स्वच्छता के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति, कुर्साकांटा में कबाड़ बन गए कचरा ढोने वाले रिक्शे

Updated:
विज्ञापन

सुभाष स्टेडियम में फैला कचड़े का अंबार निकल रहा दुर्गंध

Swachh Bharat Mission: अररिया जिले के कुर्साकांटा प्रखंड में ‘स्वच्छ भारत अभियान’ दम तोड़ता नजर आ रहा है. धरातल पर साफ-सफाई न होने और कचरा गाड़ियों के कबाड़ में तब्दील होने से नाराज ग्रामीणों ने यूजर चार्ज देने से साफ इनकार कर दिया है, जिसके बाद बीडीओ ने जांच के कड़े निर्देश जारी किए हैं.

विज्ञापन

आपके शहर में

विज्ञापन

Swachh Bharat Mission: बिहार के सीमांचल प्रक्षेत्र अंतर्गत अररिया जिले के कुर्साकांटा प्रखंड में केंद्र व राज्य सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना ‘स्वच्छ भारत मिशन’ स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विभागीय प्रभारियों की उदासीनता के कारण विसंगतियों का शिकार हो गई है. सुदूर देहाती इलाकों और शहरी वार्डों को साफ-सुथरा रखने के दावे धरातल पर पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं. क्षेत्र के अधिकांश गांवों में नियमित साफ-सफाई न होने से आम जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है. प्रशासनिक मानिटरिंग की घोर कमी के कारण यह पूरा अभियान केवल विधिक कागजों और फाइलों तक ही सिमट कर रह गया है, जिससे प्रक्षेत्र में गंदगी का अंबार लगा हुआ है.

कबाड़ में तब्दील हुए स्वच्छता रिक्शे; यूजर चार्ज वसूलने में छूट रहे कर्मियों के पसीने

प्रखंड क्षेत्र में फैली इस प्रशासनिक अव्यवस्था और जमीनी कड़ियों की मुख्य जानकारियां इस प्रकार हैं. सरकार द्वारा प्रत्येक प्रखंड और पंचायत स्तर पर स्वच्छता पर्यवेक्षकों की मुस्तैद तैनाती की गई थी, साथ ही हर वार्ड में कनिष्ठ स्वच्छता कर्मियों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी.

इसके बावजूद आज जमीनी हकीकत यह है कि पंचायतों में लाखों रुपये की लागत से खरीदे गए कचरा ढोने वाले रिक्शे और ठेले सही रखरखाव के अभाव में यत्र-तत्र लावारिस हालत में सड़ रहे हैं. विधिक प्रावधानों के मुताबिक आम जनता से स्वच्छता के बदले ‘यूजर चार्ज’ (उपभोक्ता शुल्क) वसूलना है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि जब हफ्तों तक कोई कर्मी कचरा उठाने नहीं आता, तो वे किस बात का विधिक शुल्क भुगतान करें. इसी वजह से कनिष्ठ कर्मियों को फील्ड में भारी फजीहत और विरोध का सामना करना पड़ रहा है.

जानकारी मिली है, लापरवाही बरतने वालों पर होगी विधिक कार्रवाई: बीडीओ

“प्रखंड प्रक्षेत्र में स्वच्छता कार्य की इस बदहाली और अनियमितताओं को लेकर जब कुर्साकांटा की प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) नेहा कुमारी से लाइव सवाल किया गया, तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया. उन्होंने बताया कि जमीनी विसंगतियों की शिकायतें उन तक पहुंची हैं. प्रखंड स्वच्छता पर्यवेक्षक को तुरंत पूरे प्रक्षेत्र का मुआयना करने का कड़ा निर्देश जारी कर दिया गया है. इसके साथ ही पूरी लाइव रिपोर्ट तैयार कर जिला मुख्यालय के वरीय कप्तानों को प्रेषित की जा रही है, ताकि दोषी प्रभारियों और ठेकेदारों के खिलाफ विधिक कार्रवाई संधारित की जा सके.”

Swachh Bharat Mission: जागरूक हैं ग्रामीण, बस सुचारू प्रशासनिक कमान की है दरकार

स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और कली-मजदूरों का कहना है कि वे स्वच्छता को लेकर पूरी तरह जागरूक हैं और अपने प्रक्षेत्र को साफ रखने के लिए विधिक सहयोग देने को भी तैयार हैं. जरूरत सिर्फ इस बात की है कि पंचायत स्तर पर ठप पड़ी इस व्यवस्था को पुनर्जीवित कर सुचारू रूप से संचालित किया जाए.

सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला कप्तानों से मांग की है कि कचरा प्रोसेसिंग यूनिट्स (WPU) को लाइव मोड में लाया जाए और बंद पड़े कनिष्ठ संसाधनों की मरम्मत कराई जाए, ताकि ‘स्वच्छ सुंदर सीमांचल’ का सपना धरातल पर हकीकत का रूप संधारित कर सके.

अररिया की ख़बरों को पढने के लिए क्लिक करें !

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन