प्रभात खबर के कार्यक्रम में उमड़ी लोगों की भीड़, सम्मान पाकर गौरव से भर उठी अपराजिताएं

Published by : Nikhil Anurag Updated At : 28 May 2026 7:51 PM

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अपराजिता महिला सम्मान समारोह में 13 महिलाओं को सम्मानित किया गया

Arrah News: आरा के नागरी प्रचारिणी सभागार में प्रभात खबर द्वारा आयोजित अपराजिता महिला सम्मान समारोह में 13 महिलाओं को सम्मानित किया गया, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रस्तुतियों ने पूरे आयोजन को आकर्षक बनाया.

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Arrah News:(नरेन्द्र प्रसाद सिंह की रिपोर्ट) स्वावलंबन व सामाजिक बदलाव की राह में अपने बुलंद हौसलों के साथ आगे बढ़ रही अपराजिता महिलाओं को जैसे ही प्रभात खबर के मंच पर सम्मानित किया गया, पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा. अपने बुंलद हौसलों व संघर्ष के बल पर समाज को नई दिशा देने का प्रयास कर रही अपराजिताओं को प्रभात खबर की ओर से सम्मानित किया गया. सम्मान पाकर अपराजिताओं के न सिर्फ चेहरे खिल उठे, बल्कि उनके हौसले भी बुलंद हो उठे.सम्मान पाकर अपराजिता गौरव से भर उठी. उनके चेहरे पर एक चमक दिखाई देने लगी. वही अपने बुलंद हौसलों के साथ एक स्वर में प्रभात खबर को थैंक यू कहा.


कार्यक्रम के हजारों लोग बने गवाह

नगर के नागरी प्रचारिणी सभागार में प्रभात खबर द्वारा आयोजित अपराजिता महिला सम्मान समारोह हास्य व्यंग्य एवं सुरों की सुगंध में हजारों लोगों के भीड़ जुटी थी. विभिन्न क्षेत्रों में विपरीत परिस्थितियों के बावजूद आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम कर सामाजिक बदलाव की नई परिभाषा कर रही. जिले की कुल 13 अपराजिता महिलाओं को मंच से सम्मानित किया गया. इस ऐतिहासिक पल को हर कोई अपने मोबाइल में कैद करने के लिए उत्सुक दिखा. कार्यक्रम के दौरान मशहूर हास्य व व्यंग कवि एहतेशाम कुरैशी ने लोगों को खूब हंसाया. वही सुप्रसिद्ध गायिका नम्रता दास ने अपनी सुरों की मिठास से लोगों को झूमने पर विवश कर दिया.

एहतेशान कुरैशी के हास्य व्यंग एवं नम्रता दास की गायकी से शराबोर हुए नगरवासी

बुधवार की शाम नगर के नागरी प्रचारिणी सभागार में आयोजित प्रभात खबर अपराजिता सम्मान समारोह में हास्य कलाकार एहतेशाम कुरैशी एवं चर्चित गायिका नम्रता दास ने ठहाकों और सुरों की ऐसी जुगलबंदी की कि लोग देर रात तक इसमें डूबते उतराते रहे. कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से श्रोताओं को अभिभूत कर दिया. आरा नगर एक अविस्मरणीय पल का गवाह बना,जब भोजपुर की अपराजिताएं एक-एक कर सम्मानित होती गई.अपनी बुद्धि कर्मठता और अथक प्रयासों की बदौलत समाज में विशेष पहचान बनाने वाली महिलाओं के सम्मानित होते वक्त मंच से लेकर दर्शक दीर्घा तक सभी अभिभूत थे. आधी आबादी को समर्पित इस कार्यक्रम में प्रभात खबर ने भोजपुर जिले की उन महिलाओं को सम्मानित किया, जिन्होंने राज्य और देश को गौरवान्वित किया है. समारोह में जिले की 13 अपराजिता महिलाएं सम्मानित की गई.जिन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य ,समाज सेवा, साहित्य ,खेल आदि के क्षेत्र में अपना नाम रौशन किया है.आयोजन के प्रति उत्सुकता ही थी कि दर्शक शाम होते ही कार्यक्रम स्थल पर जुड़ने लगे थे. सबने प्रभात खबर के आयोजन की मुक्त कंठ से प्रशंसा की.

