ePaper

अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है दुर्गापूजा

Updated at : 19 Oct 2015 6:56 PM (IST)
विज्ञापन
अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है दुर्गापूजा

अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है दुर्गापूजा करपी (अरवल) : दुर्गापूजा के पवित्र मौके पर वंशी प्रखंड के सोनभद्र गांव में आयोजित धार्मिक अनुष्ठान में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए प्रसिद्ध कथा वाचक शांतुन जी महाराज ने कहा कि अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक दुर्गापूजा है. आज समाज में अशांति […]

विज्ञापन

अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है दुर्गापूजा

करपी (अरवल) : दुर्गापूजा के पवित्र मौके पर वंशी प्रखंड के सोनभद्र गांव में आयोजित धार्मिक अनुष्ठान में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए प्रसिद्ध कथा वाचक शांतुन जी महाराज ने कहा कि अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक दुर्गापूजा है. आज समाज में अशांति फैलाने का मुख्य कारण मानसिक अशांति है.

धार्मिक प्रवचन सुनने से लोगों को मानसिक शांति मिलती है. समाज में शांति के लिए धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन अति आवश्यक है. धार्मिक अनुष्ठान से लोगों को सदबुद्धि आती है शांतिऔर विकास का मार्ग प्रशस्त होता है. कथा सुनने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ रही है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन