आहर व पोखर के अस्तित्व पर खतरा
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 06 Sep 2017 4:16 AM
अरवल : जल संरक्षण के सहायक और प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ लाइफ लाइन के रूप में पहचान बनाने वाले जिला क्षेत्र के तमाम आहर व पोखर के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है. आहर व पोखर की भूमि पर लोगों के शोषण की बुरी निगाहें पड़ने लगी है, जिस कारण जिले क्षेत्र के कई आहर […]
अरवल : जल संरक्षण के सहायक और प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ लाइफ लाइन के रूप में पहचान बनाने वाले जिला क्षेत्र के तमाम आहर व पोखर के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है. आहर व पोखर की भूमि पर लोगों के शोषण की बुरी निगाहें पड़ने लगी है, जिस कारण जिले क्षेत्र के कई आहर व तालाब की भूमि पर अतिक्रमण करने का सिलसिला जारी है.
अतिक्रमण के कारण कई तालाब व पोखर का अस्तित्व समाप्त हो गया है. वहीं अन्य स्थानों पर अस्तित्व समाप्ति के कगार पर पहुंच गया है, जिस कारण भूमि जल संरक्षण पर खतरा मंडरा रहा है. पशु-पक्षियों का अाभ्यारण पर भी संकट के बादल मंडराने लगा है फिर भी स्थानीय प्रशासन व जनप्रतिनिधि द्वारा कोई कारगर कदम नहीं उठाया जा रहा है, जबकि सरकार द्वारा भू-जल संरक्षण के लिए कई प्रकार की योजनाएं चलायी जाने की घोषणाएं की गयी है.
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