सम्मान से अभिभूत अपराजिताओं ने कहा धन्यवाद प्रभात खबर

आरा नगर के नागरी प्रचारिणी सभागार में प्रभात खबर द्वारा आयोजित अपराजिता सम्मान समारोह सह रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान नगर के सम्मानित 13 अपराजिताओं ने सम्मान से अभिभूत होकर कहा कि प्रभात खबर आधी आबादी की पूरा ध्यान रखता है. इसकी प्रशंसा जितनी भी की जाए, कम है.


बोली अपराजिताएं

डॉ वंदना सिंह, चिकित्सक
किसी के कार्य को मान्यता देना भी अपने आप में महत्वपूर्ण कार्य होता है. इसके लिए प्रभात खबर को धन्यवाद करूंगी ,क्योंकि यह सम्मान मेरे लिए गर्व की बात है .मैं इस सम्मान के अवसर पर यह कहना चाहती हूं कि सम्मान एक और नई जिम्मेवारी देता है. सम्मान से  आवश्यक हो जाता है कि अपने काम को और आगे बढ़ाते हुए उसे शिखर पर ले जाया जाए.प्रभात खबर के  स्नेह ने अपराजिता होने का गर्व भी कराया है, उससे मैं अभिभूत हूं.

सुचिता जैन, शिक्षाविद्
सार्वजनिक मंच से यह सम्मान मिलना गर्व की बात है. इस तरह का कार्यक्रम कर प्रभात खबर ने सराहनीय कदम उठाया है. महिला सशक्तिकरण की दिशा में यह सम्मान मील का पत्थर साबित होगा. आज महिलाएं हर क्षेत्र में सशक्त हो रही हैं .ऐसे अवसर पर सम्मान मिलेगा तो और ज्यादा आत्मविश्वास बढ़ेगा. महिलाओं को लगातार प्रयास करना होगा और आगे आना होगा.

डॉ अर्चना सिंह, शिक्षाविद

किसी के लिए भी  सम्मान मिलना जीवन के लिए यह अविस्मरणीय पल है . नारियां किसी से कम नहीं है .इस बात का एहसास आज मिले सम्मान के बाद हुआ. प्रभात खबर के द्वारा आयोजित इस सम्मान समारोह के लिए जब चयनित होने की जानकारी मिली तो मैं अपनी भावनाओं को रोक नहीं सकी. मुझे काफी खुशी है.

साधना श्रीवास्तव, रंगमंच कालाकार

मैंने महिला होने के बावजूद हिम्मत नहीं हारा अपना संघर्ष जारी रखा ताकि सफलता के मुकाम को छू सकूं.इस तरह के कार्यक्रम के लिए प्रभात खबर टीम को मेरी तरफ से बधाई .छोटी-छोटी सफलताओं से आत्मबल बढ़ा और बिहार कुश्ती टीम का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला.


आकर्षि, नृत्यांगना
आज मुझे जो सम्मान मिला है वह मेरे लिए गर्व की बात है मेरे द्वारा चलाए गए मुहिम को देखकर प्रभात खबर ने अपराजिता सम्मान के लिए मुझे चुना इसके लिए पूरे टीम को बधाई देती हूं. हर साल ऐसे आयोजन हो तो समाज की अन्य महिलाओं को आगे आने का अवसर मिलेगा.

प्रीति पुतुल, कवयित्री
जब प्रभात खबर परिवार की तरफ से यह जानकारी मिली कि मुझे अपराजिता सम्मान के लिए चुना गया है मैं अपनी भावनाएं रोक नहीं सकी आज प्रभात खबर द्वारा मिले सम्मान ने इतना मेरे लक्ष्य को और मजबूत कर दिया है यह सम्मान जीवन को और आगे बढ़ने में मदद करेगा

निकहत परवीन, हैंडीक्राफ्ट प्रशिक्षक
देश की आबादी में महिलाओं की आधी हिस्सेदारी है वर्षों से हाशिए पर डाल दी गई महिलाओं ने अब अपने दमखम पर एक नई पहचान बनाई है आजकल महिलाओं के सशक्तिकरण की बात होती है पर हम तो पहले से सशक्त हैं इस तरह का सम्मान मिलने से हम अपने को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं हमारे कार्यकाल में अपने पंचायत का विकास भी तेज गति से हो रहा है यह सम्मान मिलने पर पूरे प्रभात खबर टीम को बधाई देती हूं.

