बारिश व तेज हवा से किसानों की बढ़ी चिंता, धान की फसल पर छाये संकट के बादल

Edited by PRAPHULL BHARTI
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साइक्लोन मोंथा का अररिया में दिख रहा असर

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भरगामा. साइक्लोन मोंथा का असर बिहार के अररिया जिले के सीमावर्ती इलाकों में दिखने लगा है. भरगामा प्रखंड क्षेत्र में बुधवार से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. खेतों में तैयार खड़ी धान की फसल पर मौसम की यह मार भारी पड़ सकती है. किसानों के अनुसार इस बार मौसम अनुकूल रहने के कारण धान की अच्छी पैदावार की उम्मीद थी. शंकरपुर के उपमुखिया संदीप यादव, आशीष सिंह सोलंकी, वीरेंद्र सिंह, प्रदीप सिंह, कन्हैया सिंह, ओमप्रकाश कुंवर, पूर्व उपमुखिया सरोज सिंह, अनिल सिंह आदि किसान ने बताया कि इस वर्ष धान की औसत पैदावार करीब तीन मन प्रति कट्ठा होने की उम्मीद थी. लेकिन अचानक शुरू हुई तेज बारिश व हवा ने सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. किसानों का कहना है कि लगातार बारिश व तेज हवाओं से खेतों में खड़ी फसल गिर रही है. जिससे धान के बालियों में अंकुरण (अंकुर फूटना) की आशंका बढ़ गई है. इससे न केवल उत्पादन में गिरावट होगी बल्कि कटाई व मड़ाई की प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है.

मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग ने 31 अक्टूबर तक राज्य के कई जिलों में भारी वर्षा व 30 से 35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना जताई है. स्थानीय स्तर पर प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे मौसम की गंभीरता को देखते हुए सतर्क रहें व अनावश्यक रूप से खेतों या खुले क्षेत्रों में जाने से बचें.

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