनोरा व चंदा इत्यादि कई गांव में सरकारी चापाकल खराब एवं सूखा पड़ा हुआ है.
क्या कहते हैं नगर पर्षद अध्यक्ष
नगर पर्षद अध्यक्ष उदय गुप्ता ने बताया का कि पूरे शहर के हर वार्ड में नल जल योजना के तहत पाइप बिछाकर जलापूर्ति कराना है. उन्होंने बताया कि फिलहाल शहर के करीब पांच वार्डों में पाइप बिछाने का कार्य किया जा रहा है. जानकारी देते हुए अध्यक्ष ने कहा कि पूरे शहर में 12 जलमीनार बनाया जाना है,जिसमें से एक जलमीनार दानी बिगहा बस स्टैंड के पास बनाया गया है, बाकी 11 जलमीनारों को भी जल्द ही बना लिया जायेगा. उन्होंने बताया कि अगले साल तक सारे योजना के कार्य लोगों को दिखने लगेंगे और उन्हें सुविधा होगी.
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