डॉक्टर की लापरवाही के कारण गयी पत्नी की जान

Updated at : 01 Jun 2024 7:33 PM (IST)
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डॉक्टर की लापरवाही के कारण गयी पत्नी की जान

डॉक्टर पर लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप

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अररिया. बार एसोसिएशन के अधिवक्ता मदन प्रसाद ने अपनी पत्नी बेबी देवी की मौत मामले में डॉ निलेश भूषण पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष निराकरण आयोग में केस दायर किया है. बताया गया है कि मामला उपभोक्ता फोरम में लंबित है. मुकदमा की पैरवी अधिवक्ता मदन प्रसाद सहित वरीय अधिवक्ता विनोद प्रसाद द्वारा की जा रही है. अधिवक्ता मदन प्रसाद ने दाखिल अपने परिवाद पत्र में दर्शाया है कि उनकी पत्नी बेबी देवी को 28 जनवरी 2022 को पेट में दर्द हुआ था. उसे दिखाने के लिए डॉ नीलेश भूषण के पास गये थे. डॉ नीलेश द्वारा बहुत सारा जांच लिखा गया था. निर्देशानुसार सभी जांच कराया गया था, रिपोर्ट में पेट में पत्थर पाया गया. 07 फरवरी 2022 को सहमति पत्र पर दस्तखत लेने के बाद ऑपरेशन किया गया, लेकिन ऑपरेशन के बाद मेरी पत्नी बैचेन रहने लगी. 08 फरवरी को 2022 को एक और महिला का भी ऑपरेशन किया गया, लेकिन उक्त महिला का भी 09 फरवरी 2022 को निधन हो गया व उनके हॉस्पिटल में तोड़फोड़ व हंगामा किया गया था. इस हड़बड़ाहट में मेरी पत्नी को उन्होंने पेट में और पेशाब नली में जो पाइप लगी थी. उसे निकाल दिया व 10 फरवरी 2022 को डिस्चार्ज कर दिया, जबकि मेरी पत्नी को बहुत ही बैचेनी थी. पेट से पाइप निकलने के कारण उनका पेट फूलता चला गया. जब 13 फरवरी 2022 को पुनः डॉ नीलेश भूषण से मिलने गया तो उपचार कर छोड़ दिये, बोले ठीक हो जायेगा, फिर भी वह ठीक नही हुई. जबकि एनबीएमसी प्राइवेट लिमिटेड सिलीगुड़ी में जांच से पता चला कि पीत की दीवार जख्मी है. ऑपरेशन करना होगा. वहां पूरा पेट खोल दिया गया, पेट खुलने पर पता चला कि टाइटेनिक क्लिप चारों खुली पायी गयी थी. जो डॉ नीलेश भूषण द्वारा की गयी लापरवाही को दर्शाता है. इसके बाद फिर 11 मार्च 2022 को एमआरआइ कराया गया व 15 मार्च 2022 को पुनः सहमति पत्र पर हस्ताक्षर लेकर पूरा पेट खोलकर ऑपरेशन कर दिये. अधिवक्ता ने बताया कि उनकी पत्नी के पेट में थैला व पाइप लगभग सवा साल लगा रहा, मेरी पत्नी का देहांत 15 जून 2023 को हो गया. इस दौरान 14 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं. डॉ नीलेश भूषण की लापरवाही के कारण मेरी पत्नी की मौत हुई, मेरा पांव भी टूट गया, चलने से लाचार हूं व पांच साल की बच्ची है, बच्ची के भविष्य को लेकर चिंतित रहता हूं. मामला काफी पुराना है, जो सही उपचार था, वह किया गया, मेरे ऊपर लगाये गये आरोप बेबुनियाद हैं. डॉ निलेश भूषण, सर्जन अररिया.

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