किरण कुमारी, वुशू खिलाड़ी

समाज बदल रहा है.महिलाओं ने अपनी उपस्थिति का  मजबूत एहसास कराया है .प्रभात खबर के इस कार्यक्रम में महिलाओं के प्रति अखबार की सोच दिखाई देती है. महिलाओं ने बुलंदियों पर जाने का काम किया है .उसका सम्मान प्रभात खबर ने दिया .ऐसे मौकों पर विचारों के आदान- प्रदान के साथ काफी कुछ सीखने को भी मिलता है. इस कार्यक्रम के लिए प्रभात खबर को बधाई देती हूं.

डॉ शिप्पी जैन, शिक्षाविद

कभी भी  महिलाओं  के योगदान को  भुलाया नहीं जा सकता.पहले  इसकी गिनती नहीं की जाती थी , पर आज  महिलाओं ने  अपनी पहचान बना कर  समाज को  मान्यता देने के लिए मजबूर कर दिया है .किसी भी समुदाय, समाज ,राज्य या देश का विकास वहां की महिलाओं की शिक्षा, रोजगार व सामाजिक स्थिति होती है. महिलाएं ही समाज का निर्माण करती हैं.  समाज में महिलाओं की हिस्सेदारी में कमी होने से ठहराव आता है.

डॉ गुंजन सिंह, चिकित्सक
महिलाओं को अब असहाय समझना भूल है. महिलाओं ने  अपनी क्षमता साबित कर दी है.हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं .संघर्ष कर अपना रास्ता बना रही है. जिस समाज या देश में महिलाओं को सम्मान मिल रहा है ,वह समाज आगे बढ़ रहा है .उनकी अलग पहचान बन रही है .प्रभात खबर ने महिलाओं को सम्मानित कर उनके हौसलों को पंख लगाने का काम किया है.

डॉ रीचा भगत, दंत चिकित्सक व जिम ट्रेनर

महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है तथा शिखर पर पहुंची है. प्रभात खबर ने अपराजिता सम्मान समारोह आयोजित कर  उन्हें उनके योगदान का एहसास करा रहा है . आज के समय में प्रतिभा की कमी नहीं है .सशक्त महिलाओं को अपने जैसे ही रोल मॉडल बनाने होंगे .उनको अपनी प्रतिभा लोगों के बीच बांटनी होगी. दूसरों को भी प्रोत्साहित कर आगे लाना होगा.


डॉ संगीता गुप्ता, चिकित्सक

अबला जीवन हाय तुम्हारी यही कहानी वाली सोच को समाज को बदलना होगा .महिला अपराजेय है .कल भी थी और आगे भी रहेगी. कुछ  कालखंड में महिलाओं को हाशिए पर डाल दिया गया था, पर अपनी जज्बा, लगन व मेहनत से महिलाओं ने मुकाम हासिल किया है. प्रभात खबर ने इसे मंच देकर अच्छा काम किया है.

डॉ सविता रूंगटा, चिकित्सक

प्रभात खबर की भूमिका सराहनीय है. सम्मान समारोह से समाज के प्रति इस अखबार के दायित्व बोध का पता चलता है. महिलाओं को सम्मानित करके अखबार ने काफी उत्कृष्ट काम किया है. इसकी सराहना होनी चाहिए. ऐसे कार्यक्रमों से महिलाओं में उत्साह बढ़ता है.

