जमीन सर्वे को लेकर खतियान के लिए रिकॉर्ड रूम में लगी रही भीड़, लोग परेशान

Updated at : 10 Sep 2024 9:49 PM (IST)
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Bihar news

सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक लग रही भीड़पांच रुपये का लग रहा टिकट

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आरा.

सरकार ने जिले में जमीन के सर्वे की घोषणा की है. इसके साथ ही कई कागजातों को अपने पूर्वजों के नाम से खतियान में दर्ज जमीन को अपने नाम पर करने के लिए आवश्यकता बताया गया है. इसमें सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज खतियान एवं वंशावली है. इसे लेकर समाहरणालय में लोगों की भीड़ उमड़ रही है.

खतियान के लिए रिकॉर्ड रूम में सुबह से ही उमड़ रही भीड़ : खतियान के लिए समाहरणालय परिसर से सटे रिकॉर्ड रूम में लोगों की भीड़ सुबह से ही उमड़ रही है. भीड़ की स्थिति ऐसी है कि कई लोग भीड़ में नहीं जा पा रहे हैं. कई लोगों का कहना है कि इस तरह की भीड़ में खड़ा होने पर हादसा हो सकता है. कई तरह की शारीरिक परेशानी हो सकती है. इसके बावजूद काफी संख्या में लोग अपने आवेदन लेकर रिकॉर्ड रूम में पहुंच रहे हैं. स्थिति ऐसी है कि सभी एक दूसरे को पीछे कर आगे हो जाना चाह रहे हैं. खिड़की के पास पहुंचने के लिए गुथम गुत्थी हो रही है. इससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है.

प्रतिदिन 500 से अधिक दिये जा रहे हैं खतियान के लिए आवेदन : रिकॉर्ड रूम में जहां सभी दस्तावेज रहते हैं, खतियान के लिए प्रतिदिन 500 से अधिक लोग आवेदन दे रहे हैं. पांच रुपये के टिकट लगे इस आवेदन को सवाल कहा जाता है. इतने आवेदन को प्राप्त करने में कर्मियों के भी पसीने छूट रहे हैं. सुबह 9:00 बजे से ही लोग काउंटर पर पहुंचने लगते हैं. यह सिलसिला दोपहर बाद 2:00 बजे तक चलता है.

शाहाबाद जिले के सथी दस्तावेज रिकॉर्ड रूम में हैं : पूर्व में शाहाबाद जिला के मुख्यालय आरा होने के कारण पुराने सारे दस्तावेज आरा रिकॉर्ड रूम में ही संरक्षित हैं. इसलिए अपने खतियान लेने के लिए लोग इन जिलों से भी काफी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं. इस कारण भी भीड़ में काफी बढ़ोतरी हो रही है.

अभी तीन पीढ़ी पुराने लोगों के नाम पर ही है दस्तावेज : लोगों की जागरूकता की स्थिति ऐसी है कि अधिकांश लोगों की जमीन तीन पीढ़ी पहले के पूर्वजों के नाम पर ही है. इसको लोगों ने अपने नाम पर नहीं कराया है. इस कारण दस्तावेज आरा में ही संरक्षित हैं.

वहीं, कुछ लोगों ने अपने दस्तावेज को अपने नाम पर अपडेट कर लिया है. ऐसे लोगों को परेशानी नहीं हो पा रही है. हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में इस मामले में जागरूकता की काफी कमी थी. इसलिए लोगों को परेशानी हो रही है.

वंशावली के लिए भी लग रही है भीड़ : समाहरणालय परिसर एवं सिविल कोर्ट में वंशावली बनाने के लिए भी लोगों की भीड़ लग रही है. कर्मियों एवं अधिकारियों द्वारा लोगों को कार्यपालक दंडाधिकारी द्वारा बनाये गये वंशावली देने की बात कही जा रही है. इसलिए समाहरणालय परिसर, मुख्तरखाना एवं सिविल कोर्ट में अधिवक्ताओं के पास वंशावली को लेकर काफी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं एवं अपना वंशावली अधिवक्ताओं के माध्यम से कार्यपालक दंडाधिकारी से बनवा रहे हैं. हालांकि सर्वे कर्मियों द्वारा बताया जा रहा है कि स्व घोषित वंशावली भी लिया जायेगा.

अपने पूर्वजों से अपने रिश्ते को जोड़ने के लिए वंशावली की आवश्यकता होती है, ताकि पूर्वजों के नाम पर खतियान में अंकित जमीन उनके नाम पर सर्वे के दौरान हस्तांतरित किया जा सके, जिससे लोगों को सुविधा हो.

नेट से निकाला गया खतियान भी मान्य : रिकॉर्ड रूम के बड़ा बाबू ने बताया कि नेट से निकाला गया खतियान भी मान्य है. लोग अनावश्यक भीड़ रिकॉर्ड रूम में लगा रहे हैं. डिजिटल सिग्नेचर भी मान्य है. हालांकि लोग इसे सही नहीं मान रहे हैं. बजाप्ता टिकट लगे खतियान के नकल को ही सही मान रहे हैं.

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