स्वच्छता मित्र एप को लेकर कार्यशाला आयोजित

Published by : PRAPHULL BHARTI Updated At : 12 Apr 2026 8:40 PM

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कार्यशाला में डीडीसी ने दिये कई निर्देश

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अररिया. समाहरणालय परिसर स्थित डीआरडीए सभागार में ठोस तरल व अपशिष्ट कचरा प्रबंधन के तहत हर घर से कूड़ा का उठाव व इसका निष्पादन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से स्वच्छता मित्र एप पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जाना है. डीडीसी रोजी कुमारी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला में स्वच्छ भारत मिशन व लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान अंतर्गत पलासी, भरगामा, कुर्साकांटा व सिकटी प्रखंड के सभी प्रखंड समन्वयक, कार्यपालक सहायक, स्वच्छता पर्यवेक्षक, वार रूम के कर्मी शामिल हुए. कार्यशाला में डीआरडीए निदेशक, एपीओ, जिला समन्वयक विनय कुमार झा, जिला सलाहकार सीबी एंड आइइसी यशवंत कुमार सहित अन्य उपस्थित थे. कार्यशाला को संबोधित करते हुए डीडीसी रोजी कुमारी ने कहा कि ठोस तरल व अपशिष्ट प्रबंधन कार्य के तहत हर घर से कूड़ा का उठाव किया जाना है. स्वच्छता मित्र एप पर इसकी एंट्री की जानी है व स्वच्छता कर्मी की उपस्थिति दर्ज करनी है. इसी उपस्थित के आधार पर स्वच्छता कर्मी को मानदेय दिया जायेगा.

डेटा एंट्री ऑपरेटर को किया बर्खास्त

अररिया. जिले के फारबिसगंज अंचल कार्यालय में कार्यरत डेटा एंट्री ऑपरेटर योगेश कुमार चौधरी को निगरानी इकाई की विशेष टीम द्वारा रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया गया. रिश्वत लेने के आरोप में उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है. यह कार्रवाई विशेष निगरानी इकाई द्वारा दर्ज मामले व विभागीय जांच के आधार पर किया गया है. अंचल अधिकारी फारबिसगंज द्वारा जारी आदेश में उल्लेखित है कि विशेष निगरानी इकाई की टीम ने दिनांक 31 अक्टूबर 2025 को योगेश कुमार चौधरी को 10,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया था. इस संबंध में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के सुसंगत धाराओं के तहत तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. गिरफ्तारी के पश्चात आरोपी को चिकित्सीय आधार पर जमानत दी गयी थी. इसके उपरांत दिनांक 26 दिसंबर 2025 को संबंधित कर्मी द्वारा पुनः अंचल कार्यालय फारबिसगंज में योगदान किया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए उनसे स्पष्टीकरण की मांग गयी थी. भूमि सुधार उप समाहर्ता, फारबिसगंज के माध्यम से प्राप्त स्पष्टीकरण में उन्होंने आरोपों से इंकार किया. किंतु विशेष निगरानी इकाई द्वारा रंगेहाथ गिरफ्तारी को प्रमुख साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया गया. विभागीय जांच में यह स्पष्ट पाया गया कि संबंधित कर्मी का आचरण न केवल भ्रष्टाचार से जुड़ा है. बल्कि यह सरकारी सेवा के मानकों एवं अनुशासन के प्रतिकूल भी है. फलस्वरूप वरीय अधिकारियों द्वारा कठोर कार्रवाई की अनुशंसा की गयी. उक्त तथ्यों के आलोक में योगेश कुमार चौधरी को दिनांक 31 अक्टूबर 2025 से प्रभावी रूप से डेटा एंट्री ऑपरेटर के पद से सेवा मुक्त कर दिया गया है.

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