आरा की अपराजिताओं की सूची

  1. डॉ वंदना सिंह, चिकित्सक : प्रसिद्ध महिला चिकित्सक है, जो एमबीबीएस डीजीओ हैं. ये मास्टर कोर्स के आइवीएफ के माध्यम से सैकड़ों महिलाओं को संतान का सुख दे चुकी है. इनके पास देश के कई राज्यों से मरीज आते हैं.
  2. सुचिता जैन, शिक्षाविद् : पटना विमेंस कॉलेज से मनोविज्ञान में स्नातक और शिक्षा जगत की कुशल नेतृत्वकर्ता हैं. वे किडजी आरा की निदेशक तथा माउंट लिट्रा जी स्कूल, आरा की उपाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं. अपने प्रेरणादायी और व्यक्तित्व से वे शिक्षकों एवं विद्यार्थियों दोनों को सदैव आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं.
  3. डॉ अर्चना सिंह, शिक्षाविद:भोजपुर के शिक्षा जगत और स्थानीय संभावना आवासीय उच्च विद्यालय, मझौंवा की प्राचार्या डाॅ अर्चना सिंह को एक अत्यंत सम्मानित, कर्मठ और प्रेरणादायी शिक्षाविद् के रूप में जाना जाता है. इनके नेतृत्व में स्कूल ने शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन मुकाम हासिल किया है. वे विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कड़े अनुशासन को प्राथमिकता देती हैं. उनके मार्गदर्शन में स्कूल में पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद, कला, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामाजिक गतिविधियों को भी समान महत्व दिया जाता है.
  4. साधना श्रीवास्तव, रंगमंच कालाकार : साधना श्रीवास्तव ने रंगमंच की विधा में पिछले 20 वर्षों से उल्लेखनीय और निरंतर योगदान दिया है. उन्होंने देश के विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों पर प्रसिद्ध निर्देशकों के साथ 200 से अधिक मंचीय नाटकों की प्रभावशाली प्रस्तुति दी है. विशेष रूप से लोकनायक भिखारी ठाकुर की अमर कृति ‘बिदेसिया’ के 50 से अधिक मंचनों में अभिनय करने का उन्हें सौभाग्य प्राप्त हुआ है. साधना श्रीवास्तव को द्वितीय बिहार राज्य अंतर विश्विद्यालय सांस्कृतिक महोत्सव तरंग-2009 में अभिनय के लिए स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ है. इसके अलावा नूर फातिमा सम्मान, सतीश कुमार मिश्रा सम्मान, भिखारी ठाकुर सम्मान, बिहार युवा रंगमंच रत्न श्री सम्मान आदि से सम्मानित किया जा चुका है.
  5. आकर्षि, नृत्यांगना : आकर्षि नृत्य के क्षेत्र में तेजी से उभरता हुआ एक नाम है. इन्होंने प्रयाग संगीत समिति से कथक नृत्य और गायन में प्रभाकर की डिग्री हासिल की. स्थानीय श्री शत्रुंजय संगीत विद्यालय एवं सावित्री श्याम संगीत महाविद्यालय से दोनों विधाओं में निपुणता हासिल की. आकर्षि ने स्थानीय एवं राज्य स्तरीय मंचों पर भावपूर्ण प्रस्तुति दी है. वे +2 अमीरचंद कन्या विद्यालय में नृत्य शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं और सावित्री श्याम संगीत महाविद्यालय में अवैतनिक प्रशिक्षक के रूप में नयी पीढ़ी को प्रशिक्षण दे रही हैं.
  6. प्रीति पुतुल, कवयित्री : शहर के न्यू कॉलोनी अनाइठ मोहल्ला निवासी शशि भूषण मिश्र की सुपुत्री एवं अंजनी कुमार पांडेय की जीवनसंगिनी प्रीति पुतुल एक शिक्षाविद् व कवयित्री हैं, जिन्होंने तीन विषयों में स्नातकोत्तर करने के साथ-साथ वर्तमान में पीएचडी. शोधार्थी के रूप में अपनी उच्च शिक्षा को जारी रखा है. वे वर्तमान में +2 शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं. साहित्य जगत में उनकी गहरी पैठ है, और उनकी लिखी विभिन्न उत्कृष्ट कविताएँ एवं ज्ञानवर्धक आलेख निरंतर प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहते हैं. लेखन के साथ-साथ संपादन कला में भी वे बेहद निपुण हैं, जिसके तहत वे जिला शिक्षा विभाग की मासिक पत्रिका उद्गम की संपादकीय सदस्या होने के साथ ही विभागीय तीन पुस्तकों और दो काव्य संग्रहों का सफल संपादन कर चुकी हैं.
  7. निकहत परवीन, हैंडीक्राफ्ट प्रशिक्षक : पारिवारिक पाबंदियों और कठिनाइयों का सामना करते हुए आरा शहर की निकहत परवीन ने भोजपुर महिला कला केंद्र से जुड़कर सिलाई, कढ़ाई और क्रूसिया ज्वैलरी जैसी कलाओं का प्रशिक्षण लिया. शुरुआत में विरोध करने वाले उनके पति आज उनके हुनर और अटूट आत्मविश्वास को देखकर उनके सबसे बड़े मददगार और समर्थक बन चुके हैं. निकहत ने विभिन्न गांवों की लगभग 5000 महिलाओं (विशेषकर महादलित समुदाय) को हैंडीक्राफ्ट का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया. उनके इस अथक प्रयास के कारण करीब 50 महिलाएं आज अपना खुद का रोजगार शुरू कर चुकी हैं.
  8. किरण कुमारी, वुशू खिलाड़ी : आरा शहर के ब्लॉक रोड की रहने वाली किरण कुमारी ने वुशू खेल में अपनी एक खास और अलग पहचान बनायी है. सीता राम की सुपुत्री किरण ने ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ (मेंस/वूमेंस) वुशू चैंपियनशिप 2024-25 में कांस्य पदक जीता है. इस प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप के अलावा, उन्होंने 23वीं जूनियर नेशनल वुशू चैंपियनशिप में भी अपना शानदार हुनर दिखाया है. राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में लगातार बेहतर प्रदर्शन करके उन्होंने अपने क्षेत्र और परिवार का नाम रोशन किया है.
  9. डॉ शिप्पी जैन, शिक्षाविद : डॉ शिप्पी जैन ज्ञान ज्योति आवासीय विद्यालय के प्राचार्या के साथ-साथ शिक्षाविद् है. ये शिक्षा के क्षेत्र में 25 सालों से प्राचार्य के पद पर रहते हुए कई सराहनीय सामाजिक काम भी किये है.
  10. डॉ गुंजन सिंह, चिकित्सक : डॉ गुंजन सिंह एमबीबीएस गोल्ड मेडलिस्ट है. ये शहर की एक जानी-मानी महिला चिकित्सक हैं.
  11. डॉ रीचा भगत, दंत चिकित्सक व जिम ट्रेनर : डॉ रीचा भगत का चिकित्सा के साथ-साथ स्वास्थ्य पर भी फोकस रहता है. ये शहर की पहली महिला हैं, जो जिम भी चलाती है, जहां सैकड़ों लोग स्वास्थ्य लाभ लेते हैं.
  12. डॉ संगीता गुप्ता, चिकित्सक : डॉ संगीता गुप्ता स्त्री प्रसूति और बांझपन रोग विशेषज्ञ हैं. इनके यहां इलाज के माध्यम से कई रोगी लाभान्वित हो रहे हैं.
  13. डॉ सविता रूंगटा, चिकित्सक : डॉ सविता रूंगटा एक जानी-मानी महिला चिकित्सक हैं, जो सामाजिक कार्यों में बढ़- चढ कर हिस्सा लेती हैं.

