ePaper

पशुओं पर कहर बनकर टूट रही लंपी बीमारी, टीकाकरण में लापरवाही का आरोप

Updated at : 26 Aug 2025 5:52 PM (IST)
विज्ञापन
पशुओं पर कहर बनकर टूट रही लंपी बीमारी, टीकाकरण में लापरवाही का आरोप

होमियोपैथिक और घरेलू उपचार के सहारे हो रहा इलाज

विज्ञापन

चरपोखरी.

प्रखंड में इन दिनों लंपी बीमारी ने पशुपालकों की नींद उड़ा दी है. प्रखंड के कई गांवों में यह बीमारी तेजी से फैल रही है, जिससे कई पशुओं की मौत हो चुकी है. पशुपालकों का कहना है कि सरकारी स्तर पर टीकाकरण में लापरवाही बरती गयी है, जिसकी वजह से हालात इतने खराब हो गये हैं. पशुपालक बराढ़ निवासी अभिषेक तिवारी ने कहा कि पशुओं स्थिति यह है कि पशु इस बीमारी से ग्रसित होकर खाना-पीना छोड़ रहे हैं.

इस बीमारी के कारण पशुओं का शरीर के पूरे हिस्से में जख्म जैसा निशान, शरीर का तापमान बढ़ना, पैर में सूजन आदि हो रहा है. इधर इस बीमारी के सामने पशुपालक लाचार बने हुए हैं. वे इस बीमारी से निपटने के लिए घरेलू उपचार के साथ-साथ होमियोपैथिक दवाओं का सहारा ले रहे हैं, लेकिन इससे कुछ सुधार की संभावना नहीं बन पा रही है. ऐसे में पशुपालक काफी चिंतित हैं.

बीमारी से त्राहिमाम, कई पशुओं ने तोड़ा दमचरपोखरी के कोरी गांव निवासी राजेंद्र साह की एक गाय की इस बीमारी से मौत हो चुकी है. वहीं, कोयल पंचायत के पूर्व पैक्स अध्यक्ष कमलेश मिश्रा का बछड़ा भी इस बीमारी से बुरी तरह ग्रसित है. इस बीमारी ने इलाके के लगभग सभी गाय, भैंस और अन्य पालतू पशुओं को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे वे कमजोर होते जा रहे हैं. पशुपालकों का कहना है कि अगर सरकार ने समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया, तो कई किसान अपने पशुओं से हाथ धो बैठेंगे. कुम्हैला के भरत साह, शिवनारायण साह, बराढ़ के श्रीहरी पासवान और ढेढ़ा के जरबन सिंह जैसे कई पशुपालकों ने बताया कि उनके पशुओं की हालत बेहद खराब है. उन्होंने सरकार से इस बीमारी को रोकने के लिए एक बड़ा अभियान चलाने की मांग की है.

टीकाकरण पर उठे सवाल, कागजी खानापूर्ति”” का आरोपइस बीमारी के विकराल रूप धारण करने के पीछे पशुपालकों ने टीकाकरण में लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है. बराढ़ निवासी राजू कुमार ने बताया कि इस साल जुलाई में लंपी बीमारी का टीकाकरण कराया गया था, लेकिन यह काम सिर्फ कागजी खानापूर्ति बनकर रह गया. उन्होंने आरोप लगाया कि जमीनी स्तर पर सही से काम नहीं हुआ, जिसकी वजह से आज हर गांव में यह बीमारी पैर पसार रही है. पशुपालकों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि इस बीमारी से कैसे छुटकारा पाया जाए.

बोले जिला पशुपालन पदाधिकारीअगर टीकाकरण में किसी भी तरह की लापरवाही बरती गयी है और इसकी लिखित शिकायत आती है, तो मामले की जांच कर इसमें शामिल कर्मियों पर कार्रवाई की जायेगी.

दिनकर कुमार जिला पशुपालन पदाधिकारी,आरा

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
DEVENDRA DUBEY

लेखक के बारे में

By DEVENDRA DUBEY

DEVENDRA DUBEY is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन