नौ वर्षीय पुत्र ने दी पिता को मुखाग्नि, AK 47 की गोली चलने से हुई थी कॉन्स्टेबल पवन की मौत

By Prabhat Khabar Digital Desk
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अरवल : मुजफ्फरपुर में एएसपी पूर्वी अमितेश कुमार के 36 वर्षीय बॉडीगार्ड पवन कुमार के खुद के सर्विस राइफल एके-47 से गोली लग जाने से मौत हो जाने के बाद रविवार की देर रात करीब 12 बजे पार्थिव शरीर उनके पैतृक आवास अरवल जिले के कुरथा थाना क्षेत्र के लारी गांव पहुंचा. पवन का पार्थिव शरीर लारी गांव पहुंचते ही मातमी सन्नाटा पसर गया. मृत जवान के पार्थिव शरीर की एक झलक पाने को हर कोई बेताब दिख रहा था.

सोमवार की सुबह करीब नौ बजे पवन कुमार के पार्थिव शरीर को लारी गांव स्थित तालाब के समीप बने श्मशान घाट लाया गया, जहां कॉन्स्टेबल पवन का दाह संस्कार किया गया. कांस्टेबल पवन कुमार के नौ वर्षीय पुत्र अनिवेश कुमार ने पिता को मुखाग्निदी. मासूम के हाथों पिता को मुखाग्नि देता देख श्मशान घाट पर मौजूद परिजनों और ग्रामीणों की आंखें नम हो गयीं.

मालूम हो कि कॉन्स्टेबल पवन कुमार 19 फरवरी, 2008 को बिहार पुलिस में बहाल हुए थे. 20 दिसंबर, 2018 से मुजफ्फरपुर जिला बल में उनकी तैनाती की गयी थी. पोस्टमार्टम के बाद पुलिस लाइन में मृत जवान को शोक सलामी दी गयी. मुजफ्फरपुर पहुंचने पर पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया. जिस बैरक में घटना हुई, उसे सील कर दिया गया है. राइफल भी कमरे में ही पड़ी थी. एफएसएल टीम की जांच के बाद राइफल को जब्त किया जायेगा.

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पवन कुमार रविवार की सुबह नौ बजे ड्यूटी जाने के लिए तैयार हो रहे थे. उन्होंने वर्दी और जूते पहन रखे थे. बैरक में वे अकेले थे. बाहर दूसरे अंगरक्षक समस्तीपुर रोसड़ा के सरोज कुमार दाढ़ी बना रहे थे. अन्य गार्ड मैदान में धूप सेंक रहे थे. अचानक गोली चलने की आवाज आयी. सरोज बैरक के अंदर गये, तो देखा पवन बिछावन पर गिरे हैं. सिर से खून निकल रहा है. गोली उनकी गर्दन को छेदती हुई सिर के आर-पार हो चुकी थी. कमरे में कुछ पिलेट्स भी बिखरे हुए थे. अन्य पुलिसकर्मी समेत एएसपी भाग कर मौके पर पहुंचे. पवन को तुरंत एसकेएमसीएच ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने देखते ही मृत घोषित कर दिया.

पवन के साथियों ने कहा कि वह हंसमुख प्रवृत्ति के थे. चेहरे पर कभी तनाव नहीं दिखता था. खुद खुश रहना और दूसरों को खुश रखना उसकी आदत थी. पुलिस के वरीय अधिकारी ने कहा कि खुदकशी करने की बात अभी जल्दबाजी होगी, क्योंकि घटना के दौरान वह बैरक में अकेले थे. हो सकता है हथियार साफ करने के दौरान मिसफायर होने से गोली लगी हो.

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