अपराजिता सम्मान समारोह को प्रायोजकों ने बनाया खास
अपराजिता सम्मान समारोह में प्रायोजकों की अहम भूमिका है कार्यक्रम के मुख्य प्रायोजक वास्तु विहार के साथ एसोसिएट स्पॉन्सर माउंट लिट्रा जी स्कूल श्रीवर्धन संभावना आवासीय उच्च विद्यालय वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय हैं वही को स्पॉन्सर लल्लू भाई श्री लेदर जीडी गोयंका मेडिकल हॉस्पिटल योगेंद्र इंस्टीट्यूट आफ नर्सिंग ट्रेनिंग डीके कार्मल रेजिडेंशियल हाई स्कूल है जबकि हमारे पार्टनर पर होंडा सब कॉलेज जिनवाणी मैनेजमेंट कॉलेज पाल कलेक्शन शेखर पाली ट्यूब प्राइवेट लिमिटेड नारायण हेल्थ केयर सेंटर सुधा दूध उत्पादक सहकारी संघ कुमार जैन ज्ञानस्थली उच्च विद्यालय और आर्यन मेमोरियल हॉस्पिटल हैं जबकि हमारे हॉस्पिटैलिटी पार्टनर होटल रीगल के प्रोपराइटर कन्हैया प्रसाद है जो पूर्व एमएलसी एनडीए प्रत्याशी हैं वही प्रभात खबर के इस कार्यक्रम को लेकर जिले वीडियो में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है.

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Nikhil Anurag

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