आरा में प्रदूषण से परेशान लोग, AQI 150-160 के आसपास; सड़क निर्माण और कचरा प्रबंधन पर उठे सवाल

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सांकेतिक तस्वीर

आरा शहर में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है, AQI 150-160 के बीच है. शहर में चल रहे सड़क निर्माण, कचरा प्रबंधन की कमी और ऐतिहासिक तालाबों पर अतिक्रमण इसके प्रमुख कारण हैं. इन समस्याओं से निपटने के उपाय भी बताए गए हैं.

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Arrah Pollution: जिला मुख्यालय आरा में वायु प्रदूषण की स्थिति खराब बनी हुई है. शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) वर्तमान में 150-160 के आसपास बताया जा रहा है. इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सबसे अधिक प्रदूषण समाहरणालय के पास मापा गया है.

कई जगहों पर चल रहा सड़क निर्माण

शहर में कई जगहों पर सड़क निर्माण का काम चल रहा है. निर्माण के दौरान गिट्टी, बालू और सीमेंट का मिश्रण इस्तेमाल किया जा रहा है. धूप होने पर सीमेंट और धूलकण हवा में फैल रहे हैं, जिससे प्रदूषण बढ़ रहा है.

सड़क की धूल और कचरा प्रबंधन बड़ी समस्या

शहर में सड़कों पर उड़ती धूल, ऐतिहासिक तालाबों पर अतिक्रमण और कचरा प्रबंधन की कमी को वायु प्रदूषण बढ़ने की प्रमुख वजह बताया गया है. निर्माण कार्य, वाहनों के धुएं और पीएम 2.5 तथा पीएम 10 के बढ़ते स्तर से हवा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है.

तालाबों पर अतिक्रमण का भी असर

शहर और आसपास के इलाकों में ऐतिहासिक तालाब अतिक्रमण की चपेट में हैं. गांधीनगर और बिंद टोली क्षेत्र के अलावा कलेक्ट्री तालाब, गोढ़ना रोड तालाब समेत अन्य तालाबों पर अतिक्रमण से भी पर्यावरण पर असर पड़ रहा है.

नियमित कचरा उठाव नहीं होने से बढ़ रही परेशानी

नगर निगम क्षेत्र में नियमित कचरा उठाव नहीं होने और नालियों की समय पर सफाई नहीं होने से भी प्रदूषण बढ़ रहा है. खुले में कचरा जमा रहने से बदबू और प्रदूषण के साथ बीमारियां फैलने का खतरा भी बना हुआ है.

पौधों के रखरखाव पर भी सवाल

वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से सड़कों के किनारे पौधे लगाने के प्रयास किए गए हैं, लेकिन उचित रखरखाव के अभाव में कई पौधे नष्ट हो रहे हैं. इससे शहर के हरित आवरण पर भी असर पड़ रहा है. https://bspcb.bihar.gov.in/

AQI के विभिन्न स्तर और प्रभाव

  • 0-50 : अच्छा - हवा साफ होती है और स्वास्थ्य को कोई खतरा नहीं होता.
  • 51-100 : संतोषजनक/मध्यम - हवा स्वीकार्य होती है, लेकिन बहुत संवेदनशील लोगों को हल्की सांस की तकलीफ हो सकती है.
  • 101-200 : खराब - सांस के मरीजों और बुजुर्गों को सीने में जकड़न या सांस लेने में दिक्कत हो सकती है.
  • 201-500 : खराब से गंभीर - हवा स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से नुकसानदायक हो सकती है. स्वस्थ लोगों को भी फेफड़ों और आंखों में जलन, खांसी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं.

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नरेद्र प्रसाद सिंह

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By नरेद्र प्रसाद सिंह

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