रेलवे को ज्यादा रेवेन्यू देने वाले आरा जंक्शन के दोनों गेट बने तालाब, गंदे पानी से गुजर रहे यात्री

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आरा जंक्शन की फाइल फोटो

बारिश होते ही आरा जंक्शन के दोनों मुख्य प्रवेश द्वार जलमग्न हो जाते हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. पुराने नालों की जर्जर व्यवस्था और लंबित निर्माण कार्य इस समस्या को बढ़ा रहे हैं.

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Arrah Junction Waterlogging : दानापुर रेल मंडल के प्रमुख और सर्वाधिक राजस्व देने वाले स्टेशनों में शामिल आरा जंक्शन की व्यवस्था थोड़ी सी बारिश में ही सवालों के घेरे में आ गई है. बारिश होते ही रेलवे परिसर के दोनों मुख्य प्रवेश द्वारों पर पानी का जमाव हो जा रहा है.

हालात ऐसे हैं कि महिला यात्रियों, बुजुर्गों और छोटे-छोटे बच्चों को भी गंदे पानी के बीच से होकर स्टेशन में प्रवेश और बाहर निकलने को मजबूर होना पड़ रहा है. इससे यात्रियों में रेलवे प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी जा रही है.

पुराने नाले पूरी तरह ठप और ध्वस्त व्यवस्था

बताया जाता है कि रेलवे परिसर में बने पुराने नाले लंबे समय से पूरी तरह ठप पड़े हैं. नालों की समुचित सफाई और जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी रेलवे परिसर में जमा हो जाता है. दूसरी ओर, बिहार सरकार की सड़क के ऊंचे हो जाने और रेलवे परिसर की जलनिकासी व्यवस्था कमजोर पड़ने से पानी के निकास का रास्ता और भी बाधित हो गया है.

बारिश के बाद मुख्य द्वार पर जमा गंदा पानी यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन जाता है. कई यात्रियों को जूते-चप्पल हाथ में लेकर पानी पार करना पड़ता है, जबकि छोटे बच्चों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है.

गति शक्ति के अधीन लंबित नाला निर्माण कार्य

रेलवे सूत्रों के अनुसार, रेलवे परिसर में जलनिकासी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नाला निर्माण का काम गति शक्ति के अधीन प्रस्तावित है. दानापुर के डीआरएम द्वारा आरा जंक्शन के निरीक्षण के दौरान कई बार संबंधित अधिकारियों को नाला निर्माण और जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश भी दिया जा चुका है.

इसके बावजूद अब तक नाला निर्माण का काम धरातल पर शुरू नहीं हो सका है. स्थानीय यात्रियों का कहना है कि आरा जंक्शन से रेलवे को भारी राजस्व प्राप्त होता है. इसके बावजूद यात्रियों को बुनियादी सुविधाओं के लिए बारिश के पानी में उतरना पड़े, यह रेलवे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है.

सीएचआई और स्टेशन प्रबंधक का पत्राचार

इस संबंध में रेलवे के सीएचआई जितेंद्र सिंह ने बताया कि रेलवे परिसर के दोनों मुख्य द्वारों पर बारिश के दौरान पानी जमा होने से यात्रियों को परेशानी हो रही है. इस समस्या को लेकर स्टेशन प्रबंधक एनके राय और उनके द्वारा दानापुर मुख्यालय को पत्राचार किया गया है.

उन्होंने बताया कि रेलवे परिसर में नाला निर्माण का काम गति शक्ति के अधीन है. उनके अनुसार, गति शक्ति की ओर से फिलहाल बिल्डिंग निर्माण पर काम किया जा रहा है, जबकि नाला निर्माण का कार्य नहीं होने के कारण बारिश और नाले का पानी रेलवे परिसर में जमा हो रहा है.

बुनियादी सुविधाओं की मांग और यात्रियों की नाराजगी

आरा जंक्शन दानापुर रेल मंडल के महत्वपूर्ण स्टेशनों में शामिल है और यहां से रेलवे को बड़ी मात्रा में राजस्व प्राप्त होता है. ऐसे में यात्रियों के लिए साफ-सफाई, जलनिकासी और सुरक्षित आवागमन जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना रेलवे की प्राथमिकता होनी चाहिए.

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बारिश की कुछ बूंदों के बाद ही मुख्य द्वार पर जलजमाव की स्थिति यह सवाल खड़ा कर रही है कि आखिर कब तक यात्रियों को इस परेशानी से जूझना पड़ेगा?

यात्रियों की मांग है कि रेलवे प्रशासन नाला निर्माण का काम जल्द शुरू कराकर जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था करे, ताकि आरा जंक्शन आने वाले यात्रियों को बारिश के मौसम में गंदे पानी से होकर गुजरने की मजबूरी से निजात मिल सके.


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आशुतोष पांडेय

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By आशुतोष पांडेय

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