आरा जंक्शन पर पटना-इंदौर एक्सप्रेस के ठहराव की अबतक नहीं मिली मंजूरी, आंदोलन की तैयारी में लोग

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 12 Aug 2025 7:11 PM

विज्ञापन

आरा जंक्शन

Patna-Indore Express: आरा जंक्शन पर सालों से यात्रियों की मांगें पूरी नहीं हो पाई हैं. जरूरी ट्रेनों का ठहराव और नियमित संचालन न होने से लोग परेशान हैं. नेताओं की चुप्पी से नाराज यात्री अब आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं ताकि उनकी पुरानी मांगें पूरी हो सकें.

विज्ञापन

Patna-Indore Express: दानापुर मंडल के प्रमुख स्टेशनों में शामिल आरा जंक्शन पर यात्रियों की वर्षों से लंबित मांगें अबतक पूरी नहीं हो पायी हैं. इनमें 19313/14 और 19321/22 पटना-इंदौर एक्सप्रेस का ठहराव, राजधानी एक्सप्रेस का ठहराव और 03347/48 पटना-कोलकाता गरीब रथ स्पेशल का स्थायी परिचालन प्रमुख हैं. यात्रियों और स्थानीय रेल संगठनों ने केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय से इन मांगों को पूरा करने की मुहिम तेज कर दी है.

हावड़ा-नयी दिल्ली रूट पर स्थित आरा जंक्शन से भोजपुर, सासाराम, छपरा, सीवान, बलिया समेत कई जिलों के यात्री सफर करते हैं. इसके बावजूद यात्रियों की सुविधाओं की अनदेखी की जा रही है. वर्षों से ट्रेनों के ठहराव और विस्तार की मांग तेज है, लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधियों की चुप्पी से यात्रियों में निराशा और नाराजगी है.

पटना-इंदौर वाया सुल्तानपुर और वाया अयोध्या एक्सप्रेस के आरा में ठहराव की मांग लंबे समय से की जा रही है. यात्रियों का कहना है कि यह ठहराव वाणिज्य और परिचालन दोनों दृष्टिकोण से उचित है, लेकिन दानापुर मंडल व हाजीपुर मुख्यालय द्वारा फिजिबिलिटी रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को नहीं भेजे जाने से यह मांग मंजूर नहीं हो रही है. भोजपुर और आसपास के जिलों से हर साल हजारों श्रद्धालु उज्जैन जाते हैं, जबकि कई छात्र और कामगार इंदौर में रहते हैं. इसके बावजूद आरा से सीधी रेल सुविधा उपलब्ध नहीं है.

स्पेशल ट्रेनों का स्थायी परिचालन नहीं होने से परेशानी

आरा से चलने वाली 03319/20 कैपिटल एक्सप्रेस और 03347/48 गरीब रथ स्पेशल का स्थायी परिचालन नहीं होने से यात्रियों को परेशानी हो रही है. गुवाहाटी, सिलीगुड़ी और कोलकाता जाने के लिए दो बार रिजर्वेशन कराना पड़ता है और स्पेशल ट्रेनों में 1.5 गुना अधिक किराया देना पड़ता है. इससे बुकिंग कम होती है और ट्रेनें खाली चलती हैं.

बिहार चुनाव की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

गरीब रथ का गेट आरा में हमेशा बंद, यात्रियों को पटना जाना पड़ता है

आरा से कोलकाता जाने के लिए गरीब रथ का परिचालन पटना से आरा के बीच स्पेशल के रूप में किया जा रहा है, लेकिन आरा में यात्रियों को चढ़ने की सुविधा नहीं है. एसी कोच और अधिक किराए के कारण ट्रेन में सीटें खाली रहती हैं. यात्रियों का आरोप है कि रेलवे ने नियमित ट्रेन देने की बजाय स्पेशल का लॉलीपॉप देकर पल्ला झाड़ लिया है.

स्पेशल ट्रेनों के नियमित परिचालन को लेकर अबतक सांसद और विधायक ने संसद या विधानसभा में आवाज नहीं उठायी है. यात्रियों का आरोप है कि सांसद सुदामा प्रसाद ने मौजूदा संसद सत्र में भी इस मुद्दे को नहीं उठाया.

रेलयात्री संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर सांसद ने रेल मंत्री से मांग नहीं की, तो उनका विरोध और घेराव किया जायेगा. आरा जंक्शन से जुड़ी इन लंबित मांगों के पूरे न होने से यात्रियों में रोष बढ़ता जा रहा है और अब आंदोलन की तैयारी तेज हो रही है.

इसे भी पढ़ें: टिफिन बॉक्स में किसान से 20000 लेते धराये राजस्व कर्मचारी, औरंगाबाद में निगरानी विभाग की बड़ी कार्रवाई

विज्ञापन